लालच बुरी बला: जिस थाने में तैनाती, उसी की हवालात में दो पुलिसकर्मियों को गुजराना पड़ा दिन, ये है पूरा मामला
उत्तर प्रदेश में भ्रष्टचार और अपराध के खिलाफ काम करने वाली पुलिस खुद ही भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार हो रही है। ताजा मामला बिजनौर जनपद के नूरपुर का है जहां दो पुलिसकर्मियों को रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
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बिजनौर जनपद में तीन हजार रुपये लेकर एक अभियुक्त को थाने से छोड़ने के मामले में दो पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। नूरपुर थाने में तैनात हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल के खिलाफ रुपये मांगने के मामले में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। दोनों ने एक अभियुक्त को थाने से छोड़ने की एवज में रिश्वत मांगी थी। ऑडियो रिकॉर्डिंग मिलने पर पुलिस अधीक्षक ने ये कार्रवाई की है।
जानकारी के अनुसार नूरपुर थाने में तैनात मुख्य आरक्षी पुरुषोत्तम और आरक्षी अनुज कुमार द्वारा एक अभियुक्त को थाने से छोड़ने के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया गया कि दोनों ने आरोपी को छोड़ने के लिए पीड़ित से तीन हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक बिजनौर को सीयूजी नंबर पर इसकी शिकायत की। जिसके बाद एसपी के आदेश पर जांच बैठाई गई। जांच में दोषी पाए जाने पर दोनों पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है।
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पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन लेनदेन की ऑडियो मिलने के बाद सीओ को मामले की जांच सौंप थी। मामला सही मिलने पर एसपी ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। भ्रष्टाचार संबंधी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
जिस थाने में तैनाती, उसी की हवालात में बंद किए दोनों पुलिसकर्मी
बता दें कि भ्रष्टाचार के खिलाफ पुलिस अधीक्षक बिजनौर जीरो टोलरेंस नीति अपना रहे हैं। ऐसे में पीड़ित की शिकायत पर तुरंत जांच कराई गई और कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बुधवार को दोनों पुलिसकर्मी जांच में आरोपी पाए गए तो उन्हें थाने से ही गिरफ्तार कर लिया गया।
खास बात यह है कि जिस थाने में इन पुलिसकर्मियों की तैनाती थी उसी थाने की हवालात में इन्हें बंद किया गया। वहीं एसपी नीरज कुमार जादौन के आदेश पर दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्रकरण में नूरपुर थानाध्यक्ष की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई जिसकी जांच कराई जा रही है।