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Bijnor News: छीन लिया था ठेका, तीन माह से फर्म से काट रही थी चक्कर
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मुरादाबाद के ध्यानार्थ
मुरादाबाद की महाराणा प्रताप सेवा संस्थान 2022 तक कर रही थी मिड-डे मील की सप्लाई
एनओसी के नाम पर मांगे गए थे रुपये, फर्म संचालक ने सतर्कता अधिष्ठान बरेली की थी शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। नूरपुर ब्लॉक प्रमुख आकांक्षा चौहान के पति राशु चौहान को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरेाप है कि मुरादाबाद की महाराणा प्रताप सेवा संस्थान दो साल पहले तक मिड-डे मील की सप्लाई करती थी। इसके बाद उसका ठेका छीन लिया गया। तीन माह से वह एनओसी के लिए चक्कर काट रहे थे।
मुरादाबाद की महाराणा प्रताप सेवा संस्थान की ओर से साल 2022 तक बिजनौर जिले में मिड डे मील की आपूर्ति की जाती थी। इसके बाद इस संस्था से मिड डे मील की आपूर्ति का काम छीन लिया गया और दूसरी संस्था को दे दिया। पहले वाली संस्था की बकाया राशि का भुगतान इसी साल 26 फरवरी को किया गया। अब संस्था फिर से काम पाने के लिए एनओसी लेना चाहती थी।
एनओसी की एवज में रासु चौहान से बात की गई तो पचास हजार रुपये की डिमांड की गई। धर्मेंद्र ने इसकी शिकायत सतर्कता अधिष्ठान में कर दी थी। इसके चलते पांच दिन पहले विजिलेंस की टीम रेकी करते हुए सूचना को पुख्ता कर चुकी थी।
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सतर्कता अधिष्ठान के एसपी अरविंद यादव ने बताया कि बुधवार को टीम ने डीएम को सूचना देते हुए दो गवाह हासिल किए। इसके बाद नोटों पर फिनोलफथेलिन पाउडर लगाया गया। टीम ने रासू चौहान को गिरफ्तार करने के बाद उनके हाथ सोडियम बाई कार्बाेनेट के घोल में धुलवाए। जिस पर घोल और हाथों का रंग लाल हो गया। टीम नूरपुर थाने में प्राथमिक सूचना के देने के साथ ही अपने साथ ले गई।
तीन महीने से एनओसी की मांग की जा रही थी। 50 हजार रुपये नहीं देने के कारण एनओसी नहीं दी गई। मामले की शिकायत डीएम और सीडीओ से भी की जा चुकी थी। बीएसए जयकरन यादव से भी मामले की शिकायत की गई थी। - धर्मेंद्र, सुपरवाइजर, महाराणा प्रताप सेवा संस्थान
किसी साजिश के शिकार तो नहीं ब्लाॅक प्रमुख प्रति
ब्लाॅक प्रमुख के पति डीसी राशु कुमार के पकड़े जाने पर कई चर्चा चल रही है। वह कई सालों से मिड-डे मील में संविदा के तौर जिला समन्वयक कार्य करते आ रहे हैं। उनकी पत्नी इस बार ब्लाॅक प्रमुख बनीं हैं। उनकी बढ़ती छवि को देखते हुए किसी साजिश के शिकार तो नहीं बने।
सरकारी मुलाजिमों के दामन पर पहले भी लग चुका है रिश्वत का दाग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। ब्लॉक प्रमुख आकांक्षा चौहान के पति राशु चौहान को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार करने का जिले में पहले मामला नहीं है। इससे पहले भी सरकारी मुलाजिमों के दामन पर रिश्वत का दाग लग चुका है।
केस नंबर एक
बिजनौर जनपद के नगीना में एक किसान की जमीन के दाखिल खारिज करने के एवज में 20 हजार रुपये रिश्वत लेना लेखपाल को उस समय भारी पड़ गया जब भ्रष्टाचार निवारण संगठन मुरादाबाद की टीम ने आरोपी लेखपाल को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया। भ्रष्टाचार निवारण संगठन ट्रैप टीम के प्रभारी की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी लेखपाल के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया।
केस नंबर दो
बेसिक शिक्षा विभाग के सर्व शिक्षा अभियान के सहायक लेखाधिकारी कई वर्ष पहले रिश्वत लेते पकड़े गए थे। सूत्रों के अनुसार लेनदेन के मामले में ही विभाग में कार्य कर रही प्राइवेट संस्था से जुड़े लोगों ने कार्यालय में बैठे लेखाधिकारी को रिश्वत देते हुए पकड़वाया था।
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केस नंबर तीन
बिजनौर की सदर तहसील में तैनात एक लेखपाल को रिश्वत लेते हुए सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम ने रंगेहाथ पकड़ लिया था। एक किसान से जमीन के दाखिल खारिज की एवज में लेखपाल ने दस हजार की रिश्वत मांगी थी। इसकी शिकायत पर बरेली से पहुंची टीम ने लेखपाल को गिरफ्तार कर लिया।
केस नंबर चार
नगीना में एक किसान की जमीन के दाखिल खारिज करने के एवज में 20 हजार रुपये रिश्वत लेना लेखपाल को भ्रष्टाचार निवारण संगठन मुरादाबाद की टीम ने पड़ लिया था। भ्रष्टाचार निवारण संगठन ट्रैप टीम के प्रभारी की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी लेखपाल के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया था।
