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Bijnor News: 36 सौ हेक्टेयर लक्ष्य, सिर्फ 150 हेक्टेयर में हुई गन्ना बुआई
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धामपुर। धामपुर गन्ना समिति क्षेत्र में 410 गांव शामिल हैं। गन्ना विभाग की ओर से इन सभी गांवों के 72 हजार से अधिक किसानों के माध्यम से 3600 हेक्टेयर क्षेत्रफल में शरदकालीन गन्ने की बुआई का लक्ष्य था लेकिन अभी तक 150 हेक्टेयर क्षेत्रफल में ही बुआई हो सकी है। बेमौसम बरसात से बुआई पर असर पड़ा है, जिससे गन्ना विभाग के अधिकारी और किसान दोनों चिंतित हैं। पिछले साल 2000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की बुवाई हुई थी।
गन्ना विकास परिषद के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अमित कुमार पांडे ने बताया कि इस बार मौसम गन्ना विभाग का साथ नहीं दे रहा है। धामपुर गन्ना समिति क्षेत्र के सभी 410 गांवों में 72 हजार से ज्यादा किसान चीनी मिल को गन्ने की आपूर्ति करते हैं। इन किसानों के जरिये विभाग की ओर से 36 सौ हेक्टेयर क्षेत्रफल में बुआई का लक्ष्य था लेकिन बेमौसमी बारिश के कारण 150 हेक्टेयर क्षेत्रफल में ही बुआई हो पाई है। किसान जैसे ही खेत तैयार कर बुआई का प्रयास करते हैं तो तभी बारिश उनकी मेहनत पर पानी फेर देती है। बारिश के चलते गन्ने की फसल को भारी नुकसान हो रहा है। तेज हवा के चलते गन्ना गिर गया है। जिसकी वजह से उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका है।
उधर धामपुर चीनी मिल के सहायक उपाध्यक्ष संजीव कुमार का कहना है कि इस बार मौसम की मार ने किसान और चीनी मिल दोनों को बेहाल कर दिया है। पिछली बारिश में जो गन्ना तेज हवा के कारण गिर गया था, उसे किसान अभी ठीक से बांध भी नहीं पाए थे। दो दिन पहले तेज हवा के साथ हुई बारिश ने बर्बाद कर दिया। गन्ने की बुआई करने का अक्तूबर माह ही सबसे सर्वोत्तम समय होता है, फिर ठंड पड़ने से ठीक से जमाव नहीं होता।
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गन्ना विकास परिषद के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अमित कुमार पांडे ने बताया कि इस बार मौसम गन्ना विभाग का साथ नहीं दे रहा है। धामपुर गन्ना समिति क्षेत्र के सभी 410 गांवों में 72 हजार से ज्यादा किसान चीनी मिल को गन्ने की आपूर्ति करते हैं। इन किसानों के जरिये विभाग की ओर से 36 सौ हेक्टेयर क्षेत्रफल में बुआई का लक्ष्य था लेकिन बेमौसमी बारिश के कारण 150 हेक्टेयर क्षेत्रफल में ही बुआई हो पाई है। किसान जैसे ही खेत तैयार कर बुआई का प्रयास करते हैं तो तभी बारिश उनकी मेहनत पर पानी फेर देती है। बारिश के चलते गन्ने की फसल को भारी नुकसान हो रहा है। तेज हवा के चलते गन्ना गिर गया है। जिसकी वजह से उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका है।
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उधर धामपुर चीनी मिल के सहायक उपाध्यक्ष संजीव कुमार का कहना है कि इस बार मौसम की मार ने किसान और चीनी मिल दोनों को बेहाल कर दिया है। पिछली बारिश में जो गन्ना तेज हवा के कारण गिर गया था, उसे किसान अभी ठीक से बांध भी नहीं पाए थे। दो दिन पहले तेज हवा के साथ हुई बारिश ने बर्बाद कर दिया। गन्ने की बुआई करने का अक्तूबर माह ही सबसे सर्वोत्तम समय होता है, फिर ठंड पड़ने से ठीक से जमाव नहीं होता।
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