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तीन लाख बार बोलने पर भी नहीं होता तलाक
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sun, 01 Jan 2017 11:35 PM IST
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किरतपुर में वार्ता करते मौलाना मिर्जा यासूब।(बाएं से पहला)
- फोटो : अमर उजाला
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किरतपुर में ऑल इंडिया शिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना मिर्जा यासूब ने कहा है कि तीन तलाक का मुद्दा सही नहीं है। उनके यहां निकाह में गवाह की जरूरत नहीं होती। तीन लाख बार तलाक बोलने से भी तलाक नहीं होता है। तलाक देने का अधिकार भी केवल महिलाओं को है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी का फैसला सही है। हालांकि व्यवस्था ठीक नहीं हो पाने से आमजन को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
रविवार को ग्राम मेमन सादात में रियाज जैदी के आवास पर उनके ससुर मरहूम सैय्यद मोहम्मद शिब्तैन के चेहल्लुम की मजलिस में ऑल इंडिया शिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना मिर्जा यासूब ने शिरकत की।
इसी दौरान पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि तीन लाख बार तलाक-तलाक कहने से भी तलाक नहीं होती। निकाह दो दिलों को जोड़ता है। फिर इसमें गवाह की जरूरत कहां आ पड़ी। उनके यहां तलाक देने का अधिकार केवल महिला को है।
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फोन पर व्हाट्सएप या सोशल मीडिया पर तलाक देने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि शिया समुदाय के लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में चल रहे सायरा बानो वाले केस में तरमीम करने के लिए अर्जी दे रखी है। उन्होंने कहा कि तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाए जाने की जरूरत है। कानून के दायरे में निकाह नामा होना चाहिए। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड में रखा जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों को दिया जाने वाला लाभ शिया समुदाय को नहीं मिलता है, जबकि भारत में सिर्फ पांच से सात करोड़ करोड़ शिया है। उन्होंने कहा कि इस्लाम में आतंकवाद की कोई जगह नहीं है। आतंकवादी संगठन साजिश के तहत इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं। मजलिस में राज्यमंत्री सैय्यद ईसा रजा, इसरार जैदी, हसन अब्बाद, हसन मुस्तफा, रियाज जैदी, गुलशन बिजनौरी, मौहम्मद नौशा, महेंद्र सिंह अश्क, हैदर किरतपुरी आदि मौजूद रहे।
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रविवार को ग्राम मेमन सादात में रियाज जैदी के आवास पर उनके ससुर मरहूम सैय्यद मोहम्मद शिब्तैन के चेहल्लुम की मजलिस में ऑल इंडिया शिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना मिर्जा यासूब ने शिरकत की।
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इसी दौरान पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि तीन लाख बार तलाक-तलाक कहने से भी तलाक नहीं होती। निकाह दो दिलों को जोड़ता है। फिर इसमें गवाह की जरूरत कहां आ पड़ी। उनके यहां तलाक देने का अधिकार केवल महिला को है।
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फोन पर व्हाट्सएप या सोशल मीडिया पर तलाक देने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि शिया समुदाय के लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में चल रहे सायरा बानो वाले केस में तरमीम करने के लिए अर्जी दे रखी है। उन्होंने कहा कि तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाए जाने की जरूरत है। कानून के दायरे में निकाह नामा होना चाहिए। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड में रखा जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों को दिया जाने वाला लाभ शिया समुदाय को नहीं मिलता है, जबकि भारत में सिर्फ पांच से सात करोड़ करोड़ शिया है। उन्होंने कहा कि इस्लाम में आतंकवाद की कोई जगह नहीं है। आतंकवादी संगठन साजिश के तहत इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं। मजलिस में राज्यमंत्री सैय्यद ईसा रजा, इसरार जैदी, हसन अब्बाद, हसन मुस्तफा, रियाज जैदी, गुलशन बिजनौरी, मौहम्मद नौशा, महेंद्र सिंह अश्क, हैदर किरतपुरी आदि मौजूद रहे।