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हाईकोर्ट ने दो माह में कार्रवाई का आदेश दिया
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 06 Jan 2017 12:05 AM IST
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बिजनौर के एक मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्योहारा के एमक्यू इंटर कॉलेज में रईस अहमद चौधरी की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर दो माह के अंदर निस्तारण करने का आदेश शिक्षा निदेशक लखनऊ को दिया है।
स्योहारा निवासी डॉ. जावेद रशीद सिद्दीकी ने एमक्यू इंटर कॉलेज में रईस अहमद चौधरी की नियुक्ति को गलत बताकर मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र दिया था। इसमें कहा रईस अहमद की नियुक्ति गलत तौर से नियमों की अनदेखी कर नैतिक शिक्षा और व्यायाम शिक्षक के पद पर की जबकि यह पद कॉलेज में था ही नहीं। नियुक्ति की डीआईओएस को कोई सूचना नहीं दी और न ही कोई विज्ञापन प्रकाशित किया। नियुक्ति के बाद उनका प्रमोशन प्रवक्ता इतिहास के प्रवक्ता पद पर कर दिया और वर्तमान में रईस अहमद गलत तरीके से कार्यवाहक प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत हैं।
इस मामले में जांच संयुक्त शिक्षा निदेशक सरवेंद्र विक्रम बहादुर सिंह और डीआईओएस ने की और गंभीर गड़बड़ी पाने पर जांचोपरांत अपनी रिपोर्ट विशेष सचिव माध्यमिक शिक्षा को कार्रवाई के लिए भेज दी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हाईकोर्ट से गुहार की कि वह इस मामले में दखल देकर शीघ्र कार्रवाई करने का आदेश दें। हाईकोर्ट ने जावेद अहमद सिद्दीकी की याचिका को स्वीकार कर दो माह में इस मामले का निस्तारण करने के आदेश दिए हैं।
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स्योहारा निवासी डॉ. जावेद रशीद सिद्दीकी ने एमक्यू इंटर कॉलेज में रईस अहमद चौधरी की नियुक्ति को गलत बताकर मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र दिया था। इसमें कहा रईस अहमद की नियुक्ति गलत तौर से नियमों की अनदेखी कर नैतिक शिक्षा और व्यायाम शिक्षक के पद पर की जबकि यह पद कॉलेज में था ही नहीं। नियुक्ति की डीआईओएस को कोई सूचना नहीं दी और न ही कोई विज्ञापन प्रकाशित किया। नियुक्ति के बाद उनका प्रमोशन प्रवक्ता इतिहास के प्रवक्ता पद पर कर दिया और वर्तमान में रईस अहमद गलत तरीके से कार्यवाहक प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत हैं।
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इस मामले में जांच संयुक्त शिक्षा निदेशक सरवेंद्र विक्रम बहादुर सिंह और डीआईओएस ने की और गंभीर गड़बड़ी पाने पर जांचोपरांत अपनी रिपोर्ट विशेष सचिव माध्यमिक शिक्षा को कार्रवाई के लिए भेज दी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हाईकोर्ट से गुहार की कि वह इस मामले में दखल देकर शीघ्र कार्रवाई करने का आदेश दें। हाईकोर्ट ने जावेद अहमद सिद्दीकी की याचिका को स्वीकार कर दो माह में इस मामले का निस्तारण करने के आदेश दिए हैं।
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