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पुलिस हिरासत में युवक की मौत पर हंगामा

Sat, 05 Mar 2022 11:56 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 05 Mar 2022 11:56 PM IST
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Uproar over death of youth in police custody
नजीबाबाद में भाई की मौत पर विलाप करती बहन। - फोटो : NAZIBABAD
पुलिस हिरासत में युवक की मौत पर हंगामा
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नजीबाबाद (बिजनौर)। चोरी के आरोप में पकड़े गए युवक सुनील (34) की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस की पिटाई से मौत होने का आरोप लगाते हुए घंटों थाने पर हंगामा किया। मरने वाला युवक करीब ढाई साल पहले अप्रशिक्षित दंत चिकित्सक के रूप में काम करता था और वह दो बार चोरी के आरोप में जेल जा चुका है।
सुनील मोहल्ला अंसारियान, हल्दौर का रहने वाला था और उसे ग्रामीणों ने गांव अकबरपुर चौगांवा में शुक्रवार देर रात ग्राम प्रधान के यहां अनाज चोरी के आरोप में पकड़कर खंभे से बांध दिया। उस समय प्रधानपति प्रदीप कुमार परिवार के साथ बढ़ापुर शादी में गए हुए थे, उनकी सूचना पर पहुंची पुलिस सुनील को थाने ले आई थी। उसकी तबियत खराब होने पर पुलिस उसे एक निजी अस्पताल ले गई, जहां उसकी मौत हो गई। सुनील की दिमागी हालत भी ठीक नहीं थी। एसपी बिजनौर डॉ.धर्मवीर सिंह ने बताया कि युवक पहले भी दो बार चोरी के आरोप में जेल जा चुका है। उसे चोरी करते हुए ग्रामीणों ने पकड़ा था। वह युवक नशे की हालत में था। मामले की जांच कराई जा रही है।
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दिनभर होता रहा हंगामा, सीओ को सौंपी जांच
नजीबाबाद (बिजनौर)। चोरी के आरोप में थाने लाए गए युवक की मौत पर सुबह से लेकर शाम तक हंगामा चलता रहा। करीब दो घंटे तक परिजनों ने थाने में हंगामा किया। वहां से पुलिस ने समझा बुझाकर भेजा तो परिजन शाम को पुलिस कार्यालय पहुंच गए। एसपी ने डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराने और वीडियोग्राफी तथा कार्रवाई का आश्वासन दिया। मामले की जांच सीओ को सौंपी गई है।
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शनिवार को हालत बिगड़ने के बाद पुलिस ने करीब नौ बजे निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इसके बाद थाने पहुंचे सुनील के परिजनों बहन पुष्पा देवी, मनोज कुमार, सुरेश कुमार, राजकुमार, सुमित कुमार ने पीआरवी और पुलिस की पिटाई से सुनील की मौत होने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। भारतीय किसान यूनियन तोमर गुट के राष्ट्रीय प्रवक्ता चंद्रवीर सिंह, जिलाध्यक्ष विपिन कुमार, युवा जिलाध्यक्ष चौधरी विशाल बालियान सहित अनेक किसान थाने पहुंच गए।
किसान नेताओं और परिजनों का आरोप था कि ग्राम प्रधान के पति ने सुनील को ठीक-ठाक पुलिस को सौंपा था। पीआरवी व पुलिस की पिटाई से चिकित्सक सुनील की मौत हुई है। परिजनों और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर सुनील की मौत के बावजूद मामले को छिपाए रखने तथा उनको सूचना दिए बिना शव को आनन-फानन में बिजनौर भेजने पर रोष व्यक्त किया।
प्रदर्शनकारियों को थाना प्रभारी दिनेश गौड़, अपराध निरीक्षक अर्जुन सिंह, एसएसआई राजीव चौधरी ने पीआरवी व पुलिस द्वारा सुनील की पिटाई न करने तथा अचानक बीमार होने पर उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराने की जानकारी दी।
नगीना के सीओ सुमित शुक्ला ने थाने पहुंचकर जलालाबाद के पूर्व चेयरमैन मो. याकूब, चेयरमैन के पति लियाकत अंसारी की उपस्थिति में परिजनों और किसान नेताओं से वार्ता की। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने को कहा। निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े एसडीएम मनोज कुमार सिंह ने बिजनौर से लौटने पर थाने पहुंचकर घटना की जानकारी की।
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चिकित्सकों का पैनल करेगा पोस्टमार्टम
सीओ सुमित शुक्ला ने चिकित्सकों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराने, पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी आदि कराने तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिस पर प्रदर्शनकारी शांत हुए।
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प्रधान के पति ने पीआरवी को सौंपा
भाकियू तोमर गुट के युवा जिलाध्यक्ष चौधरी विशाल बालियान ने प्रधान के पति प्रदीप कुमार से घटना की जानकारी की। प्रधान के पति ने बताया कि वह बढ़ापुर क्षेत्र में शादी में गया हुआ था। परिवार से उसे अनाज चोरी में व्यक्ति के पकड़े जाने की सूचना मिली। उसने तत्काल गांव पहुंचकर व्यक्ति को पीआरवी के हवाले कर दिया। प्रधान के पति ने उसके नशे में होने और नशे की गोलियां उसके पास होने की जानकारी दी।
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परिजनों का शरीर पर चोटें होने से मौत का आरोप
चिकित्सक सुनील की बहन पुष्पा देवी, मामा सुरेश प्रजापति और परिजनों का कहना है कि लगभग दो वर्ष से वह मानसिक रूप से बीमार था, उस पर चोरी का आरोप ग्राम प्रधान के पति ने गलत लगाया है। परिजनों और किसान नेताओं का कहना है कि चिकित्सक के शरीर पर चोट के गंभीर निशान हैं। उसकी ग्रामीणों, पीआरवी या फिर पुलिस द्वारा थाने में की गई पिटाई से मौत हुई है।

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दो दिनों से लापता था युवक
मानसिक रूप से बीमार चल रहा युवक दो दिनों से अपने घर नहीं गया था। पुलिस का दावा है कि वह पहले भी दो बार चोरी के आरोप में जेल जा चुका है। वहीं पुलिस का कहना है कि युवक के पास से नशे की गोलियां बरामद हुई हैं। दो साल पहले तक वह शेरकोट में क्लीनिक भी चलाता था। दंत चिकित्सक के रूप में काम करने वाला युवक मानसिक रूप से बीमार बताया गया।
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