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Bijnor News: मुर्गे ने दी बांग, लालच में फंसा एक और गुलदार
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नजीबाबाद/जलालाबाद। गांव धनसिनी में एक और मादा गुलदार पिंजरे में कैद हो गया। पिंजरे में बंद मुर्गों के बांग लगाते ही गुलदार भूख मिटाने वहां पहुंचा और पिंजरे में कैद हो गया।
जलालबाद क्षेत्र के गांव धनसिनी से डेढ़ माह में चौथा गुलदार मंगलवार की तड़के पिंजरे में कैद हुआ। अरविंद के खेत में रखे पिंजरे में दो मुर्गे रखे गए थे। पिंजरे में गुलदार फंसने की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की सूचना पर सामाजिक वानिकी विभाग के रेंजर राम कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने पिंजरे को कब्जे में लेकर जालपुर स्थित विभाग की नर्सरी में पहुंचाया। रेंजर राम कुमार ने बताया कि मादा गुलदार की आयु दो वर्ष है। गुलदार पूर्णत: स्वस्थ है।
गांव से पकड़ा गया चौथा गुलदार
गांव धनसिनी में डेढ़ महीने के भीतर चौथा गुलदार पिंजरे में कैद हुआ है। चार दिन पहले इसी खेत से मादा गुलदार पकड़ा गया था। इसके पहले 13 नवंबर को नर गुलदार और एक दिसंबर को मादा गुलदार भी धनसीनी से पिंजरे में कैद हो चुके हैं।
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पिंजरा लाने और मुर्गा रखने की जिम्मेदारी निभा रहे ग्रामीण
गांव धनसिनी में पकड़े जाने में ग्रामीण अहम जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ग्रामीण मास्टर अरविंद, सीताराम, सुरेंद्र, आयुष, संजीव कुमार, सुनील आदि का कहना है कि विभाग की टीम गुलदार पकड़ने के लिए कोई भी मदद नहीं कर रही है। पिंजरे को लाने और पिंजरे के अंदर मुर्गा रखने और उसे दाना पानी देने की जिम्मेदारी ग्रामीण करते हैं।
बोले ग्रामीण, क्षेत्र में और भी हैं गुलदार
ग्रामीणों का कहना है कि गांव धनसिनी क्षेत्र में और भी गुलदार हैं। ग्रामीणों ने उसी क्षेत्र में बड़ा पिंजरा लगाने की मांग की है। ग्रामीणों ने सामाजिक वानिकी टीम को क्षेत्र में बाघ होने की भी जानकारी दी। उधर, रेंजर रामकुमार ने बताया कि ग्रामीणों की मांग पर गांव धनसिनी में पिंजरा लगाया जाएगा।
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जलालबाद क्षेत्र के गांव धनसिनी से डेढ़ माह में चौथा गुलदार मंगलवार की तड़के पिंजरे में कैद हुआ। अरविंद के खेत में रखे पिंजरे में दो मुर्गे रखे गए थे। पिंजरे में गुलदार फंसने की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की सूचना पर सामाजिक वानिकी विभाग के रेंजर राम कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने पिंजरे को कब्जे में लेकर जालपुर स्थित विभाग की नर्सरी में पहुंचाया। रेंजर राम कुमार ने बताया कि मादा गुलदार की आयु दो वर्ष है। गुलदार पूर्णत: स्वस्थ है।
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गांव से पकड़ा गया चौथा गुलदार
गांव धनसिनी में डेढ़ महीने के भीतर चौथा गुलदार पिंजरे में कैद हुआ है। चार दिन पहले इसी खेत से मादा गुलदार पकड़ा गया था। इसके पहले 13 नवंबर को नर गुलदार और एक दिसंबर को मादा गुलदार भी धनसीनी से पिंजरे में कैद हो चुके हैं।
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पिंजरा लाने और मुर्गा रखने की जिम्मेदारी निभा रहे ग्रामीण
गांव धनसिनी में पकड़े जाने में ग्रामीण अहम जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ग्रामीण मास्टर अरविंद, सीताराम, सुरेंद्र, आयुष, संजीव कुमार, सुनील आदि का कहना है कि विभाग की टीम गुलदार पकड़ने के लिए कोई भी मदद नहीं कर रही है। पिंजरे को लाने और पिंजरे के अंदर मुर्गा रखने और उसे दाना पानी देने की जिम्मेदारी ग्रामीण करते हैं।
बोले ग्रामीण, क्षेत्र में और भी हैं गुलदार
ग्रामीणों का कहना है कि गांव धनसिनी क्षेत्र में और भी गुलदार हैं। ग्रामीणों ने उसी क्षेत्र में बड़ा पिंजरा लगाने की मांग की है। ग्रामीणों ने सामाजिक वानिकी टीम को क्षेत्र में बाघ होने की भी जानकारी दी। उधर, रेंजर रामकुमार ने बताया कि ग्रामीणों की मांग पर गांव धनसिनी में पिंजरा लगाया जाएगा।