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वॉयरल बुखार से किशोरी की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
Updated Sat, 04 Nov 2017 12:28 AM IST
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डेंगू
- फोटो : डेंगू
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बिजनौर के हरेवली के गांव नूरपुर छिपरी में पिता की मौत के पांच माह बाद वायरल बुखार से किशोरी की मौत हो गई। घटना से परिवार में कोहराम मचा है। मां कहना है कि वह मेहनत-मजूदरी करके तीन बच्चों को पोषण करती हैं। पांच माह के भीतर बुखार से परिवार में दूसरी मौत हो चुकी हैं। परिवार को सरकार से मदद की दरकार हैं। चिकित्सकों ने मामला संज्ञान में होने इंकार किया है।
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गांव निवासी काजल (16) पुत्री छतरपाल एक सप्ताह से बुखार से बीमार चल रही थी। उसका आसपास भी उपचार कराया, लेकिन जब किशोरी को आराम नहीं मिला तो परिजन उसे नजीबाबाद में एक प्राइवेट अस्पताल में उपचार के लिए ले गए। वहां पर उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। किशोरी की मां बसंती का कहना है कि वह भट्टे पर मेहनत मजदूरी कर बच्चों का लालन पालन कर रही हैं। उसके दो बेटे और दो बटी हैं। एक बेटी की शुक्रवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। पांच माह पहले उसके पति छतरपाल की मौत हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग ने घर में आकर तक नहीं देखा। उधर डा. पीके गुप्ता का कहना है कि मामला संज्ञान में हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर गांव में कैंप लगाया जाएगा। किशोरी के पिता की मौत टीबी से हुई थी।
गजरौला शिव क्षेत्र में डेंगू का प्रकोप
कई पीड़ित, क्षेत्रवासियों में दहशत
अमर उजाला ब्यूरो
गजरौलाशिव/बिजनौर।
गांव गजरौला शिव क्षेत्र में डेंगू और बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। करीब एक दर्जन लोग डेंगू और सैकड़ों बुखार से पीड़ित है। अधिकांश निजी अस्पतालों में उपचार करा रहे है। इससे क्षेत्रवासियों में दहशत है।
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कोतवाली शहर के गांव गजरौलाशिव, अचपल, जंदरपुर और मुकीमपुर के क्षेत्रवासियों को डेंगू का डंक लग रहा है। गांव के गजेंद्र सिंह, छत्रपाल, फुरकान अहमद, मोहसीन, नवाब, कादिर, सितार समेत एक दर्जन लोग डेंगू से पीड़ित है। इकरामुद्दीन, रिहान अहमद, मकसूद, समा परवीन, मुस्तकीम शाह, वाजुद्दीन समेत क्षेत्र के करीब सैकड़ों लोग बुखार की चपेट में है। गजेंद्र ने बताया कि अधिकांश डेंगू और बुखार से पीड़ितों का इलाज बिजनौर के निजी अस्पतालों में चल रहा है। निजी चिकित्सक मरीजों को दिन भर भर्ती रखते है और शाम को छुट्टी कर देते हैं ।अगले दिन फिर से बुला लेते हैं। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग उनके कोई सुध नहीं ले रहा है। इसके कारण बुखार और डेंगू के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने गांवों में कैंप लगवाने की मांग भी की है।
डीएमओ ब्रजभूषण ने बताया कि शनिवार को ही गांवों में टीम भेजी जाएगी। वहां पीड़ित लोगों की जांच की जाएगी। भर्ती करने के लिए जिला अस्पताल में डेंगू वार्ड भी बना हुआ है।
पंकज कर रहा कीटनाशक का छिड़काव
गजरौलाशिव। डेंगू और बुखार के प्रकोप को देखते हुए डेंगू से पीड़ित गजेंद्र सिंह के भतीजे पंकज ने अपने पैसे से मोहल्ले में कीटनाशक छिड़काव शुरू कर दिया है। पंकज का कहना है कि सभी जिम्मेदारी प्रशासन पर नहीं छोड़ी जा सकती है। ग्रामवासियों को स्वस्थ्य रहना है तो उन्होंने भी अपने आसपास की साफ-सफाई करनी होगी।
मोहल्ला खत्रियान में 22 का चेकअप
बिजनौर। स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार रामलीला ग्राउंड स्थित मोहल्ला खत्रियान में मरीजों को परीक्षण किया। टीम ने वहां 22 मरीजों को बुखार की दवाई भी बांटी। डीएमओ ब्रजभूषण ने बताया कि मृतक कलवा की मौत डेंगू से नहीं बल्कि पीलिया से हुई है। वह काफी दिनों से बीमार था। उन्होंने बताया कैंप लगाकर मोहल्ले में दवाइयां भी दी गई है। टीम में डा. आसिफ, खूब सिंह और शाकिर मौजूद रहे।
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