{"_id":"5eceab5d8ebc3e9092149dca","slug":"the-canals-will-get-water-in-the-first-week-of-june-bijnor-news-mrt4836485196","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले की नहरों में जून के पहले सप्ताह में पानी आएगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले की नहरों में जून के पहले सप्ताह में पानी आएगा
विज्ञापन
जिले की नहरों में जून के पहले सप्ताह में पानी आएगा
बिजनौर। नहरों में सिंचाई के लिए पानी जून के पहले सप्ताह में आ जाएगा। नहरों की साफ सफाई का काम पूरा हो गया है।
कृषि भूमि के बडे़ रकबे की सिंचाई नहरों से होती है। किसान काफी दिनों से नहरों में पानी छोड़ने की मांग कर रहे हैं। पूर्वी गंगा नहर बिजनौर परिक्षेत्र के अधिशासी अभियंता नवीन कुमार ने बताया कि उनके क्षेत्र में 54 नहरें बह रही हैं। ये नहरें बिजनौर, नजीबाबाद, नगीना, नूरपूर तथा नहटौर क्षेत्र का 33 हजार हेक्टेयर से अधिक जमीन के रकबे की सिंचाई करती हैं। बताया कि इस जमीन में गन्ना तथा धान की बुवाई होती है। नहरों में पानी छोड़े जाने का निश्चित शेड्यूल है। क्षेत्र की 46 नहरों की सिल्ट सफाई कराई गई है। कुलाबों की भी मरम्मत हो गई है। एक्सीएन के मुताबिक सभी नहरों में पानी 31 मई या अधिकतम एक दो जून तक आ जाएगा। भाजपा किसान नेता रमेश सिंह का कहना है कि गर्मी बढ़ गई है। किसान को फसल सूखने से बचानी है। धान की बुवाई की भी तैयारी करनी है। नहरों में पानी छोड़ने में देर नहीं होनी चाहिए।
विज्ञापन
बिजनौर। नहरों में सिंचाई के लिए पानी जून के पहले सप्ताह में आ जाएगा। नहरों की साफ सफाई का काम पूरा हो गया है।
कृषि भूमि के बडे़ रकबे की सिंचाई नहरों से होती है। किसान काफी दिनों से नहरों में पानी छोड़ने की मांग कर रहे हैं। पूर्वी गंगा नहर बिजनौर परिक्षेत्र के अधिशासी अभियंता नवीन कुमार ने बताया कि उनके क्षेत्र में 54 नहरें बह रही हैं। ये नहरें बिजनौर, नजीबाबाद, नगीना, नूरपूर तथा नहटौर क्षेत्र का 33 हजार हेक्टेयर से अधिक जमीन के रकबे की सिंचाई करती हैं। बताया कि इस जमीन में गन्ना तथा धान की बुवाई होती है। नहरों में पानी छोड़े जाने का निश्चित शेड्यूल है। क्षेत्र की 46 नहरों की सिल्ट सफाई कराई गई है। कुलाबों की भी मरम्मत हो गई है। एक्सीएन के मुताबिक सभी नहरों में पानी 31 मई या अधिकतम एक दो जून तक आ जाएगा। भाजपा किसान नेता रमेश सिंह का कहना है कि गर्मी बढ़ गई है। किसान को फसल सूखने से बचानी है। धान की बुवाई की भी तैयारी करनी है। नहरों में पानी छोड़ने में देर नहीं होनी चाहिए।