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तीन साल में इस बार सबसे कम हुई गन्ने की पैदावार
Mon, 22 Apr 2019 12:15 AM IST
Deepak Sharma
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
Published by: Deepak Sharma
Updated Mon, 22 Apr 2019 12:15 AM IST
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सांकेतिक
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बिजनौर में जिले के किसानों के पास इस साल कम गन्ना निकल रहा है। पिछले साल के मुकाबले इस साल गन्ने की पैदावार कम है। जिले की चीनी मिल 15 मई तक बंद हो सकती है। पैदावार कम होने से किसानों के खेत खाली होने शुरू हो गए हैं। कुछ गन्ना क्रय केंद्र जल्दी बंद हो सकते हैं।
गन्ने की फसल पैदा करने में किसान कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। पिछले साल जिले की चीनी मिलों में गन्ना उत्पादन दस करोड़ क्विंटल से भी अधिक हुआ था। उत्पादन अधिक होने से चीनी भी बंपर बनी थी। जिले की चीनी मिलों में चीनी रिकवरी 13 प्रतिशत से भी ऊपर पहुंच गए थी। जिले में गन्ना उत्पादन बंपर होने से किसानों की आमदनी में भी भारी बढ़ोतरी हुई। किसानों ने पिछले साल गन्ने का रकबा करीब नौ हजार हेक्टेयर बढ़ा दिया था, लेकिन रकबा बढ़ने के बाद भी जिले के किसानों के पास गन्ना इस साल कम निकला है। गन्ने की पैदावार दस से 15 प्रतिशत तक कम है। पिछले साल अधिक बारिश होने से गन्ने का फुलाव नहीं हुआ और साथ ही गन्ने की फसल पहले के मुकाबले कम विकसित हुई। साथ ही बारिश देरी से हुई थी। इससे गन्ने की पैदावार हल्की रह गई। रकबा बढ़ने के बाद भी जिले में इस साल गन्ने की पैदावार कम निकल रही है। पेराई देर से शुरू होने के बाद भी इस बार जिले की चीनी मिल 15 मई तक बंद होने के आसार हैं। कुछ चीनी मिल मई के पहले सप्ताह में ही बंद हो जाएंगी।
साल-दर-साल गन्ने की पैदावार पर एक नजर
साल गन्ना
2008-09 461
2009-10 619
2010-11 611
2011-12 699
2012-13 765
2013-14 663
2014-15 794
2015-16 746
2016-17 891
2017-18 1050
2018-19 855 (17 अप्रैल तक)
नोट:गन्ने के आंकड़े लाख क्विंटल में हैं।
चीनी मिलों की पेराई पर एक नजर
चीनी मिल पेराई
धामपुर 176.62
स्योहारा 150.45
बिलाई 109.59
बहादरपुर 93.32
बरकातपुर 100.18
बुंदकी 93.68
चांदपुर 49.21
बिजनौर 30.73
नजीबाबाद 42.08
कुल 855.96
नोट:गन्ना लाख क्विंटल में है। गन्ना पेराई के आंकड़े 17 अप्रैल तक के हैं।
शत प्रतिशत पेराई के बाद ही मिल होंगी बंद
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार किसानों का शत प्रतिशत गन्ना पेराई होने के बाद ही चीनी मिल बंद होंगी। इसके बारे में मिल अधिकारियों को सख्त निर्देश दे दिए गए हैं।
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गन्ने की फसल पैदा करने में किसान कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। पिछले साल जिले की चीनी मिलों में गन्ना उत्पादन दस करोड़ क्विंटल से भी अधिक हुआ था। उत्पादन अधिक होने से चीनी भी बंपर बनी थी। जिले की चीनी मिलों में चीनी रिकवरी 13 प्रतिशत से भी ऊपर पहुंच गए थी। जिले में गन्ना उत्पादन बंपर होने से किसानों की आमदनी में भी भारी बढ़ोतरी हुई। किसानों ने पिछले साल गन्ने का रकबा करीब नौ हजार हेक्टेयर बढ़ा दिया था, लेकिन रकबा बढ़ने के बाद भी जिले के किसानों के पास गन्ना इस साल कम निकला है। गन्ने की पैदावार दस से 15 प्रतिशत तक कम है। पिछले साल अधिक बारिश होने से गन्ने का फुलाव नहीं हुआ और साथ ही गन्ने की फसल पहले के मुकाबले कम विकसित हुई। साथ ही बारिश देरी से हुई थी। इससे गन्ने की पैदावार हल्की रह गई। रकबा बढ़ने के बाद भी जिले में इस साल गन्ने की पैदावार कम निकल रही है। पेराई देर से शुरू होने के बाद भी इस बार जिले की चीनी मिल 15 मई तक बंद होने के आसार हैं। कुछ चीनी मिल मई के पहले सप्ताह में ही बंद हो जाएंगी।
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साल-दर-साल गन्ने की पैदावार पर एक नजर
साल गन्ना
2008-09 461
2009-10 619
2010-11 611
2011-12 699
2012-13 765
2013-14 663
2014-15 794
2015-16 746
2016-17 891
2017-18 1050
2018-19 855 (17 अप्रैल तक)
नोट:गन्ने के आंकड़े लाख क्विंटल में हैं।
चीनी मिलों की पेराई पर एक नजर
चीनी मिल पेराई
धामपुर 176.62
स्योहारा 150.45
बिलाई 109.59
बहादरपुर 93.32
बरकातपुर 100.18
बुंदकी 93.68
चांदपुर 49.21
बिजनौर 30.73
नजीबाबाद 42.08
कुल 855.96
नोट:गन्ना लाख क्विंटल में है। गन्ना पेराई के आंकड़े 17 अप्रैल तक के हैं।
शत प्रतिशत पेराई के बाद ही मिल होंगी बंद
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार किसानों का शत प्रतिशत गन्ना पेराई होने के बाद ही चीनी मिल बंद होंगी। इसके बारे में मिल अधिकारियों को सख्त निर्देश दे दिए गए हैं।
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