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आम नागरिक पर जुर्माना, पुलिस को नियम तोड़ने की छूट
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बिजनौर में बिना हेलमेट के जाते पुलिसकर्मी।
- फोटो : BIJNOR
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आम नागरिक पर जुर्माना, पुलिस को नियम तोड़ने की छूट
बिजनौर। दूसरों को यातायात नियमों का पालन करने की सीख देने वाले पुलिस कर्मी खुद ही यातायात नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। केवल पुरुष ही नहीं महिला पुलिसकर्मी भी नियमों का उल्लंघन करने में पीछे नहीं हैं। इन पर कोई कार्रवाई न होने से पुलिसकर्मी स्वयं ही नियम तोड़ते हैं।
जिले में पुलिस की ओर से एक से 30 नवंबर तक यातायात माह चलाया जा रहा है, जबकि उप संभागीय परिवहन विभाग की ओर से 18 से 24 नवंबर तक सड़क सुरक्षा जागरूकता सप्ताह चलाया जा रहा है। रोजाना पुलिस और परिवहन विभाग लोगों को यातायात नियमों का पालन करने की नसीहतें दे रहे हैं। कभी जागरूकता रैली तो कभी गोष्ठियों और कार्यशालाओं के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के प्रति जागरूक किया जाता है। लेकिन शायद ऐसा लगता है कि पुलिसकर्मी खुद ही इन नियमों का पालन करने में शर्म महसूस करते हैं। वे स्वयं ही इन पर चलना नहीं चाहते। वे केवल आम जनता को ही नियमों का पालन न करने पर शिकंजा कसते हैं, उन्हें डराते हैं धमकाते हैं। जिले भर में अधिकांश पुलिस वालों की कमोबेश यही स्थिति है। यदि आम आदमी यातायात नियमों का पालन न करें तो उसका चालान काट दिया जाता है या फिर रुपये लेकर छोड़ दिया जाता है। लेकिन पुलिस वालों के साथ ऐसा कुछ नहीं होता। एआरटीओ प्रशासन/प्रर्वतन प्रणव झा ने बताया कि यातायात नियमों का पालन करने की सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि यातायात अधिनियम के तहत सभी के लिए एक से नियम कानून हैं। सभी को इनका पालन करना चाहिए।
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बिजनौर। दूसरों को यातायात नियमों का पालन करने की सीख देने वाले पुलिस कर्मी खुद ही यातायात नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। केवल पुरुष ही नहीं महिला पुलिसकर्मी भी नियमों का उल्लंघन करने में पीछे नहीं हैं। इन पर कोई कार्रवाई न होने से पुलिसकर्मी स्वयं ही नियम तोड़ते हैं।
जिले में पुलिस की ओर से एक से 30 नवंबर तक यातायात माह चलाया जा रहा है, जबकि उप संभागीय परिवहन विभाग की ओर से 18 से 24 नवंबर तक सड़क सुरक्षा जागरूकता सप्ताह चलाया जा रहा है। रोजाना पुलिस और परिवहन विभाग लोगों को यातायात नियमों का पालन करने की नसीहतें दे रहे हैं। कभी जागरूकता रैली तो कभी गोष्ठियों और कार्यशालाओं के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के प्रति जागरूक किया जाता है। लेकिन शायद ऐसा लगता है कि पुलिसकर्मी खुद ही इन नियमों का पालन करने में शर्म महसूस करते हैं। वे स्वयं ही इन पर चलना नहीं चाहते। वे केवल आम जनता को ही नियमों का पालन न करने पर शिकंजा कसते हैं, उन्हें डराते हैं धमकाते हैं। जिले भर में अधिकांश पुलिस वालों की कमोबेश यही स्थिति है। यदि आम आदमी यातायात नियमों का पालन न करें तो उसका चालान काट दिया जाता है या फिर रुपये लेकर छोड़ दिया जाता है। लेकिन पुलिस वालों के साथ ऐसा कुछ नहीं होता। एआरटीओ प्रशासन/प्रर्वतन प्रणव झा ने बताया कि यातायात नियमों का पालन करने की सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि यातायात अधिनियम के तहत सभी के लिए एक से नियम कानून हैं। सभी को इनका पालन करना चाहिए।
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