Bijnor News: शक की आंच में झुलसकर टूटी मासूम बचपन की उम्मीदें
बिजनौर में शक की आंच में झुलसकर मासूम बचपन की उम्मीदें भी टूट गईं। हत्यारोपी पिता की करतूत ने उसके ही बच्चों से मां की ममता का आंचल छीन लिया। मां व दादी की मौत के साथ ही जेल में बंद पिता के बाद अब मासूम बचपन को अब बस दादा की गोद का ही सहारा बचा है।
ग्राम सदाफल में रविवार की जोनी के परिवार के लिये दुखों का पहाड़ ले कर आई। अनैतिक सम्बन्ध के शक के जुनून में जोनी ने अपनी पत्नी प्रियंका की गला दबाकर हत्या कर दी। जोनी द्वारा की गई अपनी पत्नी की हत्या कहने के लिये एक ही हत्या हो सकती है मगर उसके द्वारा किया गया प्रियंका के कत्ल से उनके दोनों मासूमों इशांत (5) व हर्षित (3) के अरमानों व उनको मिलने वाले दुलार का भी कत्ल हुआ है। जोनी को प्रियंका के कत्ल में जेल होने के बाद प्रियंका के दोनों पुत्रों इशांत व हर्षित के ऊपर से ममता का आंचल छिन गया है। जन्म से पूर्व दादी की मौत होने से दादी के लाड़ प्यार से बंचित दोनों से अब मां बाप का साया भी छिन गया है। घर में सिर्फ वृद्ध दादा सोमपाल की गोद ही एक मात्र उनका सहारा बची है।
हाथ पर रची मेहंदी संग प्रियंका के हिस्से आया दर्द
हाथ पर रची मेहंदी के साथ ही प्रियंका के हिस्से सिर्फ दर्द ही आया। पहले पति से अनबन के साथ शुरू हुआ वैवाहिक जीवन पति की आत्महत्या के साथ पूरी तरह टूट गया। बच्चों की परवरिश की खातिर देवर संग उसने दूसरी शादी की, लेकिन फिर सुकून की एक सांस भी उसे नहीं मिल सकी। प्रियंका की शादी होने के कुछ समय बाद ही प्रियंका का दुखों से गहरा नाता होने लगा था।
शादी के बाद से ही पहले पति दीपक के साथ उसकी अनबन शुरू हो गई थी। दोनों पति पत्नी की अनबन इतनी बढ़ गई थी कि शादी के एक वर्ष बाद ही दीपक ने स्योहारा रेलवे ट्रैक पर ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली थी। दीपक की मौत के कुछ समय बाद ही प्रियंका ने अपने व बच्चे की परवरिश को देखते हुए अपने देवर जोनी के साथ कोर्ट मैरिज कर जिंदगी को नये सिरे से जीने की उम्मीद की थी।
मगर प्रियंका का अभी दुखों से छुटकारा नहीं था। सब कुछ ठीक होते हुए एक पुत्र की प्राप्ति और हुई। कई माह से जोनी के मन में उपजे शक ने रविवार की रात जोनी को प्रियंका की हत्या करने पर मजबूर कर दिया। हत्या के बाद बिना कोई पछतावा किए अपने को सही ठहराते हुए थाने पहुंच उसने जुर्म कबूल भी कर लिया।