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वन विभाग और लोनिवि की संयुक्त टीम ने वन क्षेत्र में किया सर्वे
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भागूवाला के गांव रामपुर चाठा को जाने वाला वन क्षेत्र का मार्ग।
- फोटो : NAZIBABAD
गांव रामपुर चाठा तक सड़क पहुंचने की जगी उम्मीद
निखिल चौहान
भागूवाला/नजीबाबाद। बुनियादी सुविधाओं से वंचित गांव रामपुर चाठा तक सड़क पहुंचने की उम्मीद जगी है। वन विभाग और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम ने गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए वन क्षेत्र का सर्वे करते हुए मार्ग निर्माण में आने वाली वन संपदा को चिह्नित किया।
यूपी-उत्तराखंड बॉर्डर पर बसा नजीबाबाद तहसील का गांव रामपुर चाठा आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। वन आरक्षित क्षेत्र में होने के कारण गांव रामपुर चाठा में कई विकास कार्य रुके हुए है। गांव को जोड़ने के लिए न तो पक्की सड़क है और न ही बिजली। जिसके कारण यहां रहने वाले लोगों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई लोग तो गांव से पलायन भी कर चुके हैं। वर्तमान में गांव रामपुर चाठा में करीब दो हजार की आबादी निवास करती है। ग्रामीणों ने समस्याओं के समाधान के लिए डीएम समेत सभी विभागों के कार्यालयों के चक्कर काटे, मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की, लेकिन ग्रामीणों की समस्याओं का निस्तारण नहीं हो सका।
दो माह पूर्व डीएम उमेश मिश्रा और सीडीओ पूर्ण बोहरा ने गांव का निरीक्षण कर ग्रामीणों को गांव के विकास और गांव तक सड़क पहुंचाने का आश्वासन दिया था। डीएम और सीडीओ के निर्देश पर अधिकारियों ने मार्ग निर्माण और वन विभाग से अनुमति के लिए रिपोर्ट तैयार की। अब जाकर रामपुर चाठा तक सड़क पहुंचने की उम्मीद जगी है।
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वन विभाग की ओर राजगढ़ रेंज अधिकारी राजेश शर्मा, डिप्टी रेंजर विनोद सजवाण, वन दरोगा करण गौतम, वन रक्षक ओमकार सिंह और लोनिवि के जेई विक्रम पंवार व उनकी टीम के नेतृत्व में संयुक्त रुप से वन क्षेत्र का सर्वे किया। सर्वें में 12 मीटर चौड़ाई के मार्ग निर्माण कार्य में बाधा बनने वाली वन संपदा को चिह्नित किया गया।
मार्ग निर्माण से वन संपदा को होने वाले नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। - डा. एमके शुक्ला, डीएफओ बिजनौर वन प्रभाग नजीबाबाद
वन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार वन संपदा क्षतिपूर्ति की धनराशि जमा होने के बाद ही सड़क निर्माण का कार्य शुरू हो सकेगा। - योगेंद्र सिंह, एक्सईएन, लोनिवि, नजीबाबाद।
सर्वे होते ही ग्रामीणों में खुशी का माहौल
रामपुर चाठा तक सड़क निर्माण के लिए सर्वे होने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। ग्राम प्रधान सोमदत्त, टिकाराम, सुभाष, जसवीर, जगदीश का कहना है कि यदि प्रशासन वर्षों पहले ग्रामीणों की समस्याओं का संज्ञान ले लेता तो कई वर्ष पहले ही गांव तक सड़क पहुंच जाती। राजस्व अभिलेखों में गांव तक आने के लिए कोई रास्ता ही नहीं है, ग्रामीणों को वन विभाग की जमीन से होकर गांव तक आना पड़ता है। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों के सर्वे करने पर संतुष्टि जताते हुए जल्द से जल्द गांव के लिए पक्की सड़क बनाने की मांग की।
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निखिल चौहान
भागूवाला/नजीबाबाद। बुनियादी सुविधाओं से वंचित गांव रामपुर चाठा तक सड़क पहुंचने की उम्मीद जगी है। वन विभाग और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम ने गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए वन क्षेत्र का सर्वे करते हुए मार्ग निर्माण में आने वाली वन संपदा को चिह्नित किया।
यूपी-उत्तराखंड बॉर्डर पर बसा नजीबाबाद तहसील का गांव रामपुर चाठा आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। वन आरक्षित क्षेत्र में होने के कारण गांव रामपुर चाठा में कई विकास कार्य रुके हुए है। गांव को जोड़ने के लिए न तो पक्की सड़क है और न ही बिजली। जिसके कारण यहां रहने वाले लोगों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई लोग तो गांव से पलायन भी कर चुके हैं। वर्तमान में गांव रामपुर चाठा में करीब दो हजार की आबादी निवास करती है। ग्रामीणों ने समस्याओं के समाधान के लिए डीएम समेत सभी विभागों के कार्यालयों के चक्कर काटे, मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की, लेकिन ग्रामीणों की समस्याओं का निस्तारण नहीं हो सका।
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दो माह पूर्व डीएम उमेश मिश्रा और सीडीओ पूर्ण बोहरा ने गांव का निरीक्षण कर ग्रामीणों को गांव के विकास और गांव तक सड़क पहुंचाने का आश्वासन दिया था। डीएम और सीडीओ के निर्देश पर अधिकारियों ने मार्ग निर्माण और वन विभाग से अनुमति के लिए रिपोर्ट तैयार की। अब जाकर रामपुर चाठा तक सड़क पहुंचने की उम्मीद जगी है।
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वन विभाग की ओर राजगढ़ रेंज अधिकारी राजेश शर्मा, डिप्टी रेंजर विनोद सजवाण, वन दरोगा करण गौतम, वन रक्षक ओमकार सिंह और लोनिवि के जेई विक्रम पंवार व उनकी टीम के नेतृत्व में संयुक्त रुप से वन क्षेत्र का सर्वे किया। सर्वें में 12 मीटर चौड़ाई के मार्ग निर्माण कार्य में बाधा बनने वाली वन संपदा को चिह्नित किया गया।
मार्ग निर्माण से वन संपदा को होने वाले नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। - डा. एमके शुक्ला, डीएफओ बिजनौर वन प्रभाग नजीबाबाद
वन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार वन संपदा क्षतिपूर्ति की धनराशि जमा होने के बाद ही सड़क निर्माण का कार्य शुरू हो सकेगा। - योगेंद्र सिंह, एक्सईएन, लोनिवि, नजीबाबाद।
सर्वे होते ही ग्रामीणों में खुशी का माहौल
रामपुर चाठा तक सड़क निर्माण के लिए सर्वे होने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। ग्राम प्रधान सोमदत्त, टिकाराम, सुभाष, जसवीर, जगदीश का कहना है कि यदि प्रशासन वर्षों पहले ग्रामीणों की समस्याओं का संज्ञान ले लेता तो कई वर्ष पहले ही गांव तक सड़क पहुंच जाती। राजस्व अभिलेखों में गांव तक आने के लिए कोई रास्ता ही नहीं है, ग्रामीणों को वन विभाग की जमीन से होकर गांव तक आना पड़ता है। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों के सर्वे करने पर संतुष्टि जताते हुए जल्द से जल्द गांव के लिए पक्की सड़क बनाने की मांग की।