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Bijnor News: बिजनौर - परीक्षा बोझ नहीं, पढ़ाई की सतत प्रक्रिया
Thu, 02 Feb 2023 11:31 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Thu, 02 Feb 2023 11:31 PM IST
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- बच्चे सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर परीक्षा दें, अभिभावक बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा शुरू होने में 15 दिन से भी कम समय बचा है। इस समय विद्यार्थी परीक्षा को लेकर मनोवैज्ञानिक दबाव महसूस करने लगते हैं। विद्यार्थी सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर परीक्षा दें। परीक्षा बोझ नहीं, पढ़ाई की सतत प्रक्रिया है। शिक्षाविद एवं चिकित्सकों के अनुसार परीक्षा में बच्चों का मनोबल बनाए रखने में अभिभावकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा 16 फरवरी से प्रस्तावित हैं। विद्यार्थियों ने सभी विषयों की तैयारी करीब-करीब पूरी कर ली है। विद्यार्थी विषय विशेषज्ञों से जरूरी टिप्स लेकर अध्ययन करने में लगे हैं। मनोवैज्ञानिकों एवं चिकित्सकों का मानना है कि ऐसे में बच्चों का आत्मविश्वास बनाए रखना जरूरी है। इसमें अभिभावकों की भूमिका बढ़ जाती है।
ये है मनोवैज्ञानिक दबाव के लक्षण
विवेक काॅलेज ऑफ लाॅ की उप प्राचार्या एवं मनोविज्ञान की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पुष्पा जोशी एवं चिकित्सक डॉ. शोभिता अग्रवाल के अनुसार
विद्यार्थी परीक्षा के दौरान रात दिन पढ़ते हैं जो ठीक नहीं है। परीक्षा के दौरान नींद पूरी नहीं होती है। जिससे बच्चे के बीमार पड़ने का खतरा हो जाता है। बच्चे हड़बड़ाहट में परीक्षा के दौरान गणित, विज्ञान जैसे विषयों के फार्मूले भूलने लगते हैं। बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं लगता है। परीक्षा में बच्चों को उल्टी दस्त आने की शिकायत होने लगती है। बच्चे को बार-बार लघुशंका जाने की समस्या होने लगती है। बच्चे को चक्कर आने की शिकायत होने लगती है।
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अभिभावक ऐसे बढ़ाएं आत्म विश्वास
आरजेपी इंटर काॅलेज बिजनौर के उप प्रधानाचार्य गयूर आसिफ व गणित प्रवक्ता सुधांशु वत्स के अनुसार परीक्षा के दौरान इस तरह के मामले आते हैं। अभिभावक बच्चे को यह भरोसा दिलाएं कि उसकी हर विषय की तैयारी पूरी है। बच्चे को परीक्षा के दौरान भरपूर नींद दिलाएं। बच्चे को बताएं कि परीक्षा बोझ नहीं है। नियमित पढ़ाई का ही हिस्सा है। बच्चे की किसी दूसरे बच्चे से तुलना करके अधिक अंक लाने का दबाव नहीं बनाएं।अभिभावक परीक्षा के दौरान बच्चे के साथ अधिक समय व्यतीत करें। परीक्षा के दौरान बच्चे के खानपान पर विशेष ध्यान रखें। परीक्षा के दौरान बच्चे को पचने वाला पोषक तत्वों से भरपूर भोजन दें, जंक फूड से बचें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा शुरू होने में 15 दिन से भी कम समय बचा है। इस समय विद्यार्थी परीक्षा को लेकर मनोवैज्ञानिक दबाव महसूस करने लगते हैं। विद्यार्थी सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर परीक्षा दें। परीक्षा बोझ नहीं, पढ़ाई की सतत प्रक्रिया है। शिक्षाविद एवं चिकित्सकों के अनुसार परीक्षा में बच्चों का मनोबल बनाए रखने में अभिभावकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा 16 फरवरी से प्रस्तावित हैं। विद्यार्थियों ने सभी विषयों की तैयारी करीब-करीब पूरी कर ली है। विद्यार्थी विषय विशेषज्ञों से जरूरी टिप्स लेकर अध्ययन करने में लगे हैं। मनोवैज्ञानिकों एवं चिकित्सकों का मानना है कि ऐसे में बच्चों का आत्मविश्वास बनाए रखना जरूरी है। इसमें अभिभावकों की भूमिका बढ़ जाती है।
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ये है मनोवैज्ञानिक दबाव के लक्षण
विवेक काॅलेज ऑफ लाॅ की उप प्राचार्या एवं मनोविज्ञान की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पुष्पा जोशी एवं चिकित्सक डॉ. शोभिता अग्रवाल के अनुसार
विद्यार्थी परीक्षा के दौरान रात दिन पढ़ते हैं जो ठीक नहीं है। परीक्षा के दौरान नींद पूरी नहीं होती है। जिससे बच्चे के बीमार पड़ने का खतरा हो जाता है। बच्चे हड़बड़ाहट में परीक्षा के दौरान गणित, विज्ञान जैसे विषयों के फार्मूले भूलने लगते हैं। बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं लगता है। परीक्षा में बच्चों को उल्टी दस्त आने की शिकायत होने लगती है। बच्चे को बार-बार लघुशंका जाने की समस्या होने लगती है। बच्चे को चक्कर आने की शिकायत होने लगती है।
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अभिभावक ऐसे बढ़ाएं आत्म विश्वास
आरजेपी इंटर काॅलेज बिजनौर के उप प्रधानाचार्य गयूर आसिफ व गणित प्रवक्ता सुधांशु वत्स के अनुसार परीक्षा के दौरान इस तरह के मामले आते हैं। अभिभावक बच्चे को यह भरोसा दिलाएं कि उसकी हर विषय की तैयारी पूरी है। बच्चे को परीक्षा के दौरान भरपूर नींद दिलाएं। बच्चे को बताएं कि परीक्षा बोझ नहीं है। नियमित पढ़ाई का ही हिस्सा है। बच्चे की किसी दूसरे बच्चे से तुलना करके अधिक अंक लाने का दबाव नहीं बनाएं।अभिभावक परीक्षा के दौरान बच्चे के साथ अधिक समय व्यतीत करें। परीक्षा के दौरान बच्चे के खानपान पर विशेष ध्यान रखें। परीक्षा के दौरान बच्चे को पचने वाला पोषक तत्वों से भरपूर भोजन दें, जंक फूड से बचें।