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अदालत के आदेश पर पिता को सौंपी किशोरी
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Fri, 09 Jun 2017 12:00 AM IST
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बिजनौर में एडीजे पोक्सो कोर्ट ओपी वर्मा ने प्रेमी के साथ फरार हुई नाबालिग लड़की को उसके पिता की सुपुर्दगी में सौंपने के आदेश विवेचक को दिए हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी लिखा है कि सुपुर्दगी के दौरान लड़की को उसका पिता उसे प्रताड़ित नहीं करेगा।
थाना अफजलगढ़ के एक गांव की नाबालिग अपने प्रेमी के साथ चार जून को चली गई थी। लड़की के पिता ने थाने में उसके अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लड़की को उसके प्रेमी के पास से बरामद कर लिया गया था और अपहरणकर्ता योगेेश को जेल भेज दिया था। बृहस्पतिवार को पुलिस ने मेडिकल कराकर लड़की को कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। वहां मजिस्ट्रेट द्वारा उसके बयान दर्ज किए गए। विवेचक ने लड़की की सुपुर्दगी निर्धारित करने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। लड़की के पिता की ओर से भी अदालत में प्रार्थनापत्र देकर लड़की को नाबालिग बताया गया। उसने लड़की को नाबालिग बताते हुए उसकी सुपुर्दगी में देने की गुहार लगाई। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि शैक्षिक प्रमाणपत्र के आधार पर लड़की की आयु 18 साल से कम पाते हुए लड़की को उसके पिता की सुपुर्दगी में सौंपने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने यह भी कहा है कि वह लड़की को प्रताड़ित नहीं करेगा।
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थाना अफजलगढ़ के एक गांव की नाबालिग अपने प्रेमी के साथ चार जून को चली गई थी। लड़की के पिता ने थाने में उसके अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लड़की को उसके प्रेमी के पास से बरामद कर लिया गया था और अपहरणकर्ता योगेेश को जेल भेज दिया था। बृहस्पतिवार को पुलिस ने मेडिकल कराकर लड़की को कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। वहां मजिस्ट्रेट द्वारा उसके बयान दर्ज किए गए। विवेचक ने लड़की की सुपुर्दगी निर्धारित करने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। लड़की के पिता की ओर से भी अदालत में प्रार्थनापत्र देकर लड़की को नाबालिग बताया गया। उसने लड़की को नाबालिग बताते हुए उसकी सुपुर्दगी में देने की गुहार लगाई। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि शैक्षिक प्रमाणपत्र के आधार पर लड़की की आयु 18 साल से कम पाते हुए लड़की को उसके पिता की सुपुर्दगी में सौंपने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने यह भी कहा है कि वह लड़की को प्रताड़ित नहीं करेगा।
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