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टेंडर हुए, वर्क ऑर्डर लिए, धरातल पर नहीं हुए 55 काम
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टेंडर हुए, वर्क ऑर्डर लिए, धरातल पर नहीं हुए 55 काम
बिजनौर। टेंडर निकला, वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिए गए, लेकिन 55 विकास कार्य धरातल पर नहीं उतर सके। जिला पंचायत के ठेकेदार काम चालू कराने के लिए मुफीद वक्त का इंतजार करते रहे, इस बीच 15 काम दूसरे विभागों ने करा दिए। अब जिला पंचायत की ओर से इन कामों को निरस्त करने की तैयारी चल रही है।
जिला पंचायत की ओर से जनवरी में करीब 300 विकास कार्यों के टेंडर निकाले गए थे। टेंडर खुलने के बाद ठेकेदारों को वर्कऑर्डर भी जारी कर दिए गए। छह महीने में इन कामों को पूरा करना था, लेकिन 55 काम विवादों में फंस गए। हालांकि विवादों में केवल नाला और तालाब की दीवार के निर्माण ही फंसे। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कुछ जगहों पर नालों का निर्माण ग्रामीणों की गुटबंदी के चलते नहीं हो सका। उधर, जिन तालाबों में पानी भरा हुआ था, उनकी दीवार के निर्माण का काम चालू ही नहीं किया गया। कुछ जगहों पर ठेकेदारों ने पानी के कम हो जाने का इंतजार किया तो कुछ जगह के तालाबों में मछली पालन के चलते पानी को कम नहीं किया जा सका। नतीजा यह रहा कि इन तालाबों की दीवार धरातल पर नहीं आ सकी। जिला पंचायत के अधिकारियों की काफी मशक्कत के बाद 55 जगहों पर काम नहीं लग पाया। जिस पर ठेकेदारों को नोटिस जारी किए गए। दो-दो बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं। उधर, संबंधित अवर अभियंताओं से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
अन्य विभागों ने कर डाले 15 काम
जिला पंचायत के जो 55 काम धरातल पर चालू नहीं हो पाए थे, उनमें 15 काम ऐसे रहे जो दूसरे विभागों ने कर डाले। इनमें क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायतों की ओर से कराए गए हैं, जबकि ये 15 काम भी जिला पंचायत की योजना में शामिल थे और इनके वर्क ऑर्डर भी जारी किए गए थे।
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जिला पंचायत को विकास कार्यों के करीब 300 काम कराने थे, जिनमें 55 काम चालू ही नहीं हो पाए। इनमें तालाबों की दीवार और नाला निर्माण शामिल हैं। 15 काम दूसरे विभागों ने कर डाले। 35 काम मौके पर नहीं हुए, इनमें नोटिस जारी किए गए। निरस्त करने की प्रक्रिया चल रही है।
-श्याम बहादुर शर्मा, एएमए जिला पंचायत
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बिजनौर। टेंडर निकला, वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिए गए, लेकिन 55 विकास कार्य धरातल पर नहीं उतर सके। जिला पंचायत के ठेकेदार काम चालू कराने के लिए मुफीद वक्त का इंतजार करते रहे, इस बीच 15 काम दूसरे विभागों ने करा दिए। अब जिला पंचायत की ओर से इन कामों को निरस्त करने की तैयारी चल रही है।
जिला पंचायत की ओर से जनवरी में करीब 300 विकास कार्यों के टेंडर निकाले गए थे। टेंडर खुलने के बाद ठेकेदारों को वर्कऑर्डर भी जारी कर दिए गए। छह महीने में इन कामों को पूरा करना था, लेकिन 55 काम विवादों में फंस गए। हालांकि विवादों में केवल नाला और तालाब की दीवार के निर्माण ही फंसे। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कुछ जगहों पर नालों का निर्माण ग्रामीणों की गुटबंदी के चलते नहीं हो सका। उधर, जिन तालाबों में पानी भरा हुआ था, उनकी दीवार के निर्माण का काम चालू ही नहीं किया गया। कुछ जगहों पर ठेकेदारों ने पानी के कम हो जाने का इंतजार किया तो कुछ जगह के तालाबों में मछली पालन के चलते पानी को कम नहीं किया जा सका। नतीजा यह रहा कि इन तालाबों की दीवार धरातल पर नहीं आ सकी। जिला पंचायत के अधिकारियों की काफी मशक्कत के बाद 55 जगहों पर काम नहीं लग पाया। जिस पर ठेकेदारों को नोटिस जारी किए गए। दो-दो बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं। उधर, संबंधित अवर अभियंताओं से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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अन्य विभागों ने कर डाले 15 काम
जिला पंचायत के जो 55 काम धरातल पर चालू नहीं हो पाए थे, उनमें 15 काम ऐसे रहे जो दूसरे विभागों ने कर डाले। इनमें क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायतों की ओर से कराए गए हैं, जबकि ये 15 काम भी जिला पंचायत की योजना में शामिल थे और इनके वर्क ऑर्डर भी जारी किए गए थे।
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जिला पंचायत को विकास कार्यों के करीब 300 काम कराने थे, जिनमें 55 काम चालू ही नहीं हो पाए। इनमें तालाबों की दीवार और नाला निर्माण शामिल हैं। 15 काम दूसरे विभागों ने कर डाले। 35 काम मौके पर नहीं हुए, इनमें नोटिस जारी किए गए। निरस्त करने की प्रक्रिया चल रही है।
-श्याम बहादुर शर्मा, एएमए जिला पंचायत