{"_id":"6204060d433a6865ba63f11f","slug":"the-problem-of-dryness-in-the-eyes-is-increasing-due-to-smartphone-bijnor-news-mrt5764261183","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्मार्टफोन से बढ़ रही आंखों में ड्राइनेस की समस्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्मार्टफोन से बढ़ रही आंखों में ड्राइनेस की समस्या
विज्ञापन
स्मार्टफोन से बढ़ रही आंखों में ड्राइनेस की समस्या
बिजनौर। नई तकनीक के प्रयोग से बच्चों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। स्मार्ट फोन और कंप्यूटर स्क्रीन का ज्यादा प्रयोग करने से बच्चों की आंखों में ड्राइनेस की समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है। जिला अस्पताल में रोजाना पांच से दस प्रतिशत बच्चे इसी समस्या से ग्रसित आ रहे हैं। इसकी वजह से बच्चों के सिर में दर्द, आंखों में दर्द आदि की समस्याएं हो रही हैं।
आज के दौर में तकनीकी प्रयोग से काम जितना आसान हो गया है, इसका प्रयोग समस्या भी पैदा कर रहा है। पढ़ाई के लिए बच्चे स्मार्टफोन और कंप्यूटर का प्रयोग अधिक कर रहे हैं। ज्यादा समय तक स्क्रीन देखने का असर उनकी आंखों पर भी पड़ रहा है। छोटी सी उम्र में बच्चों की आंखों के कमजोर होने का मुख्य कारण स्मार्टफोन का ज्यादा उपयोग करना है। जिला अस्पताल में रोजाना आंखों से संबंधित 100 से 200 मरीज आ रहे हैं। जिनमें बच्चों और बुजुर्गों की संख्या अधिक है। बुजुर्गों में मोतियाबिंद की समस्या ज्यादा दिखाई देती है। जबकि बच्चों में ड्राइनेस और रिफेक्टिकल एरर की समस्या ज्यादा दिखाई देती है। बच्चों में यह समस्या तकनीकी उपकरणों के ज्यादा प्रयोग से है। रोजाना पांच से दस प्रतिशत बच्चे आंखों की दवाई लेने आ रहे हैं।
एसी के कारण भी आंखों में होती है ड्राइनेस
ज्यादातर ऑफिस में एसी का प्रयोग किया जाता है। जिससे आंखों में ड्राइनेस की समस्या हो जाती है। क्योंकि एसी हमारी आंखों के पानी को सोख लेता है। कंप्यूटर स्क्रीन का सीधा असर हमारी आंखों पर पड़ता है। इससे सिर में दर्द जैसी कई समस्याएं होने लगती हैं। डॉ. रजनीश शर्मा ने बताया कि ज्यादातर बच्चों में ड्राइनेस की समस्या दिखाई देती है। बुजुर्गों में मोतियाबिंद की समस्या होती है। करीब दस प्रतिशत बच्चे जिला अस्पताल में आंखों की दवाई लेने के लिए आते हैं। जिला अस्पताल में रोजाना 15 से 20 लोगों की आंखों के ऑपरेशन हो रहे हैं।
विज्ञापन
बच्चों कस इन चीजों से करना चाहिए बचाव
- स्मार्ट फोन का प्रयोग दूर से करना चाहिए।
- अंधेरे में स्मार्ट फोन का उपयोग नहीं करना चाहिए।
- फोन का उपयोग लगातार नहीं करना चाहिए।
- फोन का उपयोग करते समय बार-बार पलक झपकते रहना चाहिए।
- अगर आंखों में दर्द होता है तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
विज्ञापन
बिजनौर। नई तकनीक के प्रयोग से बच्चों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। स्मार्ट फोन और कंप्यूटर स्क्रीन का ज्यादा प्रयोग करने से बच्चों की आंखों में ड्राइनेस की समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है। जिला अस्पताल में रोजाना पांच से दस प्रतिशत बच्चे इसी समस्या से ग्रसित आ रहे हैं। इसकी वजह से बच्चों के सिर में दर्द, आंखों में दर्द आदि की समस्याएं हो रही हैं।
आज के दौर में तकनीकी प्रयोग से काम जितना आसान हो गया है, इसका प्रयोग समस्या भी पैदा कर रहा है। पढ़ाई के लिए बच्चे स्मार्टफोन और कंप्यूटर का प्रयोग अधिक कर रहे हैं। ज्यादा समय तक स्क्रीन देखने का असर उनकी आंखों पर भी पड़ रहा है। छोटी सी उम्र में बच्चों की आंखों के कमजोर होने का मुख्य कारण स्मार्टफोन का ज्यादा उपयोग करना है। जिला अस्पताल में रोजाना आंखों से संबंधित 100 से 200 मरीज आ रहे हैं। जिनमें बच्चों और बुजुर्गों की संख्या अधिक है। बुजुर्गों में मोतियाबिंद की समस्या ज्यादा दिखाई देती है। जबकि बच्चों में ड्राइनेस और रिफेक्टिकल एरर की समस्या ज्यादा दिखाई देती है। बच्चों में यह समस्या तकनीकी उपकरणों के ज्यादा प्रयोग से है। रोजाना पांच से दस प्रतिशत बच्चे आंखों की दवाई लेने आ रहे हैं।
विज्ञापन
एसी के कारण भी आंखों में होती है ड्राइनेस
ज्यादातर ऑफिस में एसी का प्रयोग किया जाता है। जिससे आंखों में ड्राइनेस की समस्या हो जाती है। क्योंकि एसी हमारी आंखों के पानी को सोख लेता है। कंप्यूटर स्क्रीन का सीधा असर हमारी आंखों पर पड़ता है। इससे सिर में दर्द जैसी कई समस्याएं होने लगती हैं। डॉ. रजनीश शर्मा ने बताया कि ज्यादातर बच्चों में ड्राइनेस की समस्या दिखाई देती है। बुजुर्गों में मोतियाबिंद की समस्या होती है। करीब दस प्रतिशत बच्चे जिला अस्पताल में आंखों की दवाई लेने के लिए आते हैं। जिला अस्पताल में रोजाना 15 से 20 लोगों की आंखों के ऑपरेशन हो रहे हैं।
विज्ञापन
बच्चों कस इन चीजों से करना चाहिए बचाव
- स्मार्ट फोन का प्रयोग दूर से करना चाहिए।
- अंधेरे में स्मार्ट फोन का उपयोग नहीं करना चाहिए।
- फोन का उपयोग लगातार नहीं करना चाहिए।
- फोन का उपयोग करते समय बार-बार पलक झपकते रहना चाहिए।
- अगर आंखों में दर्द होता है तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।