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Bijnor News: बिजनौर में अंकुरित होंगी बासमती धान की दो नई प्रजाति
Sun, 04 Jun 2023 11:17 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Sun, 04 Jun 2023 11:17 PM IST
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-फोटो समाचार
-सरकारी फार्मों पर तैयार हो रही दोनों नई प्रजातियों की नर्सरी
-पीबी 1847
-पीबी 1692
-क्षेत्रफल 15 हेक्टेयर
ब्रजवीर चौधरी
बिजनौर। किसानों के लिए अच्छा उत्पादन देने वाली पूसा बासमती की दो नई प्रजातियां जिले की जमीन पर रोपित होंगी। पूसा बासमती की इन प्रजाति की सुगंध तेज और उत्पादन भी अच्छी है। इस बार यह सरकारी फार्मों पर 15 हेक्टेयर क्षेत्रफल में रोपी जाएंगी। पीबी 1692 नई प्रजाति एवं धान पीबी 1847 प्रजाति की नर्सरी तैयार की जा रही है।
जनपद के सरकारी कृषि फार्म पृथ्वीपुर और कादराबाद की जमीन पर पूसा बासमती 1692 नई प्रजाति, धान पूसा बासमती 1847 प्रजाति की नर्सरी तैयार की जा रही है। नई प्रजाति की एक फार्म 8 हेक्टेयर और दूसरे फार्म पर 7 हेक्टेयर क्षेत्रफल में रोपाई होगी। अफसरों का कहना है कि यह नई प्रजाति है और बीज के लिए इस साल सरकारी फार्मों पर ही रोपाई की जाएगी। अगली बार यह बीज किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। कम समय में पकने पर किसान दूसरी फसल की बुवाई कर सकते हैं। किसान गेंहू की फसल की बुवाई भी समय पर करके अच्छा उत्पादन पा सकते हैं। (संवाद)
कम गिरने वाली प्रजाति
जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्रा ने बताया कि पूसा बासमती 1847 (पीबी 1847) प्रजाति कम समय में पकने वाली प्रजाति है। कम बीमारी लगने वाली प्रजाति का बीज है। यह प्रजाति कम गिरने वाली और कम झड़ने वाली है। इस कारण किसानों को अच्छा उत्पादन प्राप्त होगा।
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कम अवधि में ज्यादा उत्पादन
पीबी 1692 कम समय में पक जाती है और उत्पादन अच्छा होने की संभावना है। यह करीब 100 से 110 दिन में पकने की उम्मीद है। कम समय में तैयार होने वाली इस फसल व गेहूं की बुवाई के समय किसान दूसरी फसल का उत्पादन कर सकते हैं।
-- -- -- - कोट
पूसा बासमती की दोनों नई प्रजाति पीबी 1847 एवं पीबी 1692 पहली वार यहां की जमीन पर रोपाई की जाएगी। अभी इन बीज से नर्सरी तैयार की जा रही है। यह कम गिरने वाली, कम समय में पकने वाली तथा अच्छा उत्पादन देने वाली प्रजाति है - डॉ. अवधेश मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी
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-सरकारी फार्मों पर तैयार हो रही दोनों नई प्रजातियों की नर्सरी
-पीबी 1847
-पीबी 1692
-क्षेत्रफल 15 हेक्टेयर
ब्रजवीर चौधरी
बिजनौर। किसानों के लिए अच्छा उत्पादन देने वाली पूसा बासमती की दो नई प्रजातियां जिले की जमीन पर रोपित होंगी। पूसा बासमती की इन प्रजाति की सुगंध तेज और उत्पादन भी अच्छी है। इस बार यह सरकारी फार्मों पर 15 हेक्टेयर क्षेत्रफल में रोपी जाएंगी। पीबी 1692 नई प्रजाति एवं धान पीबी 1847 प्रजाति की नर्सरी तैयार की जा रही है।
जनपद के सरकारी कृषि फार्म पृथ्वीपुर और कादराबाद की जमीन पर पूसा बासमती 1692 नई प्रजाति, धान पूसा बासमती 1847 प्रजाति की नर्सरी तैयार की जा रही है। नई प्रजाति की एक फार्म 8 हेक्टेयर और दूसरे फार्म पर 7 हेक्टेयर क्षेत्रफल में रोपाई होगी। अफसरों का कहना है कि यह नई प्रजाति है और बीज के लिए इस साल सरकारी फार्मों पर ही रोपाई की जाएगी। अगली बार यह बीज किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। कम समय में पकने पर किसान दूसरी फसल की बुवाई कर सकते हैं। किसान गेंहू की फसल की बुवाई भी समय पर करके अच्छा उत्पादन पा सकते हैं। (संवाद)
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कम गिरने वाली प्रजाति
जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्रा ने बताया कि पूसा बासमती 1847 (पीबी 1847) प्रजाति कम समय में पकने वाली प्रजाति है। कम बीमारी लगने वाली प्रजाति का बीज है। यह प्रजाति कम गिरने वाली और कम झड़ने वाली है। इस कारण किसानों को अच्छा उत्पादन प्राप्त होगा।
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कम अवधि में ज्यादा उत्पादन
पीबी 1692 कम समय में पक जाती है और उत्पादन अच्छा होने की संभावना है। यह करीब 100 से 110 दिन में पकने की उम्मीद है। कम समय में तैयार होने वाली इस फसल व गेहूं की बुवाई के समय किसान दूसरी फसल का उत्पादन कर सकते हैं।
पूसा बासमती की दोनों नई प्रजाति पीबी 1847 एवं पीबी 1692 पहली वार यहां की जमीन पर रोपाई की जाएगी। अभी इन बीज से नर्सरी तैयार की जा रही है। यह कम गिरने वाली, कम समय में पकने वाली तथा अच्छा उत्पादन देने वाली प्रजाति है - डॉ. अवधेश मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी