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किसानों को गन्ने में लगने वाली बीमारी व उपचार बताए

Sat, 14 Dec 2019 12:57 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 14 Dec 2019 12:57 AM IST
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Tell farmers about the disease and treatment of sugarcane
नगीना। गन्ना शोध संस्थान मुरादाबाद के तत्वावधान में ग्राम हरगांव चांदन एवं हैजरपुर में हुई कृषक गोष्ठी में किसानों को गन्ने में लगने वाली बीमारियों एवं उनके उपचार की जानकारी दी। रेड रॉट बीमारी को गन्ने का कैंसर बताया।
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गन्ना शोध संस्थान के सहायक निदेशक मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि गन्ने में लगने वाली रेड रॉट बीमारी सबसे घातक एवं गन्ने का कैंसर जैसी है। इस रोग के लगने पर गन्ने की पैदावार और चीनी रिकवरी दोनों ही प्रभावित होती हैं। उन्होंने कहा कि रेड रॉट बीमारी की रोकथाम के लिए गन्ना बुवाई के समय बाविस्टिन दवाई 112 ग्राम को 112 लीटर पानी में घोलकर रोग मुक्त गन्ना पेड़ी को आधा घंटे इस दवा युक्त पानी में डुबोए रखने के बाद बुवाई करें। गन्ना विकास परिषद बुंदकी, नगीना के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अविनाश चंद्र तिवारी ने गन्ने की सहफसली खेती, गन्ना विकास परिषद एवं समिति द्वारा गन्ना किसानों को दी जाने वाली दवाईयों एवं उनके उपयोग की जानकारी दी। सहकारी गन्ना विकास समिति नगीना के सचिव विनोद सिंह परमार ने भी गन्ने में लगने वाले विभिन्न रोगों एवं कीटों और उनके उपचार के साथ नवीन गन्ना सट्टा नीति की कृषकों को जानकारी दी। गन्ना पर्यवेक्षक कावेंद्र सिंह तथा राजवीर सिंह ने गन्ना फसल में जैव उर्वरक के प्रयोग एवं उनके लाभ के विषय में बताया। इस अवसर पर किसान चंद्रभान सिंह, अलाउद्दीन, जगदीश, नंदकिशोर, हरपाल सिंह, निरंजन सिंह, योगेश कुमार एवं थम्मन सिंह ने भी अपने विचार रखें।
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