फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Towards maturity of paddy, repair of cells started

धान की फसल पकने की ओर, सेलरों की मरम्मत शुरू

Tue, 29 Sep 2020 12:09 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 29 Sep 2020 12:09 AM IST
विज्ञापन
Towards maturity of paddy, repair of cells started
धान की फसल पकने की ओर, सेलरों की मरम्मत शुरू
विज्ञापन

बिजनौर। जिले में धान कटाई शुरू होने वाली है। फसल को देखते हुए सेलर मालिकों ने तैयारी शुरू कर दी है। धान की फसल बाजार में आने पर किसानों को इंतजार नहीं करना होगा। जिले के किसान पहले से ही धान को करनाल तक जाकर बेचते रहे हैं।
जिले में मोटे धान के साथ शरबती व बासमती धान भी काफी मात्रा में बोया जाता है। हालांकि मुख्य फसल बासमती को ही माना जाता है। इस समय धान की फसल लगभग तैयार है। फसल तैयार देख सेलर वालों ने भी सेलर की मरम्मत करानी शुरू कर दी है। जिले के किसान बासमती धान को खुद भी बेचते हैं। धान के लिए प्रसिद्ध मंडी रामराज में भी किसान फसल बेचते हैं। काफी किसान करनाल तक जाकर भी धान बेचते हैं। किसान शरद कुमार का कहना है कि सरकारी क्रय केंद्रों पर केवल मोटा धान खरीदा जाता है। वहां सरकारी रेट बासमती धान के मुुकाबले आधे होते हैं।
विज्ञापन

सबसे पहले कटती है शरबती धान की फसल
धान की फसल पकने जा रही है। सबसे पहले शरबती एक सप्ताह में कटनी शुरू होगी। इसके बाद मोटा धान पकेगा। बासमती की फसल सबसे आखिरी में पकेगी। इसे पकने में बाकी फसलों से करीब 15 दिन का अतिरिक्त समय लगता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

धान रकबा
मोटा धान 18105
बासमती धान 32113
संकर धान 7467
कुल रकबा 57685
फिर शुरू की हंसराज की खेती
जिले के कुछ किसानों ने इस बार फिर से हंसराज धान की खेती शुरू की है। सभी प्रजातियों में हंसराज धान सबसे ज्यादा खुशबूदार और मुलायम माना जाता है। यह पहले बोया जाता था लेकिन बाद में किसानों का इससे रुझान कम हो गया था। अब फिर से इसकी खेती के जोर पकड़ने लगी है। कहा जाता है कि इंग्लैंड की महारानी को भी हंसराज चावल बहुत पसंद था।
कहीं भी फसल बेचने की छूट
सरकार ने कृषि अध्यादेशों में किसानों को पूरे देश में कहीं भी ले जाकर फसल बेचने की छूट दी है। किसान को कोई नहीं रोकेगा। लेकिन सरकारी नियमों को लेकर व्यापारियों में अभी असमंजस की स्थिति है। व्यापारी पिछले साल के मुकाबले धान के रेट कम होने की बात कह रहे हैं।
बाजार में फसल आने पर पता चलेगा रेट
रायपुर क्षेत्र के किसानों का धान कूटने वाले मोहम्मद जैनुद्दीन उर्फ अयूब का कहना है कि अभी धान की फसल कहीं - कहीं पर ही कटनी शुरू हुई है। फसल बाजार में आने पर ही रेट का पता चलेगा। उन्होंने अपने सेलर की मरम्मत करानी शुरू कर दी है। नजीबाबाद के धान व्यापारी सरदार कुलदीप सिंह बिट्टू का कहना है कि उन्होंने अपने सेलर की मरम्मत शुरू करा दी किंतु कृषि संबंधी अध्यादेश को लेकर संशय है। इसके बारे पूरी जानकारी मिलने पर ही हालत स्पष्ट हो सकेगी।

दो श्रेणी में होती है धान की खरीद
बिजनौर। सरकारी क्रय केंद्रों पर धान दो श्रेणी मोटा धान व ग्रेड ए में खरीदा जाता है। मोटे धान में 6444 गोल्ड, नरेंद्र 359 बोया आती हैं। ग्रेड ए में पीआर 126, नरेंद्र 3112, सीआर 43 आते हैं। सीआर 43 प्रजाति सबसे पहले पकती है। यह जिले में नहीं बोई जाती है। सामान्य धान या मोटे धान का मूल्य 1868 व ग्रेड ए का मूल्य 1888 रुपये है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed