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ट्रेड फेयर में तीन उद्यमियों ने लगाए वर्चुअल स्टॉल
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लखनऊ के ट्रेड फेयर मेले में जाने वाले नगीना हैंडीक्राफ्ट के बने आइटम।
- फोटो : BIJNOR
ट्रेड फेयर में तीन उद्यमियों ने लगाए वर्चुअल स्टॉल
नगीना। लखनऊ में आयोजित वर्चुअल ट्रेड फेयर में नगीना नगर के तीन और ग्रामीण क्षेत्र से एक अग्रणी काष्ठ कला उद्यमियों ने अपने वर्चुअल स्टॉल लगाए, लेकिन कोरोना के कारण उद्यमियों को फ़ायदा नहीं मिल रहा है। लखनऊ में प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाला ट्रेड फेयर इस बार कोरोना के कारण वर्चुअल ट्रेड फेयर के रूप में आयोजित किया जा रहा है।
नगीना क्रॉफ्ट डेवेलपमेंट सोसायटी के अध्यक्ष इरशाद मुल्तानी ने बताया कि लखनऊ के वर्चुअल ट्रेड फेयर में नगीना के रॉयल वुडक्रॉफ्ट, डिकोन एन यूटिलिटी क्रॉफ्ट व फरहान क्रिएशन व एक ग्रामीण क्राफ्ट कारोबारी ने अपने उत्पाद के वर्चुअल स्टॉल लगाए हैं। वुडक्रॉफ्ट उद्यमियों ने अपने उत्पाद की फुटेज व रेट लिस्ट अपलोड कर दी है। लेकिन इस वर्चुअल ट्रेड फेयर से कोई रिस्पॉन्स नहीं मिल रहा है। इरशाद मुल्तानी का कहना है कि कोरोना के कारण नगीना का वुडक्रॉफ्ट उद्योग बहुत पिछड़ गया है।
वर्चुअल ट्रेड फेयर के बाद उनके पास मुंबई से केवल एक फोन आया है, उन्होंने कुछ उत्पाद व रेस्ट के बारे में जानकारी प्राप्त की है। ट्रेड फेयर समाप्त होने के बाद कुछ ऑर्डर मिलने की संभावना है। नगर के तीनों कारोबारियों का नगीना में हैंडीक्राफ्ट का बड़ा कारोबार है। देश के अलावा विदेश में भी इनके लकड़ी से बने उत्पादों का निर्यात होता है। रॉयल वुड क्राफ्ट के स्वामी जुल्फिकार आलम ने बताया कि लखनऊ में चल रहे क्राफ्ट मेले से उन्हें कोई लाभ नहीं मिला है। उनका अधिकतर माल विदेशों में जाता है। ऐसे मेलों से उन्हें कोई खास फायदा नहीं होता। उनकी मांग है कि सरकार ऐसी कोई योजना बनाएं जिससे देश विदेश में हैंडीक्राफ्ट के कारोबार को ऊर्जा मिल सके।
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नगीना। लखनऊ में आयोजित वर्चुअल ट्रेड फेयर में नगीना नगर के तीन और ग्रामीण क्षेत्र से एक अग्रणी काष्ठ कला उद्यमियों ने अपने वर्चुअल स्टॉल लगाए, लेकिन कोरोना के कारण उद्यमियों को फ़ायदा नहीं मिल रहा है। लखनऊ में प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाला ट्रेड फेयर इस बार कोरोना के कारण वर्चुअल ट्रेड फेयर के रूप में आयोजित किया जा रहा है।
नगीना क्रॉफ्ट डेवेलपमेंट सोसायटी के अध्यक्ष इरशाद मुल्तानी ने बताया कि लखनऊ के वर्चुअल ट्रेड फेयर में नगीना के रॉयल वुडक्रॉफ्ट, डिकोन एन यूटिलिटी क्रॉफ्ट व फरहान क्रिएशन व एक ग्रामीण क्राफ्ट कारोबारी ने अपने उत्पाद के वर्चुअल स्टॉल लगाए हैं। वुडक्रॉफ्ट उद्यमियों ने अपने उत्पाद की फुटेज व रेट लिस्ट अपलोड कर दी है। लेकिन इस वर्चुअल ट्रेड फेयर से कोई रिस्पॉन्स नहीं मिल रहा है। इरशाद मुल्तानी का कहना है कि कोरोना के कारण नगीना का वुडक्रॉफ्ट उद्योग बहुत पिछड़ गया है।
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वर्चुअल ट्रेड फेयर के बाद उनके पास मुंबई से केवल एक फोन आया है, उन्होंने कुछ उत्पाद व रेस्ट के बारे में जानकारी प्राप्त की है। ट्रेड फेयर समाप्त होने के बाद कुछ ऑर्डर मिलने की संभावना है। नगर के तीनों कारोबारियों का नगीना में हैंडीक्राफ्ट का बड़ा कारोबार है। देश के अलावा विदेश में भी इनके लकड़ी से बने उत्पादों का निर्यात होता है। रॉयल वुड क्राफ्ट के स्वामी जुल्फिकार आलम ने बताया कि लखनऊ में चल रहे क्राफ्ट मेले से उन्हें कोई लाभ नहीं मिला है। उनका अधिकतर माल विदेशों में जाता है। ऐसे मेलों से उन्हें कोई खास फायदा नहीं होता। उनकी मांग है कि सरकार ऐसी कोई योजना बनाएं जिससे देश विदेश में हैंडीक्राफ्ट के कारोबार को ऊर्जा मिल सके।

लखनऊ के ट्रेड फेयर मेले में जाने वाले नगीना हैंडीक्राफ्ट के बने आइटम।- फोटो : BIJNOR
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