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अफजलगढ़ क्षेत्र में है सर्पराज वासुकीनाथ की शापित भूमि

Thu, 12 Aug 2021 11:22 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 12 Aug 2021 11:22 PM IST
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The cursed land of Sarparaj Vasukinath is in Afzalgarh area.
बलवीर सिंह। - फोटो : BIJNOR
अफजलगढ़ क्षेत्र में है सर्पराज वासुकीनाथ की शापित भूमि
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सुनील कुमार
अफजलगढ़ (बिजनौर)। जनपद के ब्लॉक अफजलगढ़ में एक ऐसा स्थान आज भी है, जहां पर प्राचीन समय से आज तक भी कोई सपेरा सांपों को पकड़ने के लिए बीन नहीं बजा सका। बुजुर्गों का दावा है कि इस स्थान पर कभी दौर नामक गांव हुआ करता था, जिसके चारों ओर जंगल था। जिसमें सांपों की विभिन्न प्रजातियां पायी जाती थीं। धामपुर-अफजलगढ़ मार्ग पर अफजलगढ़ शुगर मिल से दक्षिण पश्चिम में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे आज भी वह स्थान मौजूद है।
बुजुर्गों का दावा है कि प्राचीन काल में यहां दौर नामक गांव था। इसी गांव के निकट सर्पराज वासुकीनाथ की शापित भूमि है। प्राचीनकाल से अब तक इस शापित भूमि पर कोई भी सपेरा अपनी बीन नहीं बजा सका। यदि किसी सपेरे ने शापित भूमि पर बीन बजाने की कोशिश की तो बीन के बोल बंद हो जाते और बीन उसके मुंह में ही अटक जाती है। कहा जाता है शापित भूमि की सटीक सीमा की जानकारी न हो पाने के कारण कोई यहां पर पूजा अर्चना नहीं करता। द्वारिकेश शुगर मिल के निकट ठाकुर नरेशकांत की भूमि पर खास नागपंचमी के दिन नागदेवता ने इस स्थान पर दर्शन दिए थे, जिसके बाद 15 दिसंबर 2013 को उसी भूमि पर वासुकीनाथ को स्थान दिया और एक मंदिर का निर्माण कराया। इसके बाद भगवान वासुकीनाथ मंदिर में मूर्ति की प्राणप्रतिष्ठा कराकर आयोजन किया गया।
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यहां हर वर्ष पर आज भी सैकड़ों श्रद्धालु माथा टेककर मन्नत मांगते हैं और प्रसाद चढ़ाते हैं। इसी सावन माह में नागदेवता द्वारा तीन मंदिर की परिक्रमा की जा चुकी है। ग्रामीण बताते हैं कि अफजलगढ़ जाने के लिए इसी शापित भूमि से होकर एक पगडंडी गुजरती थी। साधन न होने की वजह से लोग इसी पगडंडी का सहारा लेकर अफजलगढ़ जाते थे। तब उन्हें दौर गांव के निकट विभिन्न प्रजातियों के सांप देखने को मिल जाते थे जो किसी को कोई नुकसान नही पहुंचाते थे। बताया जाता है कि गांव के निकट ही एक पानी का कुआं था, जिसमें से पानी निकलता रहता था।
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गांव के पश्चिम दिशा से रामगंगा नदी गुजरती है। ग्रामीणों का दावा है कि नागराज वासुकीनाथ की इस शापित भूमि के निकट गुजर रही रामगंगा नदी में नाव में सवार कई लोगों की डूबने से मौत हो गई थी, कहा जाता हे कि उनकी बचाओ बचाओ की ध्वनि आज भी दीपावली की रात्रि में सुनी जा सकती है। इस स्थान पर आज भी काल सर्प दोष से बचने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु मंदिर में माथा टेककर घर खुशहाली की कामना करते हैं और वासुकीनाथ उनकी मनोकामना पूरी करते हैं। यहां आने वाले लोगों की जन्म कुंडली से काल सर्प दोष का निवारण हो जाता है। (संवाद)

खुशीराम गौतम।

खुशीराम गौतम।- फोटो : BIJNOR

चौखे सिंह।

चौखे सिंह।- फोटो : BIJNOR

नरेशकांत।

नरेशकांत।- फोटो : BIJNOR

अफजलगढ़ में चीनी मिल के पास एक खेत में बना नाग देवता का मंदिर।

अफजलगढ़ में चीनी मिल के पास एक खेत में बना नाग देवता का मंदिर।- फोटो : BIJNOR

अफजलगढ़ में चीनी मिल के पास नाग देवता के मंदिर में नाग-नागिन का जोड़ा। फाइल फोटो।

अफजलगढ़ में चीनी मिल के पास नाग देवता के मंदिर में नाग-नागिन का जोड़ा। फाइल फोटो।- फोटो : BIJNOR

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