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राजद्रोह में फंसे 33 लोग, नोटिस देने की कवायद शुरू
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राजद्रोह के आरोप में 33 लोगों को भेजे जा रहे नोटिस
उपद्रव प्रकरण
बिजनौर। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध की आड़ में हुए उपद्रव को लेकर पुलिस ने ऐसे लोग चिह्नित किए हैं, जिन्होंने भीड़ को उकसाकर माहौल खराब करने की साजिश रची थी। ऐसे 33 लोगों के खिलाफ राजद्रोह के तहत कार्रवाई होगी, जिसके लिए नोटिस भेजे जा रहे हैं।
गत 20 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद बिजनौर शहर और नहटौर में उपद्रव हुआ था। नहटौर में पुलिस की गाड़ी फूंकने के साथ ही फायरिंग की गई थी। फायरिंग में सिपाही मोहित गोली लगने से घायल हुआ था, जिसके बाद मोहित की तरफ से की फायरिंग में सुलेमान की मौत हो गई थी। उपद्रव में ही गोली लगने से अनस की मौत हुई थी। एक दरोगा से पिस्टल छीनी गई थी, तो कई पुलिसकर्मी गोली लगने से घायल हुए थे। वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी तथा दुकानों में भी तोड़फोड़ की गई थी।
बिजनौर शहर में हुए उपद्रव के मामले में पुलिस ने 36 लोगों को गिरफ्तार किया था। छह अलग-अलग मुकदमे दर्ज हुए थे। झंडापुर मदरसे के स्वामी फुरकान महरबान, नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन जावेद आफताब, आदिल, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन, चेयरपर्सन पति शमशाद अंसारी, उनके भाई दिलशाद अंसारी व इमरान अंसारी सहित कई लोगों को नामजद किया था। पुलिस ने फुरकान महरबान, जावेद आफताब व आदिल पर 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है। उपद्रवियों की पहचान को फ्लैक्स लगाए गए हैं। आरोपियों के खिलाफ रासुका के तहत भी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
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उपद्रव में किशोर व युवाओं को भेजने और भड़काने वालों पर अब पुलिस शिकंजा कस रही है। पुलिस ने 33 ऐसे लोग चिह्नित किए हैं, जिनके खिलाफ राजद्रोह के तहत कार्रवाई की जानी है। आरोप है कि इन्होंने भीड़ को भड़का कर उपद्रव कराया था और भविष्य में भी राजद्रोह का षड्यंत्र रच सकते हैं। कोतवाली पुलिस शहर में इन 33 लोगों को ही उपद्रव कराने, युवा और किशोरों को भड़काने का आरोपी मान रही है। राजद्रोह के तहत पुलिस ने चालानी नोटिस की रिपोर्ट प्रशासन को भेजी है। एसडीएम की ओर से इस संबंध में नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
- इन लोगों को किया चिह्नित
कारी इरशाद, कारी शमशुद्दीन, गामा, सपा के पूर्व चेयरमैन राशिद हुसैन, महताब, दिलशाद अंसारी, हाजी इरशाद, आदिल चुहिया, जाकिर, तसलीम, अकील अहमद, फुरकान, बंटी, शादाब, नसीम, सारिक, आरिफ, नवाब, जुल्फकार, खुर्शीद, हनीफ, फैसल, नौशाद, मोहम्मद फईम, खालिद, जावेद राईन, पूर्व चेयरमैन जावेद आफताब, परवेज आफताब, मास्टर सआदत, इरशाद सिद्दीकी, मिर्जा जीशान बेग, मोहम्मद रियाज व जीशान आदि को चिह्नित किया है।
राजद्रोह की परिभाषा
आईपीसी की धारा 124 ए के तहत जो भी मौखिक या लिखित, इशारों में या स्पष्ट रूप से दिखाकर, या किसी भी अन्य तरीके से ऐसे शब्दों का प्रयोग करता है, जो भारत में विधि द्वारा स्थापित सरकार के लिए घृणा या अवमानना, उत्तेजना या असंतोष पैदा करने का प्रयास करता है। ऐसा अपराध करने वाले को व्यक्ति को दोष सिद्ध होने पर उम्रकैद और जुर्माना या तीन साल की कैद और जुर्माने की सजा दी जा सकती है।
वर्जन
