UP: बिजनौर-उत्तराखंड के बीच सीमा विवाद को लेकर रार बरकार, अफसरों ने की पैमाइश, जानें पूरा मामला
Bijnor News : बिजनौर और उत्तराखंड के बीच सीमा विवाद को लेकर रार बरकार है। वहीं अफसरों ने शनिवार को की पैमाइश, लेकिन सहमति नहीं बनी। जानिए आखिर पूरा मामला क्या है।
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बिजनौर और उत्तराखंड के बीच सीमा विवाद को लेकर वर्षों से चल रही रार खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। सीमा विवाद को सुलझाने के लिए फिर से पैमाइश की गई लेकिन सहमति नहीं बनी। बिजनौर के अफसरों की ओर से सौंपे गए नक्शे और पैमाइश को उत्तराखंड के अधिकारियों ने नकार दिया। पैमाइश के वक्त दोनों राज्यों की भारी पुलिस फोर्स भी मौके पर मौजूद रही।
दोनों राज्यों की सीमा पर मौजूद गंगा खादर की जमीन में उत्तराखंड के किसानों ने फसल बो रखी है। इस जमीन पर बिजनौर के गांव बादशाहपुर के किसान अपना हक जताते रहे हैं। इसी के चलते शनिवार को एसडीएम सदर मोहित कुमार, सीओ सिटी अनिल कुमार के नेतृत्व में राजस्व कर्मियों की टीम गंगा खादर में पहुंची, उधर लक्सर एसडीएम गोपालराम बिनवाल भी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। दोनों राज्यों की संयुक्त टीम ने बिजनौर के बादशाहपुर गांव में लगी हद से पैमाइश शुरू की।
बताया गया कि दोनों राज्यों के अफसर अपनी अपनी सीमा से पैमाइश करते हुए पहुंच तो बीच में दो सौ मीटर लंबी जमीन बच गई। इस पर उत्तराखंड के अफसरों ने अपना हक जता दिया। उधर, बिजनौर की ओर से नक्शा भी सौंपा गया। जिसे उत्तराखंड के अफसरों ने नकार दिया। जिसे लेकर दोनों ही प्रदेशों के अफसरों के बीच गहमागहमी और नोकझोंक भी हुई। जब कोई हल नहीं निकल सका तो टीम बैरंग लौट आई।
हाईकोर्ट के आदेश पर हुई पैमाइश
खादर की इस जमीन पर दोनों ही प्रदेशों के किसान अपना अपना हक जताते रहे हैं। जिसके चलते मामला हाईकोर्ट तक भी पहुंचा। अब हाईकोर्ट के निर्देश पर ही इस जमीन की संयुक्त टीम ने पैमाइश की थी।
हजारों बीघा जमीन पर कब्जा, हो रही अवैध वसूली
जिस जमीन को लेकर रार चल रही है, इस पर फिलहाल उत्तराखंड के किसानों का कब्जा है। बताया जा रहा है कि इस विवादित जमीन पर फसल बोने के लिए अवैध वसूली भी की जाती है। इस वसूली में उत्तराखंड के ही कुछ अधिकारियों के शामिल होने का आरोप बिजनौर के किसान लगा रहे हैं।
पहले भी हो चुकी रार और फायरिंग
इस जमीन पर पहले भी पैमाइश के लिए टीम पहुंची थी, उस वक्त कुछ किसान असलहा के साथ पहुंचे थे, जिन्होंने फायरिंग कर दी थी। बिजनौर के अफसरों को पीएसी भी ले जानी पड़ी थी। उधर, दोनों ही प्रदेशों के अधिकारियों के बीच इस जमीन को लेकर पहले भी तनातनी हो चुकी है।
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संयुक्त टीम ने सर्वे किया। जो नक्शे में जमीन थी, वह पूरी होने के बाद करीब दो सौ मीटर जमीन बच गई। हमने उत्तराखंड की टीम को इस जमीन के लिए शासन से मार्ग दर्शन लेने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं माने। हम उच्चाधिकारियों को सर्वे रिपोर्ट सौंपेंगे। - मोहित कुमार, एसडीएम सदर
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बिजनौर टीम और हमारी टीम ने सर्वे किया था। यह बात सही है कि दो सौ मीटर जमीन बची है, लेकिन हमने बिजनौर की टीम से दोबारा किसी दूसरे सिहद्दे से सर्वे कराने को कहा है। ताकि सही स्थिति पता चल जाए। दूसरी तिथि निर्धारित होकर दोबारा सर्वे हो जाएगा। जो भी सामने आएगा, हमें मान्य होगा। - गोपालराम बिनवाल, एसडीएम लक्सर