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Bijnor News: मुराहट की मिट्टी में जन्म लेते हैं वतन के रखवाले
Thu, 08 May 2025 11:26 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Thu, 08 May 2025 11:26 PM IST
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नूरपुर। शिवाला कलां थाने से करीब तीन किलोमीटर दूर बसे गांव मुराहट की धरती में वतन के रखवाले जन्म लेते हैं। करीब सात हजार की आबादी वाले इस गांव में वर्तमान में 167 युवा सेना में अलग-अलग पदों पर कार्यरत हैं। लगभग 30 सेवानिवृत हो चुके हैं। अर्द्धसैनिक बलों, पुलिस और पीएसी आदि को भी इसमें शामिल कर लें तो इनकी संख्या 300 से ज्यादा हो जाती है।
नूरपुर-अमरोहा रोड पर बसे गांव मुराहट निवासी स्व. अजब सिंह 1971 में सेना में भर्ती हुए थे। उनके परिजन बताते हैं कि 1972 की पाकिस्तान से लड़ाई में उन्होंने योगदान दिया। सेवा में रहते 1985 में बीमारी से उनकी मृत्यु हो गई थी। उनके पुत्र उपेंद्र हर्षाना वर्तमान में सूबेदार मेजर के पद पर मैदक हैदराबाद में तैनात हैं। वे कारगिल युद्ध में शामिल हुए। गांव में रहकर खेती कर रहे उपेंद्र हर्षाना के भाई सुरेश बताते हैं कि गांव के कमल सिंह, विरेश सिंह, संजीव कुमार, मनोज कुमार, अमित कुमार, अरविंद कुमार, राजेश कुमार, सुनील कुमार, अरिवंद, बंटी सिंह आदि सेना में विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं। दिवाकर शर्मा एयरफोर्स में हैं।
उन्होंने बताया कि ऑर्डनरी लेफ्टिनेंट चंद्रभान सिंह, ओमवीर सिंह, सोमवीर सिंह, बाबू सिंह, पवन कुमार, नरेश कुमार, सत्यवीर सिंह, मदनपाल सिंह, विनोद कुमार, सत्यदेव शर्मा आदि सेवानिवृत हो चुके हैं। वह बताते हैं कि गांव के युवाओं को सेना में जाने का जुनून है। वे बचपन से ही भर्ती के लिए तैयारी शुरू कर देते हैं। गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय, पब्लिक जूनियर हाईस्कूल एवं आदर्श पब्लिक इंटर कॉलेज का युवाओं की इस उपलब्धि में विशेष योगदान है। अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं प्रचार मंत्री डॉ. मनोज कटरिया मुराहट के युवाओं में देश प्रेम की लगन को सराहते हैं। आने वाली पीढ़ी से इस दिशा में और आगे बढ़ने को कहते हैं।
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नूरपुर-अमरोहा रोड पर बसे गांव मुराहट निवासी स्व. अजब सिंह 1971 में सेना में भर्ती हुए थे। उनके परिजन बताते हैं कि 1972 की पाकिस्तान से लड़ाई में उन्होंने योगदान दिया। सेवा में रहते 1985 में बीमारी से उनकी मृत्यु हो गई थी। उनके पुत्र उपेंद्र हर्षाना वर्तमान में सूबेदार मेजर के पद पर मैदक हैदराबाद में तैनात हैं। वे कारगिल युद्ध में शामिल हुए। गांव में रहकर खेती कर रहे उपेंद्र हर्षाना के भाई सुरेश बताते हैं कि गांव के कमल सिंह, विरेश सिंह, संजीव कुमार, मनोज कुमार, अमित कुमार, अरविंद कुमार, राजेश कुमार, सुनील कुमार, अरिवंद, बंटी सिंह आदि सेना में विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं। दिवाकर शर्मा एयरफोर्स में हैं।
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उन्होंने बताया कि ऑर्डनरी लेफ्टिनेंट चंद्रभान सिंह, ओमवीर सिंह, सोमवीर सिंह, बाबू सिंह, पवन कुमार, नरेश कुमार, सत्यवीर सिंह, मदनपाल सिंह, विनोद कुमार, सत्यदेव शर्मा आदि सेवानिवृत हो चुके हैं। वह बताते हैं कि गांव के युवाओं को सेना में जाने का जुनून है। वे बचपन से ही भर्ती के लिए तैयारी शुरू कर देते हैं। गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय, पब्लिक जूनियर हाईस्कूल एवं आदर्श पब्लिक इंटर कॉलेज का युवाओं की इस उपलब्धि में विशेष योगदान है। अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं प्रचार मंत्री डॉ. मनोज कटरिया मुराहट के युवाओं में देश प्रेम की लगन को सराहते हैं। आने वाली पीढ़ी से इस दिशा में और आगे बढ़ने को कहते हैं।
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