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अमानगढ़ वन रेंज में बढ़ा बाघों का कुनबा

Sun, 27 Sep 2020 12:18 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 27 Sep 2020 12:18 AM IST
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Tigers' family increased in Amangarh forest range
अमानगढ़ वन रेंज में बढ़ा बाघों का कुनबा
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बिजनौर। अमानगढ़ टाइगर वन रेंज में बाघों का कुनबा फिर से बढ़ गया है। बाघों की संख्या 22 से बढ़कर 24 हो गई है। दो बाघ अप्रैल में हादसों का शिकार हो गए थे। अगर ये बाघ भी जिंदा रहते तो बाघों की संख्या में शानदार बढ़ोतरी होती।
अमानगढ़ वर रेंज में बाघों की दहाड़ गूंजती रहती है। यहां मिलने वाले बाघ को बंगाल टाइगर कहते हैं। अमानगढ़ वन रेंज जिम कार्बेट का ही एक हिस्सा है। पिछले दो साल से अमानगढ़ में ट्रैप कैमरे लगाकर बाघों की गिनती की जा रही है। इसके बाद विशेषज्ञ बाघों के शरीर पर मिलने वाली पट्टियों से उनकी पहचान करते हैं। 2012 में अमानगढ़ में पहली बार की गई बाघों की गणना में 12 बाघ मिले थे। पिछले साल अमानगढ़ में 22 बाघ मिले थे। इस बार इनकी संख्या बढ़कर 24 हो गई है। पिछले साल हुई गणना में अमानगढ़ में कोई शावक नहीं दिखा था। सभी वयस्क बाघ ही दिखे थे, लेकिन इसके बाद वन विभाग के कर्मचारियों को कई बार अमानगढ़ में कई बाद मादा बाघ के साथ शावक दिखे थे। वहीं अप्रैल में अमानगढ़ में दो बाघों के शव मिले थे। इनमें से एक की हड्डियां बुरी तरह टूटी मिली थीं। माना गया था हाथी ने बाघ को पटक कर मारा है। हाथी से उलझने के एवज में बाघ की जान गई थी।
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बाघों का कुनबा बढ़ा
डीएफओ डा.एम सेम्मारन के अनुसार इस बार गणना में 24 बाघ मिले हैं। पिछले साल 22 बाघ मिले थे। अमानगढ़ में हर वन्य जीव का कुनबा बढ़ रहा है और बाघ भी इसमें शामिल हैं। अमानगढ़ में वन्य जीवों की सुरक्षा पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है।
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बाघों के डर से गुलदार छोड़ रहे वन
बाघ और गुलदार दोनों की शिकारी प्रवृत्ति के और एक दूसरे के दुश्मन होते हैं। बाघ गुलदार को आसानी से मार सकते हैं। बाघों का कुनबा बढ़ने से उनका इलाका भी बढ़ रहा है। बाघों को कड़ी टक्कर देने में नाकाम गुलदार अब आबादी की ओर रुख कर रहे हैं। गुलदार के खेतों में जाने से बाघों के लिए जंगल में प्रतिस्पर्धा भी कम हुई है।
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