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खाड़ी देशों को भाया जिले के लंगड़े आम का जायका

Fri, 02 Jul 2021 12:24 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 02 Jul 2021 12:24 AM IST
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The tasteThe taste of the lame mangoes of the district was liked by the Gulf countries
खाड़ी देशों को भाया जिले के लंगड़े आम का जायका
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बिजनौर। खाड़ी देशों में जिले के आम का जायका पसंद किया जा रहा है। वहां जिले के आम की डिमांड बढ़ती जा रही है। कुछ दिन पहले एक कंपनी ने खाड़ी देशों में आम का निर्यात शुरू किया था और अब अन्य निर्यातक भी आम खरीदने के लिए बागवानों से संपर्क कर रहे हैं।
जिले में नौ हजार 135 हेक्टेयर में आम और एक हजार 956 हेक्टेयर में अमरूद के बाग हैं। कुछ समय पहले तक बाग लगाने का रुझान कम हो गया था लेकिन अब सरकार द्वारा सब्सिडी देने से किसान फिर से खेतों में बाग लगा रहे हैं। जिले में आम के बड़े बड़े बाग भी हैं और इनसे आम पूरे देश में जाता है। अब जिले के आम का स्वाद सरहद लांघकर खाड़ी देशों में भी पहुंच गया है। मंडावर के रहने वाले हिंदुस्तान एग्रो के मैनेजिंग डायरेक्टर मो. शोएब ने इस साल आम का निर्यात खाड़ी देशों में शुरू किया था। वहां जिले का आम बहुत पसंद किया गया। कंपनी ने किसानों से बाजार दाम से ज्यादा पैैसे देकर आम खरीदा था। किसानों और कंपनी दोनों को फायदा हुआ। आम की गुणवत्ता की वजह से अब और निर्यातक भी जिले के बागों का रुख कर रहे हैं। वे सीधे किसान से आम खरीदकर विदेश भेज रहे हैं। बागवान रईस अहमद के अनुसार अभी वे आढ़त पर ही आम बेच रहे हैं। कोई कंपनी बाग से ही आकर आम खरीदेगी तो उनका बाजार आने का खर्च बच जाएगा।
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सीजन के हिसाब से होगा निर्यात
जिले से अब तक दशहरी आम खाड़ी देशों को गया था। बृहस्पतिवार से लंगड़ा आम भी विदेश जाने लगा है। बरसात शुरू होने पर चौसा प्रजाति का नंबर आएगा और वह भी विदेश जाएगा। आने वाले समय में बागों का रकबा बढ़ेगा तो उसके लिए बाजार अभी से तैयार हो गया है।
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कृषि कानून की वजह से बाग से बिक रहा आम
किसान सीधे बागों से ही आम बेच रहे हैं। ऐसा कृषि सुधार कानूनों में मंडी समिति के बाहर भी व्यापारियों द्वारा फसल खरीदने की वजह से संभव हुआ है। पहले नियम था कि व्यापारी केवल मंडी समिति से ही किसान से फसल खरीद सकता था। नई व्यवस्था से किसानों और व्यापारियों दोनों को फायदा हुआ है।

आम की मांग बढ़ी
हिंदुस्तान एग्रो के मैनेजिंग डायरेक्टर शोएब के अनुसार खाड़ी देशों से फसल खरीदने वालों ने जिले के आम की डिमांड बढ़ाई है। वहां आम पसंद किया जा रहा है। कुछ और निर्यातक भी यहां आम खरीदने के लिए आ रहे हैं।
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