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Bijnor News: कार्तिक पूर्णिमा पर बनी थी नींदडू पर हमले की योजना

Sun, 26 Nov 2023 11:21 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 26 Nov 2023 11:21 PM IST
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The attack on Neendu was planned on Kartik Purnima.
नींदडू क्षेत्र में मुकट सिंह शेखावत संस्थान मौरना का शौर्य स्तंभ।
इतिहास के पन्नों से
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कार्तिक पूर्णिमा से जुड़ी है नींदडू के नवाब और राजपूतों में युद्ध की घटना
राजस्थान के 12 राजपूत राजाओं ने नींदडू पर हमले की योजना बनाई थी

संवाद न्यूज एजेंसी
नींदडू (बिजनौर)। नींदडू के नवाब और राजपूतों में युद्ध की घटना कार्तिक पूर्णिमा से जुड़ी है। इस दिन राजस्थान के 12 राजपूत राजाओं ने नींदडू पर हमले की योजना बनाई थी। कहा जाता है कि राजा नबल सिंह ने नबलगढ़ नाम से बस्ती बसाकर अपनी राजधानी बनाया था। बाद में यह निबलगढ़, निंदड़गढ़ और वर्तमान में निंदडू (नींदडू) हो गया।
मुगल शासक हुमायूं के जागीरदार फतेह उल्लाह खां ने नबलगढ़ पर हमला कर राजा नबल सिंह की हत्या कर दी और नींदडू पर कब्जा कर लिया। 1542 में अमरोहा, ठाकुरद्वारा और बिजनौर परगना शेरकोट, सरकार (जनपद) मधी, सुबास (सूबा) संभल के अंतर्गत थे।
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सेवानिवृत सीएमओ डॉ. परवेंद्र सिंह (मौल्लावाला) बताते हैं कि बाबर ने हरिद्वार और संभल क्षेत्र में मांस-मदिरा पर प्रतिबंध लगा रखा था। हुमायूं और शेरशाह सूरी के बीच लड़ाई के चलते दोनों की ताकत कमजोर हो गई। जागीरदारों ने जागीरों पर कब्जा कर स्वयं को नवाब घोषित कर दिया। नींदडू के पास मधी में सिद्ध बाबा श्रवण का आश्रम था। प्रतिबंध के बावजूद पठान सैनिकों ने हिरन का शिकार कर आश्रम में मांस बनाया।
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इससे सिद्ध बाबा की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और वे आश्रम छोड़कर गढ़ चले गए। संयोग से कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले गंगा स्नान मेले में राजस्थान से राजपूत राजा आए हुए थे। उन्होंने बाबा से भोजन करने को कहा। बाबा ने घटना से अवगत कराते हुए फतह उल्लाह खां से बदला लेने की शर्त रखी।


आरएसएम महाविद्यालय धामपुर के सेवानिवृत प्रोफेसर डा. चेतन स्वरूप रजावत (सरकथल माधो) बताते हैं कि राजस्थान के सीकर जिले की खूड़ रियासत की जागीर सुरोड़ा मोहनपुरा के राजा मुकट सिंह (मुकंद सिंह) शेखावत ने फतह उल्लाह खां से बदला लेने का प्रण लेते हुए बाबा को भोजन कराया था। युद्ध के लिए 12 राजा सहमत हुए। नींदडू पर हमले की योजना कार्तिक पूर्णिमा पर बनी थी, किंतु हमला बाद में किया गया। लड़ाई में फतह उल्लाह खां मारे गए तथा नींदडू रियासत को राजाओं ने आपस में बांट लिया।


शौर्य स्तंभ पर अंकित है नाम

महाराज मुकट सिंह शेखावत संस्थान मोरना (बिजनौर) में बने शौर्य स्तंभ पर मुकट सिंह शेखावत, राजा मालदेव सिंह नरूका, राजा राम सिंह राजावत, राजा आनंद सिंह कछवाहा, राजा अमरजीत सिंह हाडा, राजा रणधीर सिंह चौहान, राजा गजानन देव सिंह देवड़ा, राजा मांधाता सिंह चौहान, राजा रामचंद्र सिंह गहलौत, राजा गोपीचंद्र गहलौत, राजा बाघचंद्र त्रिलोकचंद्र बैंस तथा राजा बलभद्र सिंह के नाम अंकित हैं। नींदडू व मधी में महल, इमारतें व आश्रम के अवशेष मौजूद नहीं हैं। फतेह उल्लाह खां का मजार है, जिस पर सालाना उर्स लगता था।

नींदडू क्षेत्र में मुकट सिंह शेखावत संस्थान मौरना का शौर्य स्तंभ।

नींदडू क्षेत्र में मुकट सिंह शेखावत संस्थान मौरना का शौर्य स्तंभ।

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