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बोलीं राज्यपाल - गन्ना और गुड़ खिलाएं, कुपोषण से दूर रहेंगे बच्चे

Thu, 12 May 2022 12:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 12 May 2022 12:03 AM IST
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The governor said - feed sugarcane and jaggery, children will stay away from malnutrition
बिजनौर विकाव भवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकत्रिय - फोटो : BIJNOR
बोलीं राज्यपाल - गन्ना और गुड़ खिलाएं, कुपोषण से दूर रहेंगे बच्चे
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बिजनौर। वंचितों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आमजन को आगे आना होगा। दहेज प्रथा और बाल विवाह को खत्म करने के भी लिए आमजन का सहयोग जरूरी है। यह बातें प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहीं। जिनकी प्रेरणा से अनूठी पहल के तहत जिले के 51 आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लिया गया। राज्यपाल ने जनपद को क्षय रोग और कुपोषण से मुक्त करने पर जोर दिया। कहा कि माता पिता अपने बच्चों को गन्ना और गुड़ खिलाएं, यह कुपोषण दूर करने में सहायक है। इसके लिए ग्राम प्रधानों से संकल्प लेने के लिए कहा।
बुधवार को प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल जिले के दौरे पर पहुंचीं, विकास भावन में उन्हें पुलिस बल ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का वंचित लोगों को लाभ दिलाने के लिए आमजन आगे आएं। आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लेने से उनमें सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। उन्होंने आह्वान किया कि दहेज प्रथा व बाल विवाह को खत्म करें। उन्होंने ग्राम प्रधानों से कहा कि वह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा बहनों के साथ मिलकर जनपद को क्षय रोग से मुक्त व कुपोषण से मुक्त कराने में अपना सहयोग दें। गर्भावस्था के कैंसर से बचाव के लिए 9 से 14 वर्ष की बालिकाओं को दो टीके आवश्यक रूप से सभी माता-पिता लगवाएं। बच्चों को गन्ना व गुड़ खिलाएं यह कुपोषण दूर करने में सहायक है।
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गर्भावस्था संस्कार के लिए बनाए पाठ्यक्रम
राज्यपाल ने कहा कि गर्भावस्था संस्कार आवश्यक है, इसलिए सभी सगर्भ माताएं-बहनें इसके महत्व को समझें व अच्छे साहित्य को पढ़ें व उसे ग्रहण करें तथा अच्छे विचारों को आत्मसात करें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय गर्भावस्था संस्कार के लिए पाठ्यक्रम बनाएं व संचालित करें, ताकि युवतियों में जो आगे चलकर माताएं होंगी वह भी गर्भावस्था संस्कार का महत्व समझ सकें।
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गरीबों से पूछें योजनाओं का लाभ मिला या नहीं
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि अधिकारी आमजन से बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए वंचित लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाएं। उन्होंनेे कहा कि सभी घर में काम करने वाली माई व माली या सभी ऐसे व्यक्ति जो गरीब समाज से हैं उनसे पूछे कि उन्हें कौन-कौन सी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है और उसका आकलन करें कि इनको अन्य क्या-क्या सरकारी योजनाओं से लाभान्वित कराया जा सकता है। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान 10 आंगनबाड़ी केंद्रों की संचालिकाओं को प्ले किट उपलब्ध कराई। रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली ने 20 आंगनबाड़ी केंद्र और 11 केंद्र अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी लखनऊ तथा 20 जनपद के औद्योगिक व शैक्षिक संस्थाओं ने गोद लिया।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
विकास भवन में हुए कार्यक्रम के दौरान डीएम उमेश मिश्रा, अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी लखनऊ के प्रति कुलपति मनीष गौड़, रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली के कुलपति केपी सिंह ने भी अपने विचार रखे। जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह ने राज्यपाल, जनप्रतिनिधियों समेत सभी का आभार जताया। विधायक सदर सुचि चौधरी, विधायक धामपुर अशोक राणा, विधायक नहटौर ओम कुमार, एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह, सीडीओ केपी सिंह समेत सभी ग्राम प्रधान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आदि मौजूद रहीं।
सखी वन स्टॉप सेंटर का लोकार्पण किया
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जिला अस्पताल में सखी वन स्टॉप सेंटर का लोकार्पण किया। उन्होंने अधिकारियों को महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न के मामलों के बारे में चर्चा की। वन स्टाप सेंटर के तहत सभी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं व बालिकाओं को अस्थायी आश्रय, पुलिस-डेस्क, विधि सहायता, चिकित्सा एवं काउंसिलिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सखी वन स्टॉप सेंटर 24 लाख की लागत से तैयार हुआ। अधिकारियों से कहा कि पीड़ित महिलाओं को अपनी बहन व बेेटी समझ कर उनकी समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता पर कराना सुनिश्चित करें।

महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
राज्यपाल तय कार्यक्रम के तहत जिला कारागार पहुंचीं। जेल में महिला बंदियों ने उनके स्वागत में स्वरचित गीत गाया। निरीक्षण के दौरान महिला बंदियों से बातचीत की। महिला बंदियों को दिए जा रहे पूजा आसनी और डोरमैट की प्रशिक्षण की सराहना करते हुए आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। राज्यपाल ने महिला बैरक के लिए जेनरेटर, वाटर कूलर, हारमोनियम और महिला बंदियों को अन्य सामान वितरित किए। इसके अलावा जेल के भ्रमण पर आए जीआईसी और जीजाआईसी के छात्र-छात्राओं ने राज्यपाल ने बातचीत की। प्रभारी जेल अधीक्षक शैलेंद्र प्रताप सिंह से जेल की व्यवस्थाओं और क्रिया कलापों की जानकारी दी।
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