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Bijnor News: कचरे के ढेर से पालिका ने जलाई आमदनी की बिजली
Fri, 12 Dec 2025 12:55 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 12 Dec 2025 12:55 AM IST
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स्योहारा। नगर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत चल रहे कचरा पृथक्करण अभियान ने पालिका की आर्थिक व शहर के विकास की तस्वीर बदल दी है। घरों से गीला-सूखा कचरा इकट्ठा करने की कवायद के बीच पालिका की आमदनी का ग्राफ बढ़ा है।
वहीं बिजली बिल में भी हर महीने लाखों रुपये की बचत हो रही है। पालिका प्रशासन स्तर पर वैज्ञानिक ढंग से किया जा कचरा प्रबंधन का यह मॉडल अब मिसाल बनकर उभर रहा है। नगर पालिका की ओर से नगर के सभी 25 वार्डों में बीते करीब पांच माह से गीले व सूखे कचरे को अलग जमा किया जा रहा है।
गीले कचरे से कंपोस्ट खाद तैयार की जा रही है तो सूखे कचरे को एमआरएफ सेंटर पर प्लास्टिक, गत्ता, टीन, लोहा व अन्य श्रेणियों में छांटकर बेली कंप्रेस मशीन से गट्ठों का रूप दिया जा रहा है। इनकी बिक्री से चालू वित्तीय वर्ष में नगर पालिका प्रशासन को करीब ढाई लाख रुपये से अधिक की आय हो चुकी है। (संवाद)
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कचरा प्रबंधन से बदली तस्वीर, दुरुस्त हुई स्वच्छता व्यवस्था : कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण होने से जहां दुर्गंध और गंदगी में कमी आई है वहीं पालिका के खर्च पर कम हुए है। पालिकाकर्मियों और जनजागरुकता टीमों की मेहनत से लोग अब घर से ही गीला-सूखा कचरा अलग देने लगे हैं।
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वहीं बिजली बिल में भी हर महीने लाखों रुपये की बचत हो रही है। पालिका प्रशासन स्तर पर वैज्ञानिक ढंग से किया जा कचरा प्रबंधन का यह मॉडल अब मिसाल बनकर उभर रहा है। नगर पालिका की ओर से नगर के सभी 25 वार्डों में बीते करीब पांच माह से गीले व सूखे कचरे को अलग जमा किया जा रहा है।
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गीले कचरे से कंपोस्ट खाद तैयार की जा रही है तो सूखे कचरे को एमआरएफ सेंटर पर प्लास्टिक, गत्ता, टीन, लोहा व अन्य श्रेणियों में छांटकर बेली कंप्रेस मशीन से गट्ठों का रूप दिया जा रहा है। इनकी बिक्री से चालू वित्तीय वर्ष में नगर पालिका प्रशासन को करीब ढाई लाख रुपये से अधिक की आय हो चुकी है। (संवाद)
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कचरा प्रबंधन से बदली तस्वीर, दुरुस्त हुई स्वच्छता व्यवस्था : कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण होने से जहां दुर्गंध और गंदगी में कमी आई है वहीं पालिका के खर्च पर कम हुए है। पालिकाकर्मियों और जनजागरुकता टीमों की मेहनत से लोग अब घर से ही गीला-सूखा कचरा अलग देने लगे हैं।