{"_id":"69fe2d07514a83b60002a613","slug":"there-will-be-bumper-production-of-pr-126-improved-variety-of-paddy-farmers-will-be-rich-bijnor-news-c-27-1-smrt1025-179021-2026-05-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: धान की पीआर-126 उन्नतशील प्रजाति का बंपर होगा उत्पादन, किसान होंगे मालामाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: धान की पीआर-126 उन्नतशील प्रजाति का बंपर होगा उत्पादन, किसान होंगे मालामाल
विज्ञापन
सतीश शर्मा
धामपुर। कृषि विभाग की ओर से धान की रोपाई के लिए राजकीय बीज विधायन संयंत्र पर चार प्रजातियों का उन्नतशील बीज तैयार किया जा रहा है। इनमें पीआर-126 प्रजाति पैदावार के मामले में नंबर वन है, बाकी अन्य तीन प्रजातियां बारीक धान में शामिल हैं। बताया गया कि वैसे तो सभी प्रजातियां उन्नत है पर उत्कृष्ट पैदावार के मामले में पीआर-126 उन्नतशील प्रजाति को तोड़ नहीं है।
राजकीय बीज विधायन संयंत्र धामपुर की अवर अभियंता गुरदीप कौर ने बताया कि इस बार कृषि विभाग की ओर से किसानों को मालामाल करने के उद्देश्य से चार विभिन्न उन्नतशील प्रजातियों के बीज को तैयार किया जा रहा है। वैसे तो सभी प्रजातियां पैदावार में बढ़िया है लेकिन इनमें पीआर-126 प्रजाति की पैदावार सबसे अधिक है। यह मोटा धान है। इस वजह से इसकी पैदावार भी प्रति हेक्टेयर अधिक है। इसके अलावा पीबी- 1847, 1985 और 1882 प्रजाति का भी बीज शामिल हैं। यह तीनों प्रजातियों में बारीक है। इसे देहाती भाषा में बासमती भी कहते हैं। इसका उत्पादन पीआर- 126 प्रजाति की तुलना में कम होता है लेकिन बाजार में बासमती धान की महत्ता अधिक होती है।
अब तक 350 क्विंटल बीज का हो चुका आवंटन
राजकीय बीज विधायन संयंत्र धामपुर के अवर अभियंता का कहना है कि संयंत्र के जरिए पिछले एक साल से बीज के तैयार किया जा रहा है। अब तक 1500 क्विंटल बीज तैयार किया जा चुका है। इनमें करीब 500 क्विंटल धान का बीज जनपद बिजनौर के सभी 11 विकास खंडों में स्थित राजकीय निवेश बीज भंडारों पर आवंटित किया जा चुका हैं। उन्होंने किसानों को धान की बढ़िया पैदावार लेने के लिए राजकीय बीज विधायन संयंत्र द्वारा तैयार उन्नतशील प्रजातियों के बीज से ही धान की नर्सरी को तैयार कर रोपाई किए जाने का सुझाव दिया है।
विज्ञापन
इसके बाद गेहूं का प्रमाणित उन्नतशील बीज होगा तैयार
अधिकारियों का कहना है कि संयंत्र के जरिए उन्नतशील बीज को तैयार कर किसानों को बुआई के लिए उपलब्ध कराया जाता है। यह संयंत्र पूरे साल चलता है। धान के बीज को तैयार करने के बाद फिर गेहूं के प्रमाणित उन्नतशील बीज को भी यहीं पर तैयार किया जाएगा।
विज्ञापन
धामपुर। कृषि विभाग की ओर से धान की रोपाई के लिए राजकीय बीज विधायन संयंत्र पर चार प्रजातियों का उन्नतशील बीज तैयार किया जा रहा है। इनमें पीआर-126 प्रजाति पैदावार के मामले में नंबर वन है, बाकी अन्य तीन प्रजातियां बारीक धान में शामिल हैं। बताया गया कि वैसे तो सभी प्रजातियां उन्नत है पर उत्कृष्ट पैदावार के मामले में पीआर-126 उन्नतशील प्रजाति को तोड़ नहीं है।
राजकीय बीज विधायन संयंत्र धामपुर की अवर अभियंता गुरदीप कौर ने बताया कि इस बार कृषि विभाग की ओर से किसानों को मालामाल करने के उद्देश्य से चार विभिन्न उन्नतशील प्रजातियों के बीज को तैयार किया जा रहा है। वैसे तो सभी प्रजातियां पैदावार में बढ़िया है लेकिन इनमें पीआर-126 प्रजाति की पैदावार सबसे अधिक है। यह मोटा धान है। इस वजह से इसकी पैदावार भी प्रति हेक्टेयर अधिक है। इसके अलावा पीबी- 1847, 1985 और 1882 प्रजाति का भी बीज शामिल हैं। यह तीनों प्रजातियों में बारीक है। इसे देहाती भाषा में बासमती भी कहते हैं। इसका उत्पादन पीआर- 126 प्रजाति की तुलना में कम होता है लेकिन बाजार में बासमती धान की महत्ता अधिक होती है।
विज्ञापन
अब तक 350 क्विंटल बीज का हो चुका आवंटन
राजकीय बीज विधायन संयंत्र धामपुर के अवर अभियंता का कहना है कि संयंत्र के जरिए पिछले एक साल से बीज के तैयार किया जा रहा है। अब तक 1500 क्विंटल बीज तैयार किया जा चुका है। इनमें करीब 500 क्विंटल धान का बीज जनपद बिजनौर के सभी 11 विकास खंडों में स्थित राजकीय निवेश बीज भंडारों पर आवंटित किया जा चुका हैं। उन्होंने किसानों को धान की बढ़िया पैदावार लेने के लिए राजकीय बीज विधायन संयंत्र द्वारा तैयार उन्नतशील प्रजातियों के बीज से ही धान की नर्सरी को तैयार कर रोपाई किए जाने का सुझाव दिया है।
विज्ञापन
इसके बाद गेहूं का प्रमाणित उन्नतशील बीज होगा तैयार
अधिकारियों का कहना है कि संयंत्र के जरिए उन्नतशील बीज को तैयार कर किसानों को बुआई के लिए उपलब्ध कराया जाता है। यह संयंत्र पूरे साल चलता है। धान के बीज को तैयार करने के बाद फिर गेहूं के प्रमाणित उन्नतशील बीज को भी यहीं पर तैयार किया जाएगा।