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Bijnor News: कालागढ़ से नई दिल्ली के ओखला तक बैराज के गेट हुए दुरुस्त
Tue, 27 May 2025 11:55 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Tue, 27 May 2025 11:55 PM IST
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फोटोकालागढ़ स्थित रामगंगा नदी पर बना अफजलगढ़ बैराज बाढ़ नियंत्रण के लिए तैयार। स्रोत संवाद।
कालागढ़ (बिजनौर)। कालागढ से नई दिल्ली के ओखला बैराज तक के गेट दुरुस्त हो गए हैं। मानसून से पूर्व नदियों में बाढ़ नियंत्रण की तैयारियां जोरों पर हैं।
कालागढ़ के केन्द्रीय भण्डार खंड तीन के अंतर्गत कालागढ़ के रामगंगा बांध, सैडिल बांध, पीली बांध, हरेवली, खो, बिजनौर का चौधरी चरण सिंह, हरिद्वार से बिजनौर तक अनेक रेग्यूलेटर, रामपुर जनपद में कैमरी, हरिद्वार के भीमगौड़ा, हरिद्वार बांध, ऊपरी गंगा नहर प्रणाली के विभिन्न रेग्यूलेटर, नई दिल्ली के ओखला बैराज, आगरा कैनाल हैड रेग्यूलेटर, हिंडन बैराज आदि के गेट की यांत्रिकी का कार्य किया गया है। मानसून से पूर्व खंड के अंतर्गत आने वाले सभी बैराज व रेग्यूलेटर के गेट दुरूस्त करने की बात विभागीय अधिकारियों ने कही है।
क्या है आवश्यकता
मानसून के दौरान अधिक वर्षा होने पर नदियों में जल का प्रवाह अचानक बढ़ जाता है। ऐसे में बांध, बैराज व रेग्यूलेटर के गेट खोले जाते हैं। इस दौरान गेट नहीं खुलने पर संबंधित क्षेत्र को बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। जिसका खामियाजा क्षेत्र के ग्रामीणों व नागरिकों को उठाना पड़ता है।
अधिशासी अभियंता मनोज गौड़ का कहना है कि कालागढ़ से केन्द्रीय भंडार खंड तीन के अंतर्गत आने वाले रामगंगा व सैडिल बांध से लेकर जनपद बिजनौर, हरिद्वार,रामपुर,नई दिल्ली व गाजियाबाद के बांध व बैराज आदि के गेट मानसून के दौरान प्रवाहित जल को नियंत्रित करने के लिए तैयार हैं। उनके निरीक्षण विभाग के उच्च अधिकारी कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान दिए जाने वाले आदेशों/निर्देशों का पालन किया जा रहा है।
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कालागढ़ के केन्द्रीय भण्डार खंड तीन के अंतर्गत कालागढ़ के रामगंगा बांध, सैडिल बांध, पीली बांध, हरेवली, खो, बिजनौर का चौधरी चरण सिंह, हरिद्वार से बिजनौर तक अनेक रेग्यूलेटर, रामपुर जनपद में कैमरी, हरिद्वार के भीमगौड़ा, हरिद्वार बांध, ऊपरी गंगा नहर प्रणाली के विभिन्न रेग्यूलेटर, नई दिल्ली के ओखला बैराज, आगरा कैनाल हैड रेग्यूलेटर, हिंडन बैराज आदि के गेट की यांत्रिकी का कार्य किया गया है। मानसून से पूर्व खंड के अंतर्गत आने वाले सभी बैराज व रेग्यूलेटर के गेट दुरूस्त करने की बात विभागीय अधिकारियों ने कही है।
क्या है आवश्यकता
मानसून के दौरान अधिक वर्षा होने पर नदियों में जल का प्रवाह अचानक बढ़ जाता है। ऐसे में बांध, बैराज व रेग्यूलेटर के गेट खोले जाते हैं। इस दौरान गेट नहीं खुलने पर संबंधित क्षेत्र को बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। जिसका खामियाजा क्षेत्र के ग्रामीणों व नागरिकों को उठाना पड़ता है।
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अधिशासी अभियंता मनोज गौड़ का कहना है कि कालागढ़ से केन्द्रीय भंडार खंड तीन के अंतर्गत आने वाले रामगंगा व सैडिल बांध से लेकर जनपद बिजनौर, हरिद्वार,रामपुर,नई दिल्ली व गाजियाबाद के बांध व बैराज आदि के गेट मानसून के दौरान प्रवाहित जल को नियंत्रित करने के लिए तैयार हैं। उनके निरीक्षण विभाग के उच्च अधिकारी कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान दिए जाने वाले आदेशों/निर्देशों का पालन किया जा रहा है।
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