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Bijnor News: ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना के फेर में अटका सचिवों का वेतन
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बिजनौर। ग्राम पंचायतों की कार्य योजना के फेर में सचिवों का वेतन लटका हुआ है। दरअसल विभाग ने कार्य योजना बनाकर जमा करने में की जा रही देरी को लेकर वेतन रोक दिया था। मगर अब कार्ययोजना एक सप्ताह पहले जमा हो चुकी है मगर अभी तक सचिवों का अगस्त माह का वेतन नहीं आया है।
कार्यकाल पूरा होने के पर भी पंचायत चुनाव नहीं होने पर सरकार ने ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाया है। प्रशासक बनने के बाद से विकास कार्य को लेकर अधिकारों में बदलाव किए गए हैं। ग्राम प्रधान के कार्यकाल तक गांव के विकास के प्रस्ताव और कार्ययोजना पर ब्लॉक स्तर पर ही मुहर लग जाती थी। मगर अब कार्य योजना को जिला स्तर पर स्वीकृति मिलनी है। इसके लिए सभी ग्राम पंचायतों से कार्ययोजना मांगी गई थी। कार्ययोजना को डीपीआरओ ऑफिस में जमा करना था।
कुछ पंचायत सचिवों ने कार्ययोजना भेजने मे देरी की तो विभाग ने अगस्त माह का वेतन रोकने के आदेश जारी कर दिए थे। एक सप्ताह पहले तक जिले की सभी ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना डीपीआरओ कार्यालय पहुंच चुकी हैं, इसके बावजूद पंचायत के सचिवों को अगस्त माह का वेतन नहीं मिला है। जिसके चलते उन सचिवों को ज्यादा परेशानी हो रही है, जिन्हें कर्ज की ईएमआई, बच्चों की फीस और दवाइयों पर खर्च करना होता है। उधर नियमानुसार पांच सितंबर तक वेतन खातों में पहुंच जाना चाहिए था।
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कार्ययोजना को लेकर वेतन में देरी हुई थी। अब सचिवों के वेतन के लिए चिट्ठी जारी कर दी गई है। जल्द ही वेतन पहुंच जाएगा, कुछ के खातों में चला भी गया होगा।....डा. प्रीतम सिंह, डीपीआरओ बिजनौर
कार्य योजना देरी से जमा करने में वेतन रोका गया था, अब कार्ययोजना जमा होने के बाद सभी पंचायत सचिवों का वेतन जारी कर दिया गया है। जल्द ही खातों में पहुंच जाएगा। ....रचना गुप्ता, जिला विकास अधिकारी
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कार्यकाल पूरा होने के पर भी पंचायत चुनाव नहीं होने पर सरकार ने ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाया है। प्रशासक बनने के बाद से विकास कार्य को लेकर अधिकारों में बदलाव किए गए हैं। ग्राम प्रधान के कार्यकाल तक गांव के विकास के प्रस्ताव और कार्ययोजना पर ब्लॉक स्तर पर ही मुहर लग जाती थी। मगर अब कार्य योजना को जिला स्तर पर स्वीकृति मिलनी है। इसके लिए सभी ग्राम पंचायतों से कार्ययोजना मांगी गई थी। कार्ययोजना को डीपीआरओ ऑफिस में जमा करना था।
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कुछ पंचायत सचिवों ने कार्ययोजना भेजने मे देरी की तो विभाग ने अगस्त माह का वेतन रोकने के आदेश जारी कर दिए थे। एक सप्ताह पहले तक जिले की सभी ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना डीपीआरओ कार्यालय पहुंच चुकी हैं, इसके बावजूद पंचायत के सचिवों को अगस्त माह का वेतन नहीं मिला है। जिसके चलते उन सचिवों को ज्यादा परेशानी हो रही है, जिन्हें कर्ज की ईएमआई, बच्चों की फीस और दवाइयों पर खर्च करना होता है। उधर नियमानुसार पांच सितंबर तक वेतन खातों में पहुंच जाना चाहिए था।
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कार्ययोजना को लेकर वेतन में देरी हुई थी। अब सचिवों के वेतन के लिए चिट्ठी जारी कर दी गई है। जल्द ही वेतन पहुंच जाएगा, कुछ के खातों में चला भी गया होगा।....डा. प्रीतम सिंह, डीपीआरओ बिजनौर
कार्य योजना देरी से जमा करने में वेतन रोका गया था, अब कार्ययोजना जमा होने के बाद सभी पंचायत सचिवों का वेतन जारी कर दिया गया है। जल्द ही खातों में पहुंच जाएगा। ....रचना गुप्ता, जिला विकास अधिकारी