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एनआरसी बवाल में मारे गए युवक का भाई पहुंचा कोर्ट
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सीएए बवाल में मारे गए युवक का भाई पहुंचा कोर्ट
नहटौर (बिजनौर)। एनआरसी व सीएए के बवाल के दौरान मारे गए युवक के भाई शुएब ने तत्कालीन एसपी संजीव त्यागी सहित सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए सीजेएम न्यायालय बिजनौर में प्रार्थना पत्र दिया है। सीजेएम ने इस संबंध में थाना नहटौर से आख्या तलब की है। इस मामले में 11 अगस्त को सुनवाई की तिथि नियत की है।
नहटौर में 20 दिसंबर 2019 को एनआरसी व सीएए के प्रदर्शन के दौरान पुलिस व भीड़ के बीच झड़प हो गई थी। जिसमें गोली लगने से मोहल्ला नौधा निवासी सुलेमान व मिर्दगान निवासी अनस की मौत हो गई थी। जबकि कासमपुर लेखराज निवासी ओमराज सैनी घायल हो गया था। तत्कालीन कोतवाल राजेश सोलंकी सहित कई पुलिस कर्मी भी घायल हो गए थे। पुलिस की जीप व बाइकें भी फूंकी गई थीं।
पुलिस ने 82 नामजद व अन्य अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। इस मामले में मृतक सुलेमान के भाई शुएब ने उस समय थाने सहित उच्चाधिकारियों को शिकायत करते हुए जांच की मांग की थी। उसका आरोप है कि उसे न्याय नहीं मिला। अब शुएब ने तत्कालीन एसपी संजीव त्यागी, नहटौर कोतवाल राजेश सोलंकी, कस्बा इंचार्ज आशीष तोमर, सिपाही मोहित को नामजद व तीन अन्य अज्ञात पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए न्यायालय सीजेएम बिजनौर में प्रार्थना पत्र दिया है। उसका कहना है कि घटना के दिन उसका भाई सुलेमान जुमे की नमाज पढ़कर वापस अपने घर जा रहा था। जैसे ही वह एजेंसी चौराहे पर पहुंचा तो पुलिस ने उसके भाई सुलेमान को पकड़ लिया और खींचते हुए घास मंडी के मदरसे के पास गली में ले गए। आरोप लगाया है कि एसपी संजीव त्यागी के कहने पर कांस्टेबल मोहित ने उसके भाई को गोली मार दी।
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नहटौर (बिजनौर)। एनआरसी व सीएए के बवाल के दौरान मारे गए युवक के भाई शुएब ने तत्कालीन एसपी संजीव त्यागी सहित सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए सीजेएम न्यायालय बिजनौर में प्रार्थना पत्र दिया है। सीजेएम ने इस संबंध में थाना नहटौर से आख्या तलब की है। इस मामले में 11 अगस्त को सुनवाई की तिथि नियत की है।
नहटौर में 20 दिसंबर 2019 को एनआरसी व सीएए के प्रदर्शन के दौरान पुलिस व भीड़ के बीच झड़प हो गई थी। जिसमें गोली लगने से मोहल्ला नौधा निवासी सुलेमान व मिर्दगान निवासी अनस की मौत हो गई थी। जबकि कासमपुर लेखराज निवासी ओमराज सैनी घायल हो गया था। तत्कालीन कोतवाल राजेश सोलंकी सहित कई पुलिस कर्मी भी घायल हो गए थे। पुलिस की जीप व बाइकें भी फूंकी गई थीं।
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पुलिस ने 82 नामजद व अन्य अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। इस मामले में मृतक सुलेमान के भाई शुएब ने उस समय थाने सहित उच्चाधिकारियों को शिकायत करते हुए जांच की मांग की थी। उसका आरोप है कि उसे न्याय नहीं मिला। अब शुएब ने तत्कालीन एसपी संजीव त्यागी, नहटौर कोतवाल राजेश सोलंकी, कस्बा इंचार्ज आशीष तोमर, सिपाही मोहित को नामजद व तीन अन्य अज्ञात पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए न्यायालय सीजेएम बिजनौर में प्रार्थना पत्र दिया है। उसका कहना है कि घटना के दिन उसका भाई सुलेमान जुमे की नमाज पढ़कर वापस अपने घर जा रहा था। जैसे ही वह एजेंसी चौराहे पर पहुंचा तो पुलिस ने उसके भाई सुलेमान को पकड़ लिया और खींचते हुए घास मंडी के मदरसे के पास गली में ले गए। आरोप लगाया है कि एसपी संजीव त्यागी के कहने पर कांस्टेबल मोहित ने उसके भाई को गोली मार दी।
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