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बिन बरसात ही उफन रहा नाला, हाईवे पर भरा पानी
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बिन बरसात ही उफन रहा नाला, हाईवे पर भरा पानी
बिजनौर। भले ही नालों की तलछट सफाई पर भारी भरकम खर्च किया जाता हो लेकिन शांति निकेतन में नाला बिन बरसात ही उफन रहा है। कारण है, नाले का कीचड़ से अटा होना। बीते एक साल से नाले की सफाई नहीं हुई है। अब नाले से पानी निकलकर हाईवे पर भर रहा है। मोहल्ले के लोगों को गंदे से पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।
बिजनौर शहर का मोहल्ला शांति निकेतन एक साल पहले ही पालिका की सीमा में शामिल हुआ है। चक्कर रोड सेंट मेरी स्कूल तक का इलाका नगर पालिका का है। पालिका में शामिल हुए तो लोगों को उम्मीद जगी कि सुविधाएं बेहतर हो जाएंगी, लेकिन अभी तक ऐसा हुआ नहीं है। नजीबाबाद रोड पर शांति निकेतन कॉलोनी के बाहर नाला कीचड़ से अटा हुआ है। पानी की निकासी बंद है। ऐसे में पानी नाले से निकलकर सड़क पर भरने लगा है। शांति निकेतन में जाने के लिए पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। महीनों से यही हालात बने हुए हैं।
तमाम शिकायतों के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। लोगों का कहना है कि ग्राम पंचायत से पालिका में जाने के बाद से अब तक नाले की सफाई नहीं हुई है। वहीं कॉलोनी में सफाईकर्मी भी कूड़ा उठाने के लिए तीसरे दिन आते हैं।
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लोगों की जुबानी
शांति निकेतन में रहने वाले सूरज सिंह ने बताया कि एक साल से नाले की सफाई नहीं ह़ुई है। गली मोहल्ले का पानी नाले में जाता है और नाला बंद है। जिस वजह से नाले का पानी निकलकर सड़क पर फैल रहा है।
राजवीर सिंह का कहना है कि महीनों से लोग गंदे पानी से होकर निकलने को मजबूर हैं। कई बार शिकायत के बाद भी कुछ नहीं हुआ। पानी की निकासी नहीं हो रही है। गंदा पानी भरने से संक्रामक रोगों के होने का डर बना रहता है।
सुरेश कुमार ने बताया कि मोहल्ले में कूड़ा उठाने वाले सफाई कर्मी भी तीसरे दिन आते हैं। दो दिनों तक कूड़ा लोगों के घर के बाहर पड़ा रहता है। हर रोज कूड़ा नहीं उठ रहा है। इसके अलावा गली के बाहर नाले का पानी भरा रहता है।
मास्टर प्यारेलाल का कहना है कि इससे अच्छा तो ग्राम पंचायत में ही ठीक थे। कम से कम नाले की सफाई तो हो जाती थी। अब नाले की सफाई भी नहीं हुई। पिछले एक साल से गली मोहल्ले में साफ सफाई की दिक्कत भी बनी हुई है।
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बिजनौर। भले ही नालों की तलछट सफाई पर भारी भरकम खर्च किया जाता हो लेकिन शांति निकेतन में नाला बिन बरसात ही उफन रहा है। कारण है, नाले का कीचड़ से अटा होना। बीते एक साल से नाले की सफाई नहीं हुई है। अब नाले से पानी निकलकर हाईवे पर भर रहा है। मोहल्ले के लोगों को गंदे से पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।
बिजनौर शहर का मोहल्ला शांति निकेतन एक साल पहले ही पालिका की सीमा में शामिल हुआ है। चक्कर रोड सेंट मेरी स्कूल तक का इलाका नगर पालिका का है। पालिका में शामिल हुए तो लोगों को उम्मीद जगी कि सुविधाएं बेहतर हो जाएंगी, लेकिन अभी तक ऐसा हुआ नहीं है। नजीबाबाद रोड पर शांति निकेतन कॉलोनी के बाहर नाला कीचड़ से अटा हुआ है। पानी की निकासी बंद है। ऐसे में पानी नाले से निकलकर सड़क पर भरने लगा है। शांति निकेतन में जाने के लिए पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। महीनों से यही हालात बने हुए हैं।
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तमाम शिकायतों के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। लोगों का कहना है कि ग्राम पंचायत से पालिका में जाने के बाद से अब तक नाले की सफाई नहीं हुई है। वहीं कॉलोनी में सफाईकर्मी भी कूड़ा उठाने के लिए तीसरे दिन आते हैं।
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लोगों की जुबानी
शांति निकेतन में रहने वाले सूरज सिंह ने बताया कि एक साल से नाले की सफाई नहीं ह़ुई है। गली मोहल्ले का पानी नाले में जाता है और नाला बंद है। जिस वजह से नाले का पानी निकलकर सड़क पर फैल रहा है।
राजवीर सिंह का कहना है कि महीनों से लोग गंदे पानी से होकर निकलने को मजबूर हैं। कई बार शिकायत के बाद भी कुछ नहीं हुआ। पानी की निकासी नहीं हो रही है। गंदा पानी भरने से संक्रामक रोगों के होने का डर बना रहता है।
सुरेश कुमार ने बताया कि मोहल्ले में कूड़ा उठाने वाले सफाई कर्मी भी तीसरे दिन आते हैं। दो दिनों तक कूड़ा लोगों के घर के बाहर पड़ा रहता है। हर रोज कूड़ा नहीं उठ रहा है। इसके अलावा गली के बाहर नाले का पानी भरा रहता है।
मास्टर प्यारेलाल का कहना है कि इससे अच्छा तो ग्राम पंचायत में ही ठीक थे। कम से कम नाले की सफाई तो हो जाती थी। अब नाले की सफाई भी नहीं हुई। पिछले एक साल से गली मोहल्ले में साफ सफाई की दिक्कत भी बनी हुई है।