शहर कोतवाल रमेशचंद्र शर्मा का कहना है कि युवा और किशोरों को भड़काकर उपद्रव कराने वाले 33 लोग चिह्नित किए हैं। इन लोगों के खिलाफ राजद्रोह के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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उपद्रव प्रकरण
बिजनौर। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध की आड़ में हुए उपद्रव को लेकर पुलिस ने ऐसे लोग चिह्नित किए हैं, जिन्होंने भीड़ को उकसाकर माहौल खराब करने की साजिश रची थी। ऐसे 33 लोगों के खिलाफ राजद्रोह के तहत कार्रवाई होगी, जिसके लिए नोटिस भेजे जा रहे हैं।
गत 20 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद बिजनौर शहर और नहटौर में उपद्रव हुआ था। नहटौर में पुलिस की गाड़ी फूंकने के साथ ही फायरिंग की गई थी। फायरिंग में सिपाही मोहित गोली लगने से घायल हुआ था, जिसके बाद मोहित की तरफ से की फायरिंग में सुलेमान की मौत हो गई थी। उपद्रव में ही गोली लगने से अनस की मौत हुई थी। एक दरोगा से पिस्टल छीनी गई थी, तो कई पुलिसकर्मी गोली लगने से घायल हुए थे। वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी तथा दुकानों में भी तोड़फोड़ की गई थी।
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बिजनौर शहर में हुए उपद्रव के मामले में पुलिस ने 36 लोगों को गिरफ्तार किया था। छह अलग-अलग मुकदमे दर्ज हुए थे। झंडापुर मदरसे के स्वामी फुरकान महरबान, नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन जावेद आफताब, आदिल, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन, चेयरपर्सन पति शमशाद अंसारी, उनके भाई दिलशाद अंसारी व इमरान अंसारी सहित कई लोगों को नामजद किया था। पुलिस ने फुरकान महरबान, जावेद आफताब व आदिल पर 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है। उपद्रवियों की पहचान को फ्लैक्स लगाए गए हैं। आरोपियों के खिलाफ रासुका के तहत भी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
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उपद्रव में किशोर व युवाओं को भेजने और भड़काने वालों पर अब पुलिस शिकंजा कस रही है। पुलिस ने 33 ऐसे लोग चिह्नित किए हैं, जिनके खिलाफ राजद्रोह के तहत कार्रवाई की जानी है। आरोप है कि इन्होंने भीड़ को भड़का कर उपद्रव कराया था और भविष्य में भी राजद्रोह का षड्यंत्र रच सकते हैं। कोतवाली पुलिस शहर में इन 33 लोगों को ही उपद्रव कराने, युवा और किशोरों को भड़काने का आरोपी मान रही है। राजद्रोह के तहत पुलिस ने चालानी नोटिस की रिपोर्ट प्रशासन को भेजी है। एसडीएम की ओर से इस संबंध में नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
- इन लोगों को किया चिह्नित
कारी इरशाद, कारी शमशुद्दीन, गामा, सपा के पूर्व चेयरमैन राशिद हुसैन, महताब, दिलशाद अंसारी, हाजी इरशाद, आदिल चुहिया, जाकिर, तसलीम, अकील अहमद, फुरकान, बंटी, शादाब, नसीम, सारिक, आरिफ, नवाब, जुल्फकार, खुर्शीद, हनीफ, फैसल, नौशाद, मोहम्मद फईम, खालिद, जावेद राईन, पूर्व चेयरमैन जावेद आफताब, परवेज आफताब, मास्टर सआदत, इरशाद सिद्दीकी, मिर्जा जीशान बेग, मोहम्मद रियाज व जीशान आदि को चिह्नित किया है।
राजद्रोह की परिभाषा
आईपीसी की धारा 124 ए के तहत जो भी मौखिक या लिखित, इशारों में या स्पष्ट रूप से दिखाकर, या किसी भी अन्य तरीके से ऐसे शब्दों का प्रयोग करता है, जो भारत में विधि द्वारा स्थापित सरकार के लिए घृणा या अवमानना, उत्तेजना या असंतोष पैदा करने का प्रयास करता है। ऐसा अपराध करने वाले को व्यक्ति को दोष सिद्ध होने पर उम्रकैद और जुर्माना या तीन साल की कैद और जुर्माने की सजा दी जा सकती है।
वर्जन
शहर कोतवाल रमेशचंद्र शर्मा का कहना है कि युवा और किशोरों को भड़काकर उपद्रव कराने वाले 33 लोग चिह्नित किए हैं। इन लोगों के खिलाफ राजद्रोह के तहत कार्रवाई की जाएगी।