Bijnor News: कयाकिंग कैनोइंग खेल में बढ़ने लगा खिलाड़ियों का रुझान
बिजनौर से 31 खिलाड़ियों ने कयाकिंग कैनोइंग खेल में पंजीकरण कराया है। यही नहीं अधिकारी गांव-गांव जाकर युवाओं को खेल की खूबियां गिना रहे हैं।
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बिजनौर जनपद में कयाकिंग कैनोइंग खेल में खिलाड़ियों का रुझान बढ़ने लगा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि चार दिनों के अंदर 31 खिलाड़ियों ने इस खेल में अपना पंजीकरण कराया है। कोच सहित अन्य अधिकारी गांव-गांव जाकर युवाओं को खेल की खूबियां गिना रहे हैं।
बिजनौर में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का कयाकिंग कैनोइंग प्रशिक्षण केंद्र बनाया गया है। प्रशिक्षण केंद्र अम्हेड़ा में स्थित अमृत सरोवर को बनाया गया है। कयाकिंग कैनोइंग खेल को अधिक पहचान दिलाने के लिए खेल विभाग सहित अन्य अधिकारी पूरी कोशिश कर रहे हैं।
गांव-गांव जाकर इस खेल की लोगों को जानकारी दी जा रही है। साथ ही गांवों के तालाबों में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ियों को अभ्यास करा रहे हैं। गांव पैजनिया के तालाब में खिलाड़ियों को खेल का अभ्यास कराया, जिससे देख युवा वर्ग जागरूक हो।
युवाओं में इस खेल को लेकर उत्सुकता बढ़ रही है। कयाकिंग कैनोइंग खेल में पिछले चार दिनों में 23 लड़के और आठ लड़कियों ने पंजीकरण कराया है। पानी वाले खेलों के लिए झीलों को भी चिन्हित कर लिया गया है।
जिले में 55 झील की गई चिन्हित
बिजनौर में 150 हेक्टेयर में फैली 55 झीलों को पानी वाले खेलों के लिए चिन्हित कर लिया गया है। जल्द ही इन झीलों में पानी वाले खेल शुरू किए जाएंगे। नजीबाबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत मोचीपुरा, गुंडा, स्योहारा में कासमाबाद, खेड़ी, चंदनपुरा, हल्दौर में जहानाबाद, किरतपुर में जहानाबाद, औरंगपुर ह्दया, अलीपुरा गंगा, मुर्तजापुर, किरतपुर, अल्हैपुर में पीपलसाना, नींदडू खास, नहटौर में हरगनपुर, देवमल में बादशाहपुर आदि अन्य ब्लॉकों में अधिकारियों ने 55 झीलों को चिन्हित किया है।
जिले में युवाओं का कयाकिंग कैनोइंग खेल को लेकर रूझान बढ़ने लगा है। अब तक 31 खिलाड़ियों ने पंजीकरण करा लिया है। गांवों में जाकर अधिक से अधिक युवाओं को इस खेल का प्रशिक्षण लेने के लिए जागरूक किया जा रहा है। बिजनौर से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खिलाड़ियों के निकलने की संभावना है। -फिरोज खान, प्रशिक्षक, कियाकिंग कैनोइंग, बिजनौर