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बालावाली पुल के पहुंच मार्ग का रास्ता नहीं हुआ साफ
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बालावाली पुल के पहुंच मार्ग का रास्ता नहीं हुआ साफ
बिजनौर। गंगा नदी पर बालावाली में बनाए जा रहे पुल की अप्रोच मार्ग बनाए जाने का रास्ता अभी साफ नहीं हुआ है। फिलहाल एक बंद फैक्टरी की खाली पड़ी जमीन को अधिग्रहण कर मार्ग बनाने की गुंजाइश तलाशी जा रही है। दरअसल, 400 मीटर मार्ग बनाने के लिए सरकारी जमीन है। हालांकि उत्तराखंड अप्रोच मार्ग के लिए जमीन अधिग्रहण काफी पहले कर चुका है, साथ ही पुल को रुड़की से सीधे जोड़ने के लिए सड़क भी बना चुका है।
बालावाली में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ने के लिए गंगा नदी पर पुल बनकर लगभग तैयार हो चुका है। अब गाइड बंध का काम ही शेष रह गया है जो पहुंच मार्ग बनाए जाना भी जमीन की वजह से बाकी है। बता दें कि बालावाली पुल को सड़क से जोड़ने के लिए 1200 मीटर लंबा पहुंच मार्ग बनाया जाना है, इसमें 400 मीटर लंबी सड़क सरकारी नहीं है। हालांकि मौके पर संकरी सड़क बनी है, जोकि अभिलेखों में फैक्टरी की बताई जा रही है। पहले सड़क की इस जमीन को अधिग्रहण करने की कवायद चली। अधिग्रहण के लिए बजट भी मिल चुका है। फिर भी तस्वीर अभी तक साफ नहीं ह़ुई है।
जमीन अधिग्रहण कर चुका उत्तराखंड
पुल निर्माण से पहले दोनों ही राज्यों ने पुल के दोनों तरफ सरकारी जमीन बता दी थी। पुल लगभग बनकर तैयार हुआ तो पहुंच मार्ग के लिए जमीन नहीं मिली। हालांकि उत्तराखंड सरकार ने अपनी सीमा में पहुंच मार्ग के लिए जमीन अधिग्रहण कर बिजनौर लोक निर्माण विभाग के हवाले कर दी है। अभी बिजनौर प्रशासन पहुंच मार्ग के निर्माण को लेकर जमीन के मसले में उलझा हुआ है। उत्तराखंड अपनी सीमा में रुड़की से लक्सर तक टू लेन सड़क बना रहा है, जोकि अंतिम चरण में है। जिस पर 55 करोड़ की लागत आ रही है। वहीं, लक्सर से बालावाली तक 25 करोड़ की लागत से सड़क टू लेन बनाई जा रही है। यह काम पिछले महीने शुरू हुआ है। अभी तक यह सड़क केवल पांच मीटर चौड़ी थी, जिसे सात मीटर चौड़ा किया जा रहा है। रुड़की से बालावाली की दूरी 34 किलोमीटर है।
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पहुंच मार्ग निर्माण के लिए जल्द ही जमीन मिलने की उम्मीद है। जमीन मिलते ही काम चालू कर दिया जाएगा। पुल लगभग बनकर तैयार है। गाइड बंध बनाए जा रहे हैं
- सुनील सागर, अधिशासी अभियंता पीडब्लूडी
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बिजनौर। गंगा नदी पर बालावाली में बनाए जा रहे पुल की अप्रोच मार्ग बनाए जाने का रास्ता अभी साफ नहीं हुआ है। फिलहाल एक बंद फैक्टरी की खाली पड़ी जमीन को अधिग्रहण कर मार्ग बनाने की गुंजाइश तलाशी जा रही है। दरअसल, 400 मीटर मार्ग बनाने के लिए सरकारी जमीन है। हालांकि उत्तराखंड अप्रोच मार्ग के लिए जमीन अधिग्रहण काफी पहले कर चुका है, साथ ही पुल को रुड़की से सीधे जोड़ने के लिए सड़क भी बना चुका है।
बालावाली में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ने के लिए गंगा नदी पर पुल बनकर लगभग तैयार हो चुका है। अब गाइड बंध का काम ही शेष रह गया है जो पहुंच मार्ग बनाए जाना भी जमीन की वजह से बाकी है। बता दें कि बालावाली पुल को सड़क से जोड़ने के लिए 1200 मीटर लंबा पहुंच मार्ग बनाया जाना है, इसमें 400 मीटर लंबी सड़क सरकारी नहीं है। हालांकि मौके पर संकरी सड़क बनी है, जोकि अभिलेखों में फैक्टरी की बताई जा रही है। पहले सड़क की इस जमीन को अधिग्रहण करने की कवायद चली। अधिग्रहण के लिए बजट भी मिल चुका है। फिर भी तस्वीर अभी तक साफ नहीं ह़ुई है।
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जमीन अधिग्रहण कर चुका उत्तराखंड
पुल निर्माण से पहले दोनों ही राज्यों ने पुल के दोनों तरफ सरकारी जमीन बता दी थी। पुल लगभग बनकर तैयार हुआ तो पहुंच मार्ग के लिए जमीन नहीं मिली। हालांकि उत्तराखंड सरकार ने अपनी सीमा में पहुंच मार्ग के लिए जमीन अधिग्रहण कर बिजनौर लोक निर्माण विभाग के हवाले कर दी है। अभी बिजनौर प्रशासन पहुंच मार्ग के निर्माण को लेकर जमीन के मसले में उलझा हुआ है। उत्तराखंड अपनी सीमा में रुड़की से लक्सर तक टू लेन सड़क बना रहा है, जोकि अंतिम चरण में है। जिस पर 55 करोड़ की लागत आ रही है। वहीं, लक्सर से बालावाली तक 25 करोड़ की लागत से सड़क टू लेन बनाई जा रही है। यह काम पिछले महीने शुरू हुआ है। अभी तक यह सड़क केवल पांच मीटर चौड़ी थी, जिसे सात मीटर चौड़ा किया जा रहा है। रुड़की से बालावाली की दूरी 34 किलोमीटर है।
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पहुंच मार्ग निर्माण के लिए जल्द ही जमीन मिलने की उम्मीद है। जमीन मिलते ही काम चालू कर दिया जाएगा। पुल लगभग बनकर तैयार है। गाइड बंध बनाए जा रहे हैं
- सुनील सागर, अधिशासी अभियंता पीडब्लूडी