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Bijnor News: बोले शिक्षक... समय प्रबंधन और प्रश्नपत्र हल करने का करें अभ्यास
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बिजनौर। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बृहस्पतिवार को राजा ज्वाला प्रसाद आर्य इंटर कॉलेज में संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को तनावमुक्त होकर बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना रहा। संवाद के दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों को परीक्षा की रणनीति, समय प्रबंधन और लेखन अभ्यास से जुड़ी अहम जानकारियां दीं।
कार्यक्रम में शिक्षकों ने कहा कि प्री-बोर्ड परीक्षाएं बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए बेहद उपयोगी हैं। इससे विद्यार्थियों को वास्तविक परीक्षा का अनुभव मिलता है, जिससे उनका डर और तनाव कम होता है। साथ ही समय प्रबंधन और प्रश्न पत्र हल करने की आदत विकसित होती है।
उप प्रधानाचार्य गयूर आसिफ ने विद्यार्थियों को नियमित कक्षाओं में उपस्थित रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बिना तनाव के पढ़ाई करें और पुराने वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल करने के साथ-साथ लिखने का निरंतर अभ्यास करते रहें। इससे आत्मविश्वास बढ़ेगा।
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शिक्षक वाजिद हुसैन ने कहा कि कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें महत्वपूर्ण टॉपिक पर विशेष अभ्यास कराना जरूरी है। इससे विद्यार्थी मानसिक रूप से मजबूत होंगे और परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त कर सकेंगे।
शिक्षक नरेंद्र सिंह ने सुझाव दिया कि परीक्षा के दौरान सबसे पहले प्रश्न पत्र को ध्यान से पढ़ें और फिर साफ व सही लेखनी में उत्तर लिखें।
शिक्षक बालेश कुमार ने ओएमआर शीट सही तरीके से भरने पर जोर दिया और कहा कि छोटी-छोटी गलतियां बड़े नुकसान का कारण बन सकती हैं। शिक्षक सुधांशु वत्स ने विद्यार्थियों की समय-समय पर काउंसिलिंग को आवश्यक बताया और पुराने प्रश्न पत्रों के अभ्यास पर बल दिया।
शिक्षिका कुमुद चौहान ने कहा कि बोर्ड परीक्षार्थी परीक्षा की तैयारी मन से तनाव रहित होकर करें, परंत खान-पान का विशेष ध्यान रखे। पर्याप्ता मात्रा में पानी पीये और पोष्टिक खाना खाएं। शिक्षक चंद्रहास सिंह एवं ब्रजेश कुमार ने कहा कि नियमित पढ़ाई से विद्यार्थी तनावमुक्त रहते हैं। समय प्रबंधन के साथ लेखन अभ्यास भी जरूरी है।
कार्यक्रम में शिक्षक विनीत कुमार गहलौत, शिक्षिका कुसुम नरेश कुमार, सुरेंद्र कुमार सहित अन्य शिक्षकों ने भी अपने विचार साझा किए।
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कार्यक्रम में शिक्षकों ने कहा कि प्री-बोर्ड परीक्षाएं बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए बेहद उपयोगी हैं। इससे विद्यार्थियों को वास्तविक परीक्षा का अनुभव मिलता है, जिससे उनका डर और तनाव कम होता है। साथ ही समय प्रबंधन और प्रश्न पत्र हल करने की आदत विकसित होती है।
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उप प्रधानाचार्य गयूर आसिफ ने विद्यार्थियों को नियमित कक्षाओं में उपस्थित रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बिना तनाव के पढ़ाई करें और पुराने वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल करने के साथ-साथ लिखने का निरंतर अभ्यास करते रहें। इससे आत्मविश्वास बढ़ेगा।
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शिक्षक वाजिद हुसैन ने कहा कि कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें महत्वपूर्ण टॉपिक पर विशेष अभ्यास कराना जरूरी है। इससे विद्यार्थी मानसिक रूप से मजबूत होंगे और परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त कर सकेंगे।
शिक्षक नरेंद्र सिंह ने सुझाव दिया कि परीक्षा के दौरान सबसे पहले प्रश्न पत्र को ध्यान से पढ़ें और फिर साफ व सही लेखनी में उत्तर लिखें।
शिक्षक बालेश कुमार ने ओएमआर शीट सही तरीके से भरने पर जोर दिया और कहा कि छोटी-छोटी गलतियां बड़े नुकसान का कारण बन सकती हैं। शिक्षक सुधांशु वत्स ने विद्यार्थियों की समय-समय पर काउंसिलिंग को आवश्यक बताया और पुराने प्रश्न पत्रों के अभ्यास पर बल दिया।
शिक्षिका कुमुद चौहान ने कहा कि बोर्ड परीक्षार्थी परीक्षा की तैयारी मन से तनाव रहित होकर करें, परंत खान-पान का विशेष ध्यान रखे। पर्याप्ता मात्रा में पानी पीये और पोष्टिक खाना खाएं। शिक्षक चंद्रहास सिंह एवं ब्रजेश कुमार ने कहा कि नियमित पढ़ाई से विद्यार्थी तनावमुक्त रहते हैं। समय प्रबंधन के साथ लेखन अभ्यास भी जरूरी है।
कार्यक्रम में शिक्षक विनीत कुमार गहलौत, शिक्षिका कुसुम नरेश कुमार, सुरेंद्र कुमार सहित अन्य शिक्षकों ने भी अपने विचार साझा किए।