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धर्मूवाला में बेटे ने की थी वृद्ध की हत्या
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बिजनौर : बढ़ापुर में हुए प्रीतम हत्याकांड के पकडे गए तीन आरोपी।
- फोटो : BIJNOR
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धर्मूवाला में बेटे ने की थी वृद्ध की हत्या
बिजनौर। जायदाद से बेदखल करने की धमकी देने पर युवक ने पिता को मार डाला। पुलिस ने धर्मूवाला निवासी प्रीतम सिंह हत्याकांड का खुलासा करते हुए पिता के कातिल बेटे को उसके साले और दोस्त समेत गिरफ्तार कर लिया है। हत्या कर आरोपी ने सौतेली मां के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों का चालान कर दिया है।
सोमवार को एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने प्रेसवार्ता करते हुए बताया कि 26 नवंबर को बढ़ापुर थाने में कैलाशचंद ने अपने पिता की हत्या के आरोप में सौतेली मां बछली के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रीतम सिंह की हत्या होने के बाद से ही बछली अपनी बेटी के साथ लापता बताई जा रही थी। जिस पर पुलिस को शुरुआत में शक भी हुआ, लेकिन जांच करने पर हत्या की परत दर परत खुल गई। स्वाट और बढ़ापुर पुलिस ने कैलाशचंद पुत्र प्रीतम सिंह निवासी धर्मूवाला, उसके साले संदीप पुत्र रामपाल निवासी बालकिशनपुर शेरकोट और सुधांशु पुत्र सुनील कुमार निवासी मिर्जापुर शेरकोट को गिरफ्तार कर लिया। संदीप और सुधांशु आपस में गहरे दोस्त हैं। पूछताछ में पिता के कातिल कैलाश ने बताया कि उसकी मां की मौत तीन साल पहले हो गई थी। जिसके बाद उसके पिता ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में रहने वाली महिला बछली से शादी कर ली। आठ महीने से बछली को प्रीतम अपने साथ ही रख रहा था। प्रीतम के पास 14 बीघा जमीन थी, जिसे वह बछली के नाम कर बेटे कैलाश को जायदाद से बेदखल करने की धमकी देता था।
इस पर कैलाश ने अपने साले संदीप और उसके दोस्त सुधांशु के साथ मिलकर पिता की हत्या करने की योजना बनाई। 25 नवंबर की देर शाम करीब नौ बजे खाट के पाए से सिर में वार कर उसने पिता की हत्या कर दी थी। इसके बाद सौतेली मां को घर से निकालने के लिए उसके खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। प्रेस वार्ता के दौरान एएसपी देहात रामअर्ज, सीओ नगीना भी मौजूद रहे। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में स्वाट निरीक्षक नरेश कुमार, थानाध्यक्ष अनुज कुमार तोमर, एसआई गजेंद्र सिंह, एसआई जर्रार हुसैन, राजकुमार नागर, विकास बैसला आदि शामिल रहे।
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सौतेेली मां की गैर मौजूदगी में दिया घटना को अंजाम
हत्या की योजना बनाने के बाद आरोपी कैलाश ने अपने साले और उसके दोस्त के साथ सौतेली मां को उत्तराखंड ले जाने के बहाने भेज दिया था। सौतेली मां की बहन की एक दिसंबर को शादी होनी थी। सौतेली मां बछली की गैर मौजूदगी में कैलाश ने अपने पिता की हत्या कर दी। रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ-साथ यह अफवाह फैैला दी कि उसके पिता की दूसरी पत्नी लापता है। बताया गया कि प्रीतम की यह चौथी शादी थी। अपनी पहली पत्नी के मरने के बाद उसने दो और शादी कीं। वह दोनों पत्नी दो या तीन तीन दिन ही ठहरी थीं। चौथी शादी करने के लिए उसने अस्सी हजार रुपये खर्च किए थे। तीसरी शादी करने के लिए 57 वर्षीय प्रीतम ने 70 हजार खर्च किए थे। इस वजह से बेटा-पुत्रवधू और परिवार के लोग नाराज थे।
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बिजनौर। जायदाद से बेदखल करने की धमकी देने पर युवक ने पिता को मार डाला। पुलिस ने धर्मूवाला निवासी प्रीतम सिंह हत्याकांड का खुलासा करते हुए पिता के कातिल बेटे को उसके साले और दोस्त समेत गिरफ्तार कर लिया है। हत्या कर आरोपी ने सौतेली मां के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों का चालान कर दिया है।
सोमवार को एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने प्रेसवार्ता करते हुए बताया कि 26 नवंबर को बढ़ापुर थाने में कैलाशचंद ने अपने पिता की हत्या के आरोप में सौतेली मां बछली के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रीतम सिंह की हत्या होने के बाद से ही बछली अपनी बेटी के साथ लापता बताई जा रही थी। जिस पर पुलिस को शुरुआत में शक भी हुआ, लेकिन जांच करने पर हत्या की परत दर परत खुल गई। स्वाट और बढ़ापुर पुलिस ने कैलाशचंद पुत्र प्रीतम सिंह निवासी धर्मूवाला, उसके साले संदीप पुत्र रामपाल निवासी बालकिशनपुर शेरकोट और सुधांशु पुत्र सुनील कुमार निवासी मिर्जापुर शेरकोट को गिरफ्तार कर लिया। संदीप और सुधांशु आपस में गहरे दोस्त हैं। पूछताछ में पिता के कातिल कैलाश ने बताया कि उसकी मां की मौत तीन साल पहले हो गई थी। जिसके बाद उसके पिता ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में रहने वाली महिला बछली से शादी कर ली। आठ महीने से बछली को प्रीतम अपने साथ ही रख रहा था। प्रीतम के पास 14 बीघा जमीन थी, जिसे वह बछली के नाम कर बेटे कैलाश को जायदाद से बेदखल करने की धमकी देता था।
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इस पर कैलाश ने अपने साले संदीप और उसके दोस्त सुधांशु के साथ मिलकर पिता की हत्या करने की योजना बनाई। 25 नवंबर की देर शाम करीब नौ बजे खाट के पाए से सिर में वार कर उसने पिता की हत्या कर दी थी। इसके बाद सौतेली मां को घर से निकालने के लिए उसके खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। प्रेस वार्ता के दौरान एएसपी देहात रामअर्ज, सीओ नगीना भी मौजूद रहे। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में स्वाट निरीक्षक नरेश कुमार, थानाध्यक्ष अनुज कुमार तोमर, एसआई गजेंद्र सिंह, एसआई जर्रार हुसैन, राजकुमार नागर, विकास बैसला आदि शामिल रहे।
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सौतेेली मां की गैर मौजूदगी में दिया घटना को अंजाम
हत्या की योजना बनाने के बाद आरोपी कैलाश ने अपने साले और उसके दोस्त के साथ सौतेली मां को उत्तराखंड ले जाने के बहाने भेज दिया था। सौतेली मां की बहन की एक दिसंबर को शादी होनी थी। सौतेली मां बछली की गैर मौजूदगी में कैलाश ने अपने पिता की हत्या कर दी। रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ-साथ यह अफवाह फैैला दी कि उसके पिता की दूसरी पत्नी लापता है। बताया गया कि प्रीतम की यह चौथी शादी थी। अपनी पहली पत्नी के मरने के बाद उसने दो और शादी कीं। वह दोनों पत्नी दो या तीन तीन दिन ही ठहरी थीं। चौथी शादी करने के लिए उसने अस्सी हजार रुपये खर्च किए थे। तीसरी शादी करने के लिए 57 वर्षीय प्रीतम ने 70 हजार खर्च किए थे। इस वजह से बेटा-पुत्रवधू और परिवार के लोग नाराज थे।