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विद्यालयों के छह माह बाद खुलने से लौटी रौनक

Tue, 17 Aug 2021 12:33 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 17 Aug 2021 12:33 AM IST
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The beauty returned after six months of schools opening
बिजनौर में स्कूल खुलने पर किसान इंटर कॉलेज मंडावली में छात्राओं को पढ़ाते शिक्षक। - फोटो : BIJNOR
विद्यालयों के छह माह बाद खुलने से लौटी रौनक
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बिजनौर। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में करीब छह माह बाद रौनक लौटी है। विद्यालयों में आ रहे छात्र छात्राओं का उत्साह देखते ही बनता था। छात्र एक दूसरे से बात कर रहे थे। शिक्षकों के चेहरों पर चमक थी। विद्यालयों में प्रधानाचार्या व शिक्षकों ने छात्रों का खुश होकर स्वागत किया।
विद्यालय कोरोना के कारण मार्च से बंद थे। कोरोना के खौफ के चलते छात्रों की परीक्षा नहीं हुई। शासन के निर्देश पर सभी छात्रों को अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया गया है। शासन ने कोरोना धीरे धीरे समाप्ति की ओर देख विद्यालय एक जुलाई से विभागीय कामकाज के लिए खोल दिए थे। शिक्षक स्कूल आ रहे थे।
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सोमवार से विद्यालय छात्रों की पढ़ाई के लिए खुल गए हैं। विद्यालय दो शिफ्ट में खुलें है। हर शिफ्ट में हर कक्षा में छात्र 50 प्रतिशत आए। स्कूल आने वाले छात्रों के चेहरों पर खुशी की चमक थी। छात्र एक दूसरे के गले में हाथ डाल खुशी का इजहार कर रहे थे।
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विद्यालयों के प्रधानाचार्य व शिक्षक गेट पर खड़े छात्रों को देखकर गुरु शिष्य की गुरुकुल परंपरा को निभा रहे थे। कालेजों के गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग किया जा रहा था। शिक्षक छात्रों को थर्मल स्क्रीनिंग का महत्व समझा रहे थे। आरजेपी इंटर कालेज बिजनौर के प्रवक्ता सुधांशु वत्स, विधु शेखर चौहान, जीजीआईसी की प्रधानाचार्या निर्मला शर्मा, केआईसी मंडावली की प्रधानाचार्या सुनीति त्यागी, एमडीएस इंटर कालेज नजीबाबाद के प्रवक्ता अनिल योगी ने कहा कि छात्र छात्राओं के बिना स्कूलों का कोई महत्व नहीं है।
पहले दिन कालेजों में छात्रों की उपस्थिति आशानुरूप नहीं थी। शहरी क्षेत्र के स्कूलों में संख्या ठीक ठाक थी जबकि ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में आनुपातिक कम छात्र आए। इसको लेकर प्रधानाचार्यों का कहना है कि छात्रों के विभिन्न कक्षाओं में दाखिले होने हैं। कक्षा 11 के छात्रों के रजिस्ट्रेशन होगा। इसलिए एक दो दिन में संख्या सामान्य हो जाएगी।
मानसी किसान इंटर कालेज मंडावली में कक्षा 12 की छात्रा है। उसका कहना था कि उनकी आनलाइन पढ़ाई हो नहीं रही थी। वह खुश हैं कि स्कूल खुल गए हैं। अब पढ़ाई होगी।
अनुज कुमार भी बारहवीं का छात्र है। कहा कि छह माह से हम घर पर ही पढ़ रहे थे। कोई समस्या हो तो गांव में किससे पूछे। स्कूल खुलने से विषयवार समस्या तो दूर होंगी।
जयंत कक्षा नौ का छात्र है। कहा स्कूल जैसा माहौल घरों पर नहीं है। यहां दोस्त भी हैं। पढ़ाई के बारे में बात होने से कुछ सामान्य ज्ञान की जानकारी भी मिलेगा।

मेघा नवीं में पढ़ती है। स्कूल खुलने से खुश हैं। कहा कि स्कूल में पढ़ने के साथ सहेलियों के साथ खेलेंगे।
नामित अधिकारियों ने किया निरीक्षण
शासन ने स्कूलों के खुलने के पहले दिन निरीक्षण के लिए डायट के उप प्राचार्य बृजेंद्र कुमार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। नोडल अधिकारी ने हल्दौर के सीडी, आरएचएस, झालू के जीजीआईसी, हृदानंद इंटर कालेज, बीआईसी, आरजेपी, माडर्न एरा पब्लिक स्कूल बिजनौर व मंडावर, आदर्श विद्या निकेतन इंटर कालेज शहबाजपुर, महात्मा गांधी इंटर कालेज मंडावर का निरीक्षण किया है। डीआईओएस राजेश कुमार, राजकीय माडल स्कूल के प्रधानाचार्य अनंशु माहेश्वरी साथ रहे। जिले के सभी नोडल अधिकारियों से भी आवंटित स्कूलों में जाकर स्थिति से 16 अगस्त शाम चार बजे तक अवगत कराने को कहा है। रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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