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ट्रैक्टर-ट्राॅली से मरीज को लेकर पहुंचे बैंक
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Fri, 23 Dec 2016 12:09 AM IST
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मंडावर के जिला सहकारी बैंक के बाहर बीमार वृद्ध को ट्रैक्टर ट्राली में लेकर पहुंचे परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में जिले के ग्रामीण इलाकों में कैश की किल्लत अधिक होने के कारण ग्राहकों को काफी परेशानियां उठानी पड़ रही है। गांव काजीवाला में लाइन में लगा एक ग्राहक चक्कर आने के कारण बेहोश हो गया। मंडावर में उपचार के लिए रुपये निकालने के लिए परिजन मरीज को ट्रैक्टर-ट्राली से लेकर बैंक पहुंचे। इसके बाद भी परिजनों को लाइन में लगकर ही पेमेंट दिया गया।
गांव काजीवाला निवासी अजय सिंह बृहस्पतिवार को जिला सहकारी बैंक से रुपये निकालने के लिए सुबह 9.30 बजे लाइन में लगे थे। बैंक के बाहर बहुत भीड़ होने के कारण अजय सिंह करीब 11 बजे तक लाइन में लगे रहे। लाइन में लगे हुए अजय सिंह को चक्कर आ गए और वे बेहोश हो गए।
आसपास के लोग उनको प्राइवेट चिकित्सक के पास लेकर गए। वहीं, गांव किशनवास निवासी बीमार 75 वर्षीय नत्थू सिंह को उसके परिजन ट्रैक्टर ट्राली में चारपाई पर लेटाकर जिला सहकारी बैंक पहुंचे। उन्होंने बैंक कर्मचारियों से 20 हजार रुपये मांगे। हालांकि बैंक से उनको दस हजार रुपये ही दिए गए। रुपयों को लेकर उनकी बैंक कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई। बैंक मैनेजर धर्मवीर सिंह ने बताया कि बैंक में कैश बहुत कम था। नत्थू सिंह के परिजन बाद में एसबीआई की शाखा में पहुंचे, तो वहां पर कैश खत्म होने की बात कहकर उनको लौटा दिया गया।
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वहीं, जिला मुख्यालय पर एसबीआई, पीएनबी, एक्सिस बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स आदि में उपभोक्ताओं की भीड़ अब कम हो रही है। एटीएम मशीनों के बाहर अब भी उपभोक्ता लाइन लगा रहे हैं। शहर से सटे गांव गजरौला शिव में भी कैश के लिए भीड़ कम होनी शुरू हो गई है। पीएनबी की एटीएम में भी रुपये रखे जा रहे हैं। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक अजय कुमार के अनुसार बैंकों में लगातार रुपये दिए जाने से भीड़ कम हो रही है। देहात क्षेत्र में भी कैश भिजवाने की व्यवस्था की जा रही है।
वहीं स्योहारा में एक हजार और पांच सौ के नोटबंदी के बाद से अभी तक बैंकों में भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। स्योहारा में बृहस्पतिवार को भी पीएनबी, ओबीसी तथा केनरा बैंक में ग्राहकों की भारी भीड़ रही। केनरा बैंक के बाहर ग्राहकों की भीड़ के कारण कई बार तो स्टेशन मार्ग पर आने जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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गांव काजीवाला निवासी अजय सिंह बृहस्पतिवार को जिला सहकारी बैंक से रुपये निकालने के लिए सुबह 9.30 बजे लाइन में लगे थे। बैंक के बाहर बहुत भीड़ होने के कारण अजय सिंह करीब 11 बजे तक लाइन में लगे रहे। लाइन में लगे हुए अजय सिंह को चक्कर आ गए और वे बेहोश हो गए।
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आसपास के लोग उनको प्राइवेट चिकित्सक के पास लेकर गए। वहीं, गांव किशनवास निवासी बीमार 75 वर्षीय नत्थू सिंह को उसके परिजन ट्रैक्टर ट्राली में चारपाई पर लेटाकर जिला सहकारी बैंक पहुंचे। उन्होंने बैंक कर्मचारियों से 20 हजार रुपये मांगे। हालांकि बैंक से उनको दस हजार रुपये ही दिए गए। रुपयों को लेकर उनकी बैंक कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई। बैंक मैनेजर धर्मवीर सिंह ने बताया कि बैंक में कैश बहुत कम था। नत्थू सिंह के परिजन बाद में एसबीआई की शाखा में पहुंचे, तो वहां पर कैश खत्म होने की बात कहकर उनको लौटा दिया गया।
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वहीं, जिला मुख्यालय पर एसबीआई, पीएनबी, एक्सिस बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स आदि में उपभोक्ताओं की भीड़ अब कम हो रही है। एटीएम मशीनों के बाहर अब भी उपभोक्ता लाइन लगा रहे हैं। शहर से सटे गांव गजरौला शिव में भी कैश के लिए भीड़ कम होनी शुरू हो गई है। पीएनबी की एटीएम में भी रुपये रखे जा रहे हैं। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक अजय कुमार के अनुसार बैंकों में लगातार रुपये दिए जाने से भीड़ कम हो रही है। देहात क्षेत्र में भी कैश भिजवाने की व्यवस्था की जा रही है।
वहीं स्योहारा में एक हजार और पांच सौ के नोटबंदी के बाद से अभी तक बैंकों में भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। स्योहारा में बृहस्पतिवार को भी पीएनबी, ओबीसी तथा केनरा बैंक में ग्राहकों की भारी भीड़ रही। केनरा बैंक के बाहर ग्राहकों की भीड़ के कारण कई बार तो स्टेशन मार्ग पर आने जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा।