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तीन प्रभारी चिकित्साधिकारियों को नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Thu, 30 Jun 2016 12:52 AM IST
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बिजनौर में बुधवार को कलक्ट्रेट के निरीक्षण के दौरान रजिस्टर चेक करतीं डीएम बी चंद्रकला।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में डीएम की समीक्षा बैठक में संस्थागत प्रसव कम कराने सहित अन्य कार्यक्रमों की प्रगति कम मिलने पर डीएम बी चंद्रकला ने किरतपुर, हल्दौर, स्योहारा के तीन प्रभारी चिकित्साधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में डीएम ने पाया कि जिला स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों की श्रेणी में यह जनपद प्रदेश में अंतिम 10 जिलों में शामिल है। उन्होंने चेतावनी दी कि जिले को बेहतर स्थिति में लाया जाए। जिले में 60 से अधिक शासकीय एंबुलेंस होने के बावजूद जननी सुरक्षा योजना की प्रगति मात्र 40 प्रतिशत है। कई स्वास्थ्य केन्द्रों में गैर संस्थागत प्रसव ज्यादा हुए हैं। डीएम ने कहा कि जहां संस्थागत प्रसव कम होंगे, वहां के प्रभारी चिकित्साधिकारियों की चरित्र पंजिका में एडवर्स एंट्री दी जाएगी। सीएमओ कार्यालय के कर्मचारियों का कार्य विभाजन कर उसकी सूचना भी मांगी गई। सीडीओ डा. इंद्रमणि त्रिपाठी, सीएमओ डा. मनमोहन अग्रवाल, जिला मलेरिया अधिकारी डा. ब्रजभूषण समेत डिप्टी सीएमओ मौजूद रहे। डीएम ने कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया और रजिस्टरों की जिल्दें सही न मिलने पर इन्हें दुरुस्त कराने को कहा।
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कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में डीएम ने पाया कि जिला स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों की श्रेणी में यह जनपद प्रदेश में अंतिम 10 जिलों में शामिल है। उन्होंने चेतावनी दी कि जिले को बेहतर स्थिति में लाया जाए। जिले में 60 से अधिक शासकीय एंबुलेंस होने के बावजूद जननी सुरक्षा योजना की प्रगति मात्र 40 प्रतिशत है। कई स्वास्थ्य केन्द्रों में गैर संस्थागत प्रसव ज्यादा हुए हैं। डीएम ने कहा कि जहां संस्थागत प्रसव कम होंगे, वहां के प्रभारी चिकित्साधिकारियों की चरित्र पंजिका में एडवर्स एंट्री दी जाएगी। सीएमओ कार्यालय के कर्मचारियों का कार्य विभाजन कर उसकी सूचना भी मांगी गई। सीडीओ डा. इंद्रमणि त्रिपाठी, सीएमओ डा. मनमोहन अग्रवाल, जिला मलेरिया अधिकारी डा. ब्रजभूषण समेत डिप्टी सीएमओ मौजूद रहे। डीएम ने कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया और रजिस्टरों की जिल्दें सही न मिलने पर इन्हें दुरुस्त कराने को कहा।
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