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Bijnor News: हादसे में तीन मौतों से अनाथ हो गए दो परिवार

Mon, 29 May 2023 12:30 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Mon, 29 May 2023 12:30 AM IST
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Two families orphaned by three deaths in the accident
- मुजफ्फरनगर के गांव तिस्सा में शनिवार रात हुआ था हादसा
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- एंबुलेंस चालक और दंपंती की मौत के बाद दो गांव में मातम
- दिव्यांग की रीढ़ की हड्डी में परेशानी के चलते उसे अस्पताल ले जाते समय हुआ हादसा
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
हल्दौर। मुजफ्फरनगर के भोपा थाने में पड़ने वाले तिस्सा गांव में हुए सड़क हादसे से जिले के दो गांवों में मातम पसरा हुआ है। हादसे में एक महिला, उसके बीमार पति और एंबुलेंस चालक की जान चली गई। जबकि इनके तीन रिश्तेदार गंभीर रूप से घायल हुए। हादसे में तीन की मौत के बाद दो परिवार पूरी तरह से अनाथ हो गए हैं।
ग्राम पंचायत अखलासपुर के मौजा मोहनपुर सिद्धपीठ निवासी दिव्यांग ऋषिपाल (35) पुत्र कलीराम की रीढ़ की हड्डी में दर्द होने से बीमार चल रहा था। बड़ा भाई मामराज उसका उपचार कराने के लिए गांव धर्मू पोटा निवासी सुभाष (48) पुत्र छतरपाल सिंह की एंबुलेंस से मुजफ्फरनगर की ओर जा रहे थे। शनिवार रात मुजफ्फरनगर के थाना भोपा क्षेत्र के गांव जौली-बेहड़ा सादात मार्ग पर स्थित गांव तिस्सा के समीप सामने से आ रहे एक कैंटर की एंबुलेंस से टक्कर हो गई। जिसमें एंबुलेंस में सवार ऋषिपाल, उसकी पत्नी बेबी और चालक सुभाष की मौत हो गई। ऋषिपाल का बड़ा भाई मामराज, बहनोई महेंद्र निवासी मंधौरा थाना शेरकोट और साला परमजीत निवासी साहूवाला थाना बढ़ापुर घायल हुए। इन तीनों का मेरठ में इलाज चल रहा है।
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हादसे की सूचना सूचना मिलने पर दोनों गांवों का माहौल गमगीन हो गया। एंबुलेंस चालक सुभाष के भाई अशोक कुमार का करीब दस माह पूर्व सड़क दुर्घटना में बाएं पैर की हड्डी टूट गई थी, जिसके बाद से वह बिस्तर पर पड़ा हुआ है। ऋषिपाल के भाई मामराज का मेरठ के एक अस्पताल में उपचार चल रहा है। जहां पर उसकी हालत चिंताजनक बताई गई है।
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अनाथ हो गया 12 साल का आयुष
हादसे में ऋषिपाल और उसकी पत्नी बेबी की मौत के बाद उनका 12 वर्षीय बेटा आयुष अनाथ हो गया है। ऋषिपाल झोपड़ी डालकर गांव पीपलसाना मार्ग पर पत्नी बेबी व आयुष के साथ रहता था। हालांकि उसने कई बार आवास बनाए जाने को लेकर मांग पत्र दिया। उसकी स्थिति दयनीय होने के बावजूद किसी ने सुनवाई नहीं की। गुजर बसर करने के उद्देश्य से गाय लेकर दूध बेचने और मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण हो रहा था। गांव मोहनपुर सिद्धपीठ निवासी कलीराम के दिव्यांग पुत्र ऋषिपाल व उसकी पत्नी बेबी की मौत हो जाने पर परिवार के गहरे संकट पैदा हो गए है। कलीराम के चार पुत्र अपने परिवार का मजदूरी कर पालन करने में लगे हुए हैं। कलीराम व उसकी पत्नी उषा पर मृतक ऋषिपाल के इकलौते पुत्र आयुष की उसकी पढ़ाई आदि की जिम्मेदारी आ पड़ी है।


एबुलेंस चालक की मौत से परिवार पर टूटा गमों का पहाड़
गांव धर्मू पोटा निवासी एंबुलेंस चालक सुभाष की मौत हो जाने से परिवार पर आर्थिक संकट पैदा होने के आसार हो गए। सुभाष के माता-पिता की भी पहले मौत हो चुकी है। उसके भाई अशोक कुमार की सड़क दुघर्टना में बाएं पैर की हड्डी टूटने से वह उठ नहीं पा रहा है। मृतक सुभाष के दो पुत्री, एक पुत्र व पत्नी है। सुभाष अपने परिवार के साथ अशोक के परिवार की देखभाल करता था। ग्रामीणों के अनुसार दोनों भाइयों के पास सात-सात बीघा जमीन है।
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