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Bijnor News: गांव धनसीनी में मिले गुलदार के तीन शावक, ग्रामीणों में दहशत
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बिजनौर, जलालाबाद/नजीबाबाद। गांव धनसीनी में गन्ने के खेत में गुलदार के तीन शावक मिले। एसडीएम और वन विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर मादा गुलदार को पकड़ने की योजना तैयार की।
जलालाबाद क्षेत्र के गांव धनसीनी की आबादी से कुछ फासले पर विकास शर्मा के गन्ने के खेत में काम करने पहुंचे मजदूरों को गुलदार के तीन शावक दिखाई दिए। मजदूरों में शावक देखते ही हड़कंप मच गया। ग्रामीण लाठी-डंडा लेकर खेत पर पहुंचे और तीनों शावकों को गांव में ले आए। एसडीएम रम्या आर ने गांव पहुंचकर शावकों के मिलने और मादा गुलदार से ग्रामीणों की सुरक्षा की स्थिति का जायजा लिया।
एसडीएम को सामाजिक वानिकी के डिप्टी रेंजर हरगोविंद सिंह, पशु चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. मो.नासिर ने खेत से मिले शावकों को 24 से 36 घंटे पूर्व जन्म लेने की जानकारी दी। एसडीएम की उपस्थिति में दो मादा और एक नर शावक के माध्यम से मादा गुलदार को पकड़ने की योजना तैयार की। वन विभाग की टीम जिस स्थान पर शावक मिले वहां पर पिंजरा व कैमरा लगाने के साथ शावकों और मांस रखकर मादा गुलदार को पकड़ने का प्रयास करेगी। ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने नवजात गुलदार शावकों को दूध पिलाने के बाद पिंजरे में रखा है।
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जलालाबाद क्षेत्र के गांव धनसीनी की आबादी से कुछ फासले पर विकास शर्मा के गन्ने के खेत में काम करने पहुंचे मजदूरों को गुलदार के तीन शावक दिखाई दिए। मजदूरों में शावक देखते ही हड़कंप मच गया। ग्रामीण लाठी-डंडा लेकर खेत पर पहुंचे और तीनों शावकों को गांव में ले आए। एसडीएम रम्या आर ने गांव पहुंचकर शावकों के मिलने और मादा गुलदार से ग्रामीणों की सुरक्षा की स्थिति का जायजा लिया।
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एसडीएम को सामाजिक वानिकी के डिप्टी रेंजर हरगोविंद सिंह, पशु चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. मो.नासिर ने खेत से मिले शावकों को 24 से 36 घंटे पूर्व जन्म लेने की जानकारी दी। एसडीएम की उपस्थिति में दो मादा और एक नर शावक के माध्यम से मादा गुलदार को पकड़ने की योजना तैयार की। वन विभाग की टीम जिस स्थान पर शावक मिले वहां पर पिंजरा व कैमरा लगाने के साथ शावकों और मांस रखकर मादा गुलदार को पकड़ने का प्रयास करेगी। ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने नवजात गुलदार शावकों को दूध पिलाने के बाद पिंजरे में रखा है।
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