{"_id":"60f46c3f8ebc3e6d3d2c83f4","slug":"teachers-asked-for-the-right-from-the-tweet-campaign-bijnor-news-mrt5479922170","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्वीट अभियान से शिक्षकों ने मांगा हक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्वीट अभियान से शिक्षकों ने मांगा हक
विज्ञापन
ट्वीट अभियान से शिक्षकों ने मांगा हक
बिजनौर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा के आह्वान पर शिक्षकों ने ट्वीट कर 21 सूत्रीय मांगों को पूरा करने के लिए अभियान चलाया। जिसमें शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन बहाल कराने व स्कूलों में प्रधानाध्यापकों के पदों पर पदोन्नति दिलाने की मांग की गई है।
प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में लंबे समय से शिक्षकों के प्रमोशन नहीं किए गए हैं। साथ ही लंबे अरसे से शिक्षक पुरानी पेंशन बहाल कराने की मांग करते रहे हैं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा एवं महामंत्री ठाकुर संजय सिंह ने शिक्षकों की 21 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन का बिगुल बजा रखा है। जिसके अंतर्गत रविवार को प्रदेश के तमाम शिक्षकों ने ट्वीट अभियान के माध्यम से शिक्षकों की मांगों को पूरा करने की जोरदार वकालत की। संघ के जिला महामंत्री प्रशांत सिंह ने बताया की शिक्षकों की अनेक समस्याएं लंबित है। कई बार प्रांत संगठन की ओर से प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री को मांग पत्र भेजे जा चुके हैं।
महंगाई भत्ते को बहाल करने में भी सरकार खेला कर रही है। प्रदेश के जूनियर हाई स्कूलों में प्रधानाध्यापकों के पद रिक्त पड़े हैं। इन स्कूलों में क्लर्क नहीं है। फोर्थ क्लास कर्मचारी की कोई व्यवस्था नहीं हैं। जबकि तमाम पोर्टल शासन ने डाउनलोड करा दिए हैं। ऐसे में शिक्षण कार्य भी कर आना मुश्किल काम होगा। उन्होंने बताया कि जिले में तमाम शिक्षकों ने ट्वीट कर शिक्षकों की 21 सूत्री मांग पूरा करने की वकालत की है। दूसरी ओर ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद चौधरी, देवेंद्र कुमार शर्मा, जितेंद्र कुमार, धर्मेंद्र कुमार, यशवीर सिंह आदि के नेतृत्व में ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों ने ट्वीट के माध्यम से मांगों को पूरा करने की वकालत की है।
विज्ञापन
मृतकों के आश्रितों को मिले शिक्षक का दर्जा
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने कोरोना से हुई शिक्षकों की मौत पर चिंता जताई है। महासंघ ने स्कूलों में अध्यापक बनाने या क्लर्क बनाने की जोरदार वकालत की है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला अध्यक्ष दिग्विजय चौधरी ने बताया कि रविवार को पूरे प्रदेश में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारियों व सदस्यों ने ट्वीट कर मृतक आश्रित शिक्षकों के परिजनों को उनका हक दिलाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों के आश्रितों को शिक्षक का दर्जा दिया जाए या उनके परिजनों को स्कूलों में क्लर्क के पद पर तैनात किया जाए।
विज्ञापन
बिजनौर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा के आह्वान पर शिक्षकों ने ट्वीट कर 21 सूत्रीय मांगों को पूरा करने के लिए अभियान चलाया। जिसमें शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन बहाल कराने व स्कूलों में प्रधानाध्यापकों के पदों पर पदोन्नति दिलाने की मांग की गई है।
प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में लंबे समय से शिक्षकों के प्रमोशन नहीं किए गए हैं। साथ ही लंबे अरसे से शिक्षक पुरानी पेंशन बहाल कराने की मांग करते रहे हैं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा एवं महामंत्री ठाकुर संजय सिंह ने शिक्षकों की 21 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन का बिगुल बजा रखा है। जिसके अंतर्गत रविवार को प्रदेश के तमाम शिक्षकों ने ट्वीट अभियान के माध्यम से शिक्षकों की मांगों को पूरा करने की जोरदार वकालत की। संघ के जिला महामंत्री प्रशांत सिंह ने बताया की शिक्षकों की अनेक समस्याएं लंबित है। कई बार प्रांत संगठन की ओर से प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री को मांग पत्र भेजे जा चुके हैं।
विज्ञापन
महंगाई भत्ते को बहाल करने में भी सरकार खेला कर रही है। प्रदेश के जूनियर हाई स्कूलों में प्रधानाध्यापकों के पद रिक्त पड़े हैं। इन स्कूलों में क्लर्क नहीं है। फोर्थ क्लास कर्मचारी की कोई व्यवस्था नहीं हैं। जबकि तमाम पोर्टल शासन ने डाउनलोड करा दिए हैं। ऐसे में शिक्षण कार्य भी कर आना मुश्किल काम होगा। उन्होंने बताया कि जिले में तमाम शिक्षकों ने ट्वीट कर शिक्षकों की 21 सूत्री मांग पूरा करने की वकालत की है। दूसरी ओर ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद चौधरी, देवेंद्र कुमार शर्मा, जितेंद्र कुमार, धर्मेंद्र कुमार, यशवीर सिंह आदि के नेतृत्व में ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों ने ट्वीट के माध्यम से मांगों को पूरा करने की वकालत की है।
विज्ञापन
मृतकों के आश्रितों को मिले शिक्षक का दर्जा
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने कोरोना से हुई शिक्षकों की मौत पर चिंता जताई है। महासंघ ने स्कूलों में अध्यापक बनाने या क्लर्क बनाने की जोरदार वकालत की है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला अध्यक्ष दिग्विजय चौधरी ने बताया कि रविवार को पूरे प्रदेश में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारियों व सदस्यों ने ट्वीट कर मृतक आश्रित शिक्षकों के परिजनों को उनका हक दिलाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों के आश्रितों को शिक्षक का दर्जा दिया जाए या उनके परिजनों को स्कूलों में क्लर्क के पद पर तैनात किया जाए।