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Bijnor News: पुलिस भर्ती के नाम पर ठगी करने वाले की जमानत निरस्त
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बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायधीश एमपी सिंह ने पुलिस में नौकरी दिलाने के नाम पर की गई धोखाधड़ी के मामले में आरोपी सेंटी कुमार की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार राजेंद्र सिंह निवासी फिरोजपुर मुबारक उर्फ नया गांव के पुत्र निखिल की फेसबुक पर सेंटी कुमार निवासी गांव शेरपुुर कल्याण से बातचीत होने लगी। सेंटी कुमार ने पुलिस दरोगा की वर्दी पहनकर उसके घर आना जाना शुरू कर दिया। कुछ दिन बाद उसने राजेंद्र सिंह से कहा कि मैं तुम्हारे बेटे निखिल को पुलिस में भर्ती करा दूंगा। चार लाख रुपये का खर्चा आएगा। एक लाख रुपये पहले दे दो। एक लाख रुपये ज्वानिंग लेटर प्राप्त करने पर देने होंगे। बाकी दो लाख रुपये ज्वानिंग होने पर देने होंगे।
इसके बाद सेंटी कुमार ने अपने दोस्त के खाते में 98 हजार रुपये जमा करने के साथ ही दो हजार रुपये नकद दिए। इसके बाद सेंटी ने फर्जी नियुक्ति पत्र देते हुए और पैसे मांगे। शक होने पर राजेंद्र सिंह ने पुलिस को बुलाकर उसे पकड़वा दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि वह पुलिस विभाग में किसी पद पर कार्यरत नहीं है। कोर्ट ने सेंटी कुमार के अपराध को गंभीर प्रकृति का मानते हुए उसकी जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार राजेंद्र सिंह निवासी फिरोजपुर मुबारक उर्फ नया गांव के पुत्र निखिल की फेसबुक पर सेंटी कुमार निवासी गांव शेरपुुर कल्याण से बातचीत होने लगी। सेंटी कुमार ने पुलिस दरोगा की वर्दी पहनकर उसके घर आना जाना शुरू कर दिया। कुछ दिन बाद उसने राजेंद्र सिंह से कहा कि मैं तुम्हारे बेटे निखिल को पुलिस में भर्ती करा दूंगा। चार लाख रुपये का खर्चा आएगा। एक लाख रुपये पहले दे दो। एक लाख रुपये ज्वानिंग लेटर प्राप्त करने पर देने होंगे। बाकी दो लाख रुपये ज्वानिंग होने पर देने होंगे।
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इसके बाद सेंटी कुमार ने अपने दोस्त के खाते में 98 हजार रुपये जमा करने के साथ ही दो हजार रुपये नकद दिए। इसके बाद सेंटी ने फर्जी नियुक्ति पत्र देते हुए और पैसे मांगे। शक होने पर राजेंद्र सिंह ने पुलिस को बुलाकर उसे पकड़वा दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि वह पुलिस विभाग में किसी पद पर कार्यरत नहीं है। कोर्ट ने सेंटी कुमार के अपराध को गंभीर प्रकृति का मानते हुए उसकी जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
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