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110 साल पुराने जर्जर हो चुके भवन में पढ़ने को मजबूर दो हजार छात्र

Sun, 03 Oct 2021 12:18 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 03 Oct 2021 12:18 AM IST
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Two thousand students are studying in the 110 year old ruined building
110 साल पुराने खंडहर भवन में पढ़ रहे हैं दो हजार छात्र
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बिजनौर। जीआईसी बिजनौर के खंडहर हो चुके 110 साल पुराने भवन में करीब दो हजार छात्र पढ़ने को मजबूर हैं। वहीं नई बिल्डिंग का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हुआ है। विभाग दावा कर रहा है कि निर्माण कर रही एजेंसी को कई रिमाइंडर भेजे जा चुके हैं, लेकिन निर्माण अभी भी अधूरा है। उधर जिला अभिभावक संघ ने स्कूल को नए भवन में स्थानांतरित न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
राजकीय इंटर कालेज में पढ़ने वाले करीब 2100 छात्रों को 110 साल पुराने जर्जर भवन में पढ़ाए जाने से अभिभावकों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अभिभावक संघ के जिलाध्यक्ष नृपेंद्र देशवाल का कहना है कि जब विद्यालय का भवन बनकर तैयार हो गया है, तो स्कूल को नए भवन में स्थानांतरित क्यों नहीं किया जा रहा है। छात्रों की जान जोखिम में डाली जा रही है।
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बताया गया कि जीआईसी की नई बिल्डिंग मल्टी सेक्टोरल योजना में अब प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत बनकर तैयार हो रही है। निर्माण की नोडल एजेंसी अल्पसंख्यक विभाग है। अल्पसंख्यक विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जीआईसी बिजनौर का भवन चार करोड़ 18 लाख की लागत से बन रहा है। निर्माण एजेंसी जल निगम की सीएनडीएस (कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विस) है। कुछ काम बाकी रह गया है। निर्माण एजेंसी को लगातार रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं। निर्माण पूरा होने पर भवन शिक्षा विभाग को हस्तांतरित कर दिया जाएगा।
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जिले में बन रहे हैं चार राजकीय इंटर कालेजों के भवन
जिले में जीआईसी बिजनौर, जीजीआईसी नहटोर, राजकीय बालिका इंटर कालेज किरतपुर तथा राजकीय इंटर कालेज अफजलगढ़ के नए भवन बन रहे हैं। चारों के निर्माण पर करीब करीब 17 करोड़ की लागत आएगी।
कब बनेगा जीआईसी सरकड़ा का भवन
जिले में पांच राजकीय इंटर कालेजों के भवन निष्प्रयोज्य घोषित हैं। इनमें से एक राजकीय इंटर कालेज सरकड़ा के भवन निर्माण को लेकर कोई शुरुआत नहीं है । भवन की खराब हालत को देखते हुए छात्रों को दूसरे सुरक्षित भवन में हस्तांतरित करने का विकल्प भेजा गया है।

वर्जन.....
राजकीय इंटर कालेज बिजनौर का भवन अभी तक पूरा बनकर तैयार नहीं है । शासन से निर्माण का पूरा पैसा नहीं मिला है। योजना अल्पसंख्यक विभाग के कार्यक्षेत्र में है। इसलिए अल्पसंख्यक विभाग को निर्माण जल्द पूरा करके शिक्षा विभाग को हस्तांतरित करने के लिए स्मरण पत्र भेजे जा रहे हैं। - राजेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक बिजनौर
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