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विवि ने प्रयोगात्मक परीक्षा का पैटर्न बदला
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विवि ने प्रयोगात्मक परीक्षा का पैटर्न बदला
बिजनौर। रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध डिग्री कॉलेजों में स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रयोगात्मक परीक्षा का पैटर्न पूरी तरह बदल गया है। नई व्यवस्था में प्रयोगात्मक परीक्षा ओपन बुक सिस्टम पैटर्न पर होंगी। विश्वविद्यालय ने इस बारे में निर्देश महाविद्यालयों को भेज दिए हैं।
अब तक प्रयोगात्मक परीक्षा छात्रों को प्रयोगशाला में बुलाकर होती थीं। परंतु नई व्यवस्था में छात्र प्रयोगशाला में नहीं आएंगे। वर्धमान कॉलेज बिजनौर में एसोसिएट प्रोफेसर व रूटा के अध्यक्ष डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण इस साल प्रयोगशालाओं में नहीं आए। जिसके कारण कई विषयों के प्रैक्टिकल नहीं हुए। जिस कारण व्यवस्था में बदलाव किया गया है। बताया कि ओपन बुक सिस्टम पैटर्न पर स्नातक व स्नातकोत्तर दोनों की परीक्षा होगी। विश्वविद्यालय ने कॉलेजों को प्रक्रिया से जुड़े निर्देश भेज दिए हैं। कॉलेजों ने विश्वविद्यालय के निर्देश के अनुसार तैयारी शुरू कर दी है।
ऐसे समझें ओपन बुक सिस्टम पैटर्न
डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि यदि परीक्षा 100 नंबर की है। तो अंकों का विभाजन ऐसे रहेगा।
1 - 30 नंबर जनरल असेसमेंट के होंगे। इसमें छात्र का रिकॉर्ड, हाजिरी, पूरे साल का परफॉर्मेंस शामिल हैं।
2 - 70 नंबर दो पार्ट में विभाजित है। पार्ट ए- छात्र को इस भाग में 24 घंटे पहले प्रैक्टिकल से जुड़ा टॉपिक बता दिया जाएगा। छात्र को टॉपिक में से सवालों का चयन करके जवाब लिखने होंगे। इसमें पांच सवाल वस्तुनिष्ठ, पांच सवाल वन लाइन जवाब वाले तथा पांच सवाल तीन से चार लाइन जवाब वाले होंगे। ये तीनों सवाल 35 नंबर के होंगे।
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पार्ट-बी भी 35 नंबर का होगा। सवाल पार्ट ए- की तरह तीन प्रकार के होंगे। अंतर यह होगा कि भाग बी में छात्र को प्रैक्टिकल देने कॉलेज आना है। छात्र को सिलेबस में से टॉपिक दिया जाएगा। कला वर्ग के छात्रों की मौखिक परीक्षा भी इसी प्रकार होगी। कॉलेजों को परीक्षा समाप्त होने के 24 घंटे के अंदर छात्रों के नंबर विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड करने होेंगे। इसके बाद किसी भी तरह का बदलाव नहीं हो सकेगा।
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बिजनौर। रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध डिग्री कॉलेजों में स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रयोगात्मक परीक्षा का पैटर्न पूरी तरह बदल गया है। नई व्यवस्था में प्रयोगात्मक परीक्षा ओपन बुक सिस्टम पैटर्न पर होंगी। विश्वविद्यालय ने इस बारे में निर्देश महाविद्यालयों को भेज दिए हैं।
अब तक प्रयोगात्मक परीक्षा छात्रों को प्रयोगशाला में बुलाकर होती थीं। परंतु नई व्यवस्था में छात्र प्रयोगशाला में नहीं आएंगे। वर्धमान कॉलेज बिजनौर में एसोसिएट प्रोफेसर व रूटा के अध्यक्ष डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण इस साल प्रयोगशालाओं में नहीं आए। जिसके कारण कई विषयों के प्रैक्टिकल नहीं हुए। जिस कारण व्यवस्था में बदलाव किया गया है। बताया कि ओपन बुक सिस्टम पैटर्न पर स्नातक व स्नातकोत्तर दोनों की परीक्षा होगी। विश्वविद्यालय ने कॉलेजों को प्रक्रिया से जुड़े निर्देश भेज दिए हैं। कॉलेजों ने विश्वविद्यालय के निर्देश के अनुसार तैयारी शुरू कर दी है।
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ऐसे समझें ओपन बुक सिस्टम पैटर्न
डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि यदि परीक्षा 100 नंबर की है। तो अंकों का विभाजन ऐसे रहेगा।
1 - 30 नंबर जनरल असेसमेंट के होंगे। इसमें छात्र का रिकॉर्ड, हाजिरी, पूरे साल का परफॉर्मेंस शामिल हैं।
2 - 70 नंबर दो पार्ट में विभाजित है। पार्ट ए- छात्र को इस भाग में 24 घंटे पहले प्रैक्टिकल से जुड़ा टॉपिक बता दिया जाएगा। छात्र को टॉपिक में से सवालों का चयन करके जवाब लिखने होंगे। इसमें पांच सवाल वस्तुनिष्ठ, पांच सवाल वन लाइन जवाब वाले तथा पांच सवाल तीन से चार लाइन जवाब वाले होंगे। ये तीनों सवाल 35 नंबर के होंगे।
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पार्ट-बी भी 35 नंबर का होगा। सवाल पार्ट ए- की तरह तीन प्रकार के होंगे। अंतर यह होगा कि भाग बी में छात्र को प्रैक्टिकल देने कॉलेज आना है। छात्र को सिलेबस में से टॉपिक दिया जाएगा। कला वर्ग के छात्रों की मौखिक परीक्षा भी इसी प्रकार होगी। कॉलेजों को परीक्षा समाप्त होने के 24 घंटे के अंदर छात्रों के नंबर विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड करने होेंगे। इसके बाद किसी भी तरह का बदलाव नहीं हो सकेगा।