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मुरादाबाद की महाराणा प्रताप सेवा संस्थान 2022 तक कर रही थी मिड-डे मील की सप्लाई
एनओसी के नाम पर मांगे गए थे रुपये, फर्म संचालक ने सतर्कता अधिष्ठान बरेली की थी शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। नूरपुर ब्लॉक प्रमुख आकांक्षा चौहान के पति राशु चौहान को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरेाप है कि मुरादाबाद की महाराणा प्रताप सेवा संस्थान दो साल पहले तक मिड-डे मील की सप्लाई करती थी। इसके बाद उसका ठेका छीन लिया गया। तीन माह से वह एनओसी के लिए चक्कर काट रहे थे।
मुरादाबाद की महाराणा प्रताप सेवा संस्थान की ओर से साल 2022 तक बिजनौर जिले में मिड डे मील की आपूर्ति की जाती थी। इसके बाद इस संस्था से मिड डे मील की आपूर्ति का काम छीन लिया गया और दूसरी संस्था को दे दिया। पहले वाली संस्था की बकाया राशि का भुगतान इसी साल 26 फरवरी को किया गया। अब संस्था फिर से काम पाने के लिए एनओसी लेना चाहती थी।
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एनओसी की एवज में रासु चौहान से बात की गई तो पचास हजार रुपये की डिमांड की गई। धर्मेंद्र ने इसकी शिकायत सतर्कता अधिष्ठान में कर दी थी। इसके चलते पांच दिन पहले विजिलेंस की टीम रेकी करते हुए सूचना को पुख्ता कर चुकी थी।
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सतर्कता अधिष्ठान के एसपी अरविंद यादव ने बताया कि बुधवार को टीम ने डीएम को सूचना देते हुए दो गवाह हासिल किए। इसके बाद नोटों पर फिनोलफथेलिन पाउडर लगाया गया। टीम ने रासू चौहान को गिरफ्तार करने के बाद उनके हाथ सोडियम बाई कार्बाेनेट के घोल में धुलवाए। जिस पर घोल और हाथों का रंग लाल हो गया। टीम नूरपुर थाने में प्राथमिक सूचना के देने के साथ ही अपने साथ ले गई।
तीन महीने से एनओसी की मांग की जा रही थी। 50 हजार रुपये नहीं देने के कारण एनओसी नहीं दी गई। मामले की शिकायत डीएम और सीडीओ से भी की जा चुकी थी। बीएसए जयकरन यादव से भी मामले की शिकायत की गई थी। - धर्मेंद्र, सुपरवाइजर, महाराणा प्रताप सेवा संस्थान
किसी साजिश के शिकार तो नहीं ब्लाॅक प्रमुख प्रति
ब्लाॅक प्रमुख के पति डीसी राशु कुमार के पकड़े जाने पर कई चर्चा चल रही है। वह कई सालों से मिड-डे मील में संविदा के तौर जिला समन्वयक कार्य करते आ रहे हैं। उनकी पत्नी इस बार ब्लाॅक प्रमुख बनीं हैं। उनकी बढ़ती छवि को देखते हुए किसी साजिश के शिकार तो नहीं बने।
सरकारी मुलाजिमों के दामन पर पहले भी लग चुका है रिश्वत का दाग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। ब्लॉक प्रमुख आकांक्षा चौहान के पति राशु चौहान को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार करने का जिले में पहले मामला नहीं है। इससे पहले भी सरकारी मुलाजिमों के दामन पर रिश्वत का दाग लग चुका है।
केस नंबर एक
बिजनौर जनपद के नगीना में एक किसान की जमीन के दाखिल खारिज करने के एवज में 20 हजार रुपये रिश्वत लेना लेखपाल को उस समय भारी पड़ गया जब भ्रष्टाचार निवारण संगठन मुरादाबाद की टीम ने आरोपी लेखपाल को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया। भ्रष्टाचार निवारण संगठन ट्रैप टीम के प्रभारी की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी लेखपाल के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया।
केस नंबर दो
बेसिक शिक्षा विभाग के सर्व शिक्षा अभियान के सहायक लेखाधिकारी कई वर्ष पहले रिश्वत लेते पकड़े गए थे। सूत्रों के अनुसार लेनदेन के मामले में ही विभाग में कार्य कर रही प्राइवेट संस्था से जुड़े लोगों ने कार्यालय में बैठे लेखाधिकारी को रिश्वत देते हुए पकड़वाया था।
केस नंबर तीन
बिजनौर की सदर तहसील में तैनात एक लेखपाल को रिश्वत लेते हुए सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम ने रंगेहाथ पकड़ लिया था। एक किसान से जमीन के दाखिल खारिज की एवज में लेखपाल ने दस हजार की रिश्वत मांगी थी। इसकी शिकायत पर बरेली से पहुंची टीम ने लेखपाल को गिरफ्तार कर लिया।
केस नंबर चार
नगीना में एक किसान की जमीन के दाखिल खारिज करने के एवज में 20 हजार रुपये रिश्वत लेना लेखपाल को भ्रष्टाचार निवारण संगठन मुरादाबाद की टीम ने पड़ लिया था। भ्रष्टाचार निवारण संगठन ट्रैप टीम के प्रभारी की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी लेखपाल के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया था।