फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   There is no principal at all... whom will the government appoint as the BEO?

Bijnor News: प्रधानाचार्य है ही नहीं...बीईओ किसे बनाएगी सरकार

Tue, 11 Aug 2026 01:11 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 11 Aug 2026 01:11 AM IST
विज्ञापन
There is no principal at all... whom will the government appoint as the BEO?
-सरकार ने उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को बीईओ बनाने की घोषणा की
विज्ञापन

-प्रधानाचार्य पद पर 2012 से नहीं हुई पदोन्नति, ज्यादातर सेवानिवृत्ति के करीब
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। शासन द्वारा उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) के पद पर पदोन्नति देने की घोषणा की गई है। हालांकि शिक्षक संगठनों ने इस घोषणा को धरातल पर अव्यावहारिक बताया है। उनका कहना है कि पिछले लगभग 14 वर्षों से उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की पदोन्नति नहीं हुई है।
जिले में वर्तमान में मात्र 15 प्रधानाचार्य कार्यरत हैं। इनमें से अधिकांश सेवानिवृत्ति के करीब हैं। उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य पद पर आखिरी पदोन्नति वर्ष 2012 में हुई थी। तब से कई प्रधानाचार्य सेवानिवृत्त हो चुके हैं। शिक्षक संगठनों का कहना है कि सरकार को पहले प्रधानाचार्य के पद पर पदोन्नति करनी चाहिए। इसके बाद ही प्रधानाचार्यों को बीईओ पद पर पदोन्नति दी जानी चाहिए। उत्तर प्रदेश उच्च प्राथमिक/जूनियर हाईस्कूल शिक्षक के जिला मंत्री राहुल राठी ने बताया कि पदोन्नति न होने से प्रधानाचार्यों की संख्या नाममात्र बची है। जो प्रधानाचार्य कार्यरत हैं, उनकी सेवानिवृत्ति नजदीक है। ऐसे में वे पदोन्नति लेकर दूसरे जिलों में क्यों जाएंगे, यह एक बड़ा सवाल है।
विज्ञापन

जूनियर हाईस्कूल शिक्षक महासभा के जिलाध्यक्ष चित्र कुमार ने भी इस बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की घोषणा अच्छी है, लेकिन पहले उच्च प्राथमिक में प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति दी जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


-प्रधानाचार्य बनने के इंतजार में सेवानिवृत्त हो गए शिक्षक
उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अधिकांशत: इंचार्ज अध्यापक ही प्रधानाचार्य पद की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। पदोन्नति नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में शिक्षक सेवानिवृत्त हो गए। कंपोजिट विद्यालय करौंदा से सेवानिवृत्त हुए रामप्रसाद बताते हैं कि उन्होंने सेवानिवृत्ति तक इंचार्ज अध्यापक के रूप में काम किया। सेवानिवृत्ति के वक्त उन्हें प्रधानाचार्य पद का वेतनमान मिला था। किसी ने किसी अड़चन के चलते उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पदोन्नति रुकी रही और आज भी रुकी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed