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Bijnor News: बालावाली पुल चालू हुए बीत गए ढ़ाई साल, नहीं बना पहुंचा मार्ग

Sun, 09 Jun 2024 03:20 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 09 Jun 2024 03:20 AM IST
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Two and a half years have passed since Balawali bridge was commissioned, the road has not been built.
- बिजनौर की सीमा में जमीन अधिग्रहण के फेर में लटका हुआ है पहुंच मार्ग का निर्माण
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- बालावाली कांच फैक्टरी की जमीन पर बनाई जानी है पुल को जोड़ने वाली सड़क
- बिजनौर को सीधे लक्सर और रुड़की से जोड़ता है बालावाली में गंगा नदी का पुल


संवाद न्यूज एजेंसी



बिजनौर। बालावाली में गंगा नदी पर बनाए गए पुल को चालू हुए करीब ढ़ाई साल हो चुके हैं, मगर अभी तक पहुंच मार्ग को पक्का नहीं किया जा सका है। कच्ची और पथरीली सड़क से गुजरकर पुल को पार करना पड़ रहा है। दरअसल, बिजनौर की सीमा में पुल को पक्की सड़क से जोड़ने के लिए जमीन अधिग्रहण किया जाना है। अधिग्रहण की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो सकी है।
उत्तराखंड के लक्सर, हरिद्वार और रुड़की से बिजनौर को सीधे जोड़ने के लिए बालावाली में गंगा नदी पर पुल का निर्माण हुआ है। हालांकि पास में ही पुराना रेल पुल भी मौजूद है। इस पुल से रेल यातायात बंद होने के बाद सड़क बना दी गई थी। यह पुल ज्यादा पुराना और संकरा होने की वजह से 2016 में बालावाली में गंगा नदी पर 42 करोड़ की लागत से पुल का निर्माण चालू हुआ था। बाद में पुल निर्माण की लागत बढ़कर 62 करोड़ हो गई।
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पिछले ढ़ाई सालों से यह पुल बनकर तैयार है। नए पुल से दोनों राज्यों के वाहन आवाजाही कर रहे हैं। मगर पुल के एक ओर उत्तराखंड की सीमा में करीब तीन सौ मीटर और बिजनौर की सीमा में करीब सात सौ मीटर लंबा पहुंच मार्ग कच्चा है।
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एक किलोमीटर तक कच्ची है सड़क
बालावाली पुल तक जाने वाली सड़क कांच फैक्टरी की सीमा तक चौड़ी है। इसके बाद संकरी हो जाती है। पुल तक पहुंचने के लिए करीब एक किलोमीटर लंबी सड़क कच्ची है। इस पर तारकोल की सड़क नहीं बन सकी। बता दें कि जब पुल का प्रस्ताव भेजा गया था तो दोनों ओर सड़क से जोड़ने के लिए सरकारी जमीन होने का दावा किया गया था। बाद में जब पहुंच मार्ग निर्माण की बात आई तो सरकारी जमीन नहीं मिली। फिर भी कच्ची सड़क से पुल को जोड़ा जा चुका है। इसके साथ ही पुल के पास स्थित फैक्टरी के बीच होकर निकल रही सड़क को सीधा और चौड़ा किया जाना है। ऐसे में वाहन संकरी सड़क से निकलकर पुल के पास वाली कच्ची सड़क से होते हुए निकल रहे हैं।





50 किलोमीटर की दूरी होगी कम
पंजाब की ओर से नैनीताल या मुरादाबाद की तरफ जाने वाले ट्रैफिक को हरिद्वार से आकर वाया नजीबाबाद से होकर निकलना पड़ता है। हरिद्वार से निकलने में 50 किमी की अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। पुल के चालू होने के बाद ट्रैफिक सहारनपुर से रुड़की और रुड़की से सीधे बालावाली होकर बिजनौर में प्रवेश कर जाएगा। ऐसे में पचास किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी।







पुल से थोड़ा पहले सड़क बनाने के लिए जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। अधिग्रहण किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद सड़क बनाई जाएगी। - एसके राव, अधिशासी अभियंता